ऊर्जा औधोग परियोजना जगत में स्वदेशी भारतीय बेयरिंगों की मांग
टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट
नागपुर। नकली और विदेशी बेयरिंग के उपयोग की वजह से भारतीय कल कारखाने और भारी ऊर्जा औधोगिक इकाईयों का बुनियादी ढांचा की भारी-भरकम चलित मशीनरियों का संचालन डगमगा रहा है. राष्ट्रीय जन चेतना मंच ने स्वदेशी भारतीय निर्मित AEC बेयरिंग का उपयोग मांग केंद्र और राज्य सरकारों से की है.
पता चला है कि गुजरात राज्य के जूनागढ में निर्मित स्वदेशी एईसी बेयरिंगों का उपयोग करने की मांग ची जा रही है.वर्तमान परिवेश मे सिर्फ भारत वर्ष में ही नहीं अपितु दुनिया भर के बेयरिंग मार्केट और वहां की औधोगिक इकाईयों मे aec बेयरिंग की मांग बढ रही है. गुजरात के जूनागढ में उक्त बेयरिंग निर्माता कंपनी
*AUSTIN ENGINEERING CO. LTD* Village patla taluka Bhesan जूनागढ गुजरात 360030 के वित्तीय अधिकारी के मुताबिक
एईसी (AEC) बियरिंग्स की मुख्य विशेषताओं में स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित किया गया यह aec बेयरिंग उच्च गुणवत्ता और एयरोस्पेस अनुप्रयोगों के लिए उपयुक्तता शामिल हैं.एईसी बियरिंग्स की कुछ प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
एईसी बियरिंग्स भारत में डिजाइन और विकसित किए गए हैं, जो देश की स्वदेशी एयरोस्पेस उद्योग के लिए उच्चतम और मजबूत क्षमता निर्धारित समय तक टिकाऊ है और इस एइसी बेयरिंग की उपलब्धि महत्वपूर्ण है.यह
एईसी बियरिंग्स उच्च गुणवत्ता मानकों को पूरा करते हैं, जो उन्हें एयरोस्पेस जैसे उच्च-सटीक अनुप्रयोगों के लिए उपयुक्त बनाते हैं।
एयरोस्पेस अनुप्रयोगों के लिए उपर्युक्त है.एईसी बियरिंग्स को विशेष रूप से एयरोस्पेस अनुप्रयोगों की कठोर आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो उच्च गति, उच्च भार और उच्च तापमान जैसी चुनौतियों का सामना कर सकते हैं।
नवीनता और उत्कृष्टता: एईसी बियरिंग्स ने अपनी नवाचार और उत्कृष्टता के लिए मान्यता प्राप्त की है, जो भारतीय एयरोस्पेस उद्योग के विकास में योगदान करते हैं।
लागत प्रभावी: स्वदेशी विकास के कारण, एईसी बियरिंग्स की लागत-प्रभावीता भी एक महत्वपूर्ण विशेषता है।
एईसी बियरिंग्स की ये विशेषताएं उन्हें भारतीय एयरोस्पेस उद्योग में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनाती हैं और वैश्विक एयरोस्पेस कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता प्रदान करती हैं।
इस एइसी बेयरिंग का उपयोग लघु उद्योग कल कारखाने और भारी औधोगिक इकाईयां जैसे ताप विद्युत परियोजनाओं के संचालन के लिए बडा ही उपर्युक्त माने गए हैं.कोल इंडिया की भूमिगत तथा भूमिगत कोयला खदानों और मैंगनीज ओर इंडिया की चलित मशीनों के लिए प्रभावी माना जा रहा है. औधोगिक
तकनीशियनों के अनुसार ऐसी बेयरिंग मजबूत टिकाऊ होने के साथ साथ जल्द खराब नहीं होते हैं. दरअसल मे बेयरिंग की दुनिया की प्रतियोगिता मे ASC बेयरिंग अपनी अमिट छाप के लिए विख्यात है.एइसी बेयरिंग को प्राप्त करने के लिए अब निकट भविष्य मे निजी औधोगिक इकाईयां संचालकों की निगाह टकटकी लगी हुई है.
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