Breaking News
Oplus_131072

कट्टरपंथियों द्धारा हिंदुओं को बदनाम करने की साजिश

Advertisements

कट्टरपंथियों द्धारा हिंदुओं को बदनाम करने की साजिश

Advertisements

टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री : सह-संपादक रिपोर्ट

Advertisements

नई दिल्ली। दुनिया भर में कट्टरपंथियों द्धारा सनातन हिन्दू धर्म को बदनाम करने की साजिश की जा रही है? जबकि दुनियाभर के सभी धर्मों में सनातन हिंदू धर्म को सबसे शांतिप्रिय धर्म माना जाता है। अब इसी धर्म को मानने वाले लोगों के ऊपर दुनिया भर में हमला हो रहा है।

14 लाख हिंदू और 11 लाख पाकिस्तानी है 4 प्रतिशत मुस्लिम और हिंदू 1.5 प्रतिशत हैजेलों में 18 फीसदी मुस्लिम कैदी है

सभी धर्मों में हिंदू धर्म को सबसे शांतिप्रिय धर्म माना जाता है। अब इसी धर्म को मानने वाले लोगों के ऊपर दुनिया भर में हमला हो रहा है। हाल के कुछ महीनों में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा के आकंड़े बढ़ते नजर आ रहे हैं। देखिए दुनियाभर में लाखों मुस्लिम आपस में लड झगडकर मर कट रहे है. इसलिए वे रंजिश और खुन्नस की भावनाओं के आवेश में आकर हिंदुओं को क्यों निशाना बनाया जा रहा है। क्या इसके पीछे कोई गैंग शामिल है। जो विश्व भर में हिंदू धर्म को बदनाम कर और निचा दिखाने के लिए साजिश कर रहा है। कुछ दिन पहले ही ब्रिटेन में हिंदुओं के खिलाफ एक मामला देखने को मिला। अब सवाल बनता है कि आखिर ये कौन लोग है, जो हिंदुओं को टारगेट कर रहे हैं। एक शोध में खुलासा हुआ है कि हिंदुओं को साजिश के तहत दुनिया भर में उनको निशाना बनाया जा रहा है.

मंदिरों पर हमला पाकिस्तानी कट्टरपंथी मुस्लिमों का हाथ

ब्रिटेन के लिस्टर और बमिर्घम के स्मैडेक में जो मंदिरों के ऊपर हमला हुआ था। उसमें पाकिस्तानी जिहादी गैंग का नाम सामने आ रहा है। ब्रिटिश खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, पाकिस्तान के जिहादी टेरर नेटवर्क यूरोप में जिहाद फैलाने और हिंदुओं को निशान बनाने का योजना बना रहे हैं। वही ये भी बताया कि पाकिस्तान से आंतकियों को लाकर ब्रिटेन के मदरसों में चलने वाले सेफ शेल्टर हाउस में रखा जाता है। आपको याद होगा कि पाकिस्तानी आंतकियों के आंतक से ब्रिटने पहले ही दहल चुका है। साल 2005 में हुए बम धमाके में अलकायदा नेटवर्क का ही हाथ था।

कौन कर रहा है साजिश

अमेरिकी संस्था नेटवर्क कंटेजियन रिसर्च इंस्टीट्यूट के शोध में खुलासा किया गया है कि हिंदुओं के खिलाफ नफरत और हिंसा के मामलों में 1000 फीसदी बढ़ोत्तरी हुई है। इस इंस्टीट्यूट के सह सस्थापक जोएल फिंकेलस्टाइन ने कहा कि हिंदुओं विरोधी मीम्स, नफरत और हिंसक एजेंडा बनाया जा रहा है। दुनिया भर में हमले और नफरत का माहौल बनाने में श्वेत वर्चस्ववादी और कट्टरपंथी मुस्लिम लोगों का हाथ है।

आपको बता दें कि पिछले पांच सालों में हिंदुओं पर हमले दुनिया भर में बढ़े हैं। फिंकेलस्टाइन के मुताबिक, सबसे अधिक मामले अमेरिका, कानाडा, और ऑस्ट्रेलिया जैसे बड़े देशों में हिंसा हुए हैं। उन्होंने बताया कि हिंदूफोबिया को एक साजिश के तहत बढ़ाया जा रहा है। अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2020 में भारतवंशी अमेरिकियों के ऊपर हमले 500 फीसदी बढ़े। इन आकंड़ो में सबसे अधिक हिंदू धर्म को मानने वाले लोग थे।

ब्रिटेन के क्राइम रेट में हिंदू कहां?

ब्रिटेन की संसद में पेश एक रिपोर्ट के मुताबिक, देश की कुल 7 करोड़ की आबादी में 4 प्रतिशत मुस्लिम और हिंदू 1.5 प्रतिशत है। ब्रिटेन के क्राइम में सबसे अधिक योगदान मुस्लिमों का है। ब्रिटेन के जेलों में 18 फीसदी मुस्लिम कैदी है। वही हिंदू कोई भी जघन्य क्राइमों में शामिल नहीं है और नाही जेल में है। जनगणना की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 14 लाख हिंदू और 11 लाख पाकिस्तानी है। अगर सिर्फ मुस्लिम आबादी की बात करे तो 28 लाख है।

हिंदुओं के खिलाफ बढते हिंसा देख भारत सरकार एक्शन में

हिंदुओं के खिलाफ बढ़ते हिंसा देख भारत सरकार ने एक एडवाजिरी जारी किया है। हिंसा का सबसे अधिक असर कनाडा और ब्रिटेन में देखने को मिला है। विदेश मंत्रालय ने कनाडा में रहने वाले सभी भारतीय नागरिकों से अपील किया है कि आप सभी को चौकस रहने की जरुरत हैं। भारत सरकार ने इन अपराधों की जांच करने एवं उपयुक्त कार्रवाई का आग्रह किया है। भारत ने इस बात पर चिंता जताई है कि इस तरह की घटना को अंजाम देने वाले अपऱाधियों को कटघरे में खड़ा अबतक नहीं किया गया है। ये दुर्भाग्य की बात है।

Advertisements

About विश्व भारत

Check Also

ड्रैगन की भारत पर पानी से वार करने की जोरदार तैयारियां?

ड्रैगन की भारत पर पानी से वार करने की जोरदार तैयारियां?   टेकचंद्र शास्त्री: 9822550220 …

ट्रम्प एकटा पडलाय : मित्र देश इराण युद्धातून अमेरिकेपासून दूर

ट्रम्प एकटा पडलाय : मित्र देश इराण युद्धातून दूर दिनांक २८ फेब्रुवारीला सुरू झालेले युद्ध …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *