अनिष्ट ग्रह व्याधिदोष के प्रकोप से महिलाओं मे माहवारी की समस्या
टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट
नई दिल्ली। भारतीय आयुर्विज्ञान के तहत प्रसूति विज्ञान विशेषज्ञों के अनुसार नास्तिक सूतक अनिष्ट ग्रह व्याधिदोष की वजह से महिलाओं मे अनियमित माहवारी का खतरा बढता है. यह व्याधिदोष नैसर्गिक नियमों के प्रतिकूल खान-पान रहन सहन और जागरण का उल्लंघन और संगदोष की वजह से होती है. अनियमित माहवारी की वजह से ही महिलाओं को अनेकानेक शारीरिक और मानसिक नुकसान हो सकते हैं, जिनमें प्रजनन क्षमता में कमी और हड्डियों का कमजोर, थायरॉइड और कुछ मामलों में हृदय रोग या गर्भाशय कैंसर का खतरा बढ़ना शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, अनियमित पीरियड्स थकान, कमजोरी, और चक्कर आने जैसी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं.
अनियमित माहवारी के कुछ विशिष्ट नुकसान इस प्रकार हैं:
अनियमित माहवारी, खासकर जब पीरियड्स बहुत कम आ रहे हों, तो गर्भधारण करना मुश्किल हो सकता है, Medanta के अनुसार.
अनियमित माहवारी के कारण, खासकर जब पीरियड्स बहुत कम आ रहे हों, तो हड्डियों के कमजोर होने का खतरा बढ़ जाता है, CK Birla Hospital के अनुसार.
कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि अनियमित माहवारी, विशेष रूप से उन महिलाओं में जो अधिक वजन वाली हैं, हृदय रोग के खतरे को बढ़ा सकती है.
कुछ मामलों में, अनियमित माहवारी गर्भाशय कैंसर के खतरे को बढ़ा सकती है, CK Birla Hospital के अनुसार.
थकान और कमजोरी:
अनियमित माहवारी के दौरान भारी रक्तस्राव से एनीमिया हो सकता है, जिससे थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है, Regency Healthcare के अनुसार. अनियमित माहवारी के साथ, पेट दर्द, कमर दर्द, और सफेद पानी आने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं, CK Birla Hospital के अनुसार. अनियमित माहवारी के कारणों में हार्मोनल असंतुलन, थायरॉयड की समस्या, पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस), मोटापा, और कुछ दवाएं शामिल हो सकती हैं,
पीरियड्स के दर्द को कम करने के साथ शारीरिक ताकत बढ़ाने में मददगार है ये चीज, इस्तेमाल कर सकते हैं
गोंद कतीरे के सेवन से कब्ज और माइग्रेन में मिलती है
अक्सर महिलाओं को पीरियड्स के दौरान दर्द और ज्यादा रक्त स्त्राव की समस्या झेलनी पड़ती है। इससे छुटकारा पाने के लिए गोंद कतीरे का उपयोग बहुत फायदेमंद साबित होता है। ये पुरुषों के लिए भी काफी उपयोगी है। इसमें मौजूद पोषक तत्व शारीरिक क्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैं, इसके और भी कई फायदे हैं।
महिलाओं में मासिकधर्म में अनियमतिता के चलते अक्सर फॉलिक एसिड या खून की कमी हो जाती है। साथ ही ज्यादा रक्त स्त्राव होने से कमजोरी एवं पीड़ा होती है। इससे छुटकारा पाने के लिए गोंद कतीरा और मिश्री को बराबर मात्रा में लेकर पीस लें। अब रोजाना दो चम्मच इस पाउडर को कच्चे दूध में मिलाकर लें। इससे दर्द कम होने के साथ खून की मात्रा में भी वृद्धि होगी।
गोंद कतीरे का सेवन डिलीवरी के बाद व पहले भी बहुत फायदेमंद होता है। क्योंकि बच्चा होने के बाद महिला को कमजोरी लगती है, माहवारी में गड़बड़ी व ल्यूकोरिया जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इससे बचने के लिए गोंद कतीरे का लड्डू बनाकर खाना फायदेमंद होता है। इससे शरीर में ताकत आती है।
ये न सिर्फ महिलाओं बल्कि पुरुषों के लिए भी बहुत लाभकारी है। ज्यादा भाग-दौड़, तनाव और जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज करने पर शरीर में कमजोरी आ जाती है। इससे बचने के लिए रोजाना एक चम्मच भीगा हुआ गोंद कतीरे को एक गिलास गुनगुने दूध के साथ लें। इसके सााथ थोड़ी मिश्री भी खाएं, इससे शरीर में पोषक तत्वों की कमी पूरी होगी, जिससे बॉडी को एनर्जी मिलेगी।
गोंद कतीरे के सेवन से माइग्रेन और डिप्रेंशन में भी आराम मिलता है। क्योंकि ये दिमाग तक ब्लड पहुंचाने वाली ब्लॉक नसों को खोलता है। साथ ही खून के बहाव की गति को ठीक करता है। इससे जी मिचलाने और सिर का भारीपन भी कम होता है।
इसके नियमित सेवन से शरीर में खून की कमी भी पूरी होती है। इसमें मौजूद प्रोटीन और फॉलिक एसिड खून को साफ करने में मदद करता है। इसके सेवन के लिए 10 से 20 ग्राम गोंद कतीरा को पानी में भिगो कर रख दें और सुबह उसी पानी में मिश्री मिलाकर शर्बत की तरह पिएं। ऐसा एक सप्ताह तक करने से फर्क दिखने लगेगा।
गोंद कतीरा खाने से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है। ये हाथ और पैरों की जलन को भी कम करता है। इसे लेने के लिए 2 चम्मच गोंद कतीरा को रात में एक गिलास पानी में भिगोकर रख दें। सुबह इसके फूल जाने पर इसमें शक्कर मिलाकर खाएं। ऐसा करने से शरीर की गर्मी खत्म हो जाएगी।
ये टांन्सिल की समस्या से छुटकारा दिलाने में भी कारगर है। इसके प्रयोग के लिए 2 भाग कतीरा और 2 भाग नानख्वा नामक बूटी को बारीक पीस लें। अब इसे धनिया पत्ती के रस में मिलाकर रोजाना गले पर लेप लगाएं, आराम मिलेगा। इसके अलावा लगभग 10 से 20 ग्राम कतीरा को पानी में भिगोकर फुला लें और फिर इसे मिश्री मिले शर्बत में मिलाकर सुबह-शाम पिएं इससे गले की खराश और दर्द कम हो जाएगा।
गोंद कतीरे का प्रयोग त्वचा के लिए भी बहुत फायदेमंद है। इसमें मौजूद एंटी एजिंग तत्व उम्र के असर को कम करने के साथ खूबसूरती भी बढ़ाते हैं। इसे इस्तेमाल करने के लिए दो अंडे के सफेद भाग में एक चम्मच मिल्क पाउडर और एक चम्मच भीगा हुआ गोंद कतीरा मिलाकर चेहरे पर लगाएं। इसे 20 मिनट के लिए रहने दें। इसके बाद नॉर्मल पानी से धो लें। इससे स्किन टाइट होने के साथ चमकदार बनेगी।
गोंद कतीरे को एक चम्मच नींबू के रस व एक गिलास पानी में नींबू का रस, चीनी और भीगा गोंद मिलाकर खाने से कब्ज की समस्या दूर हो जाएगी। ये आंतों में चिपकी हुई गंदगी को बाहर निकालकर मेटाबॉलिज्म को एक्टिव बनाने में मदद करता है।
*सहर्ष सूचनार्थ नोट्स:-*
उपरोक्त समाचार सामान्य ज्ञान के लिए है. आयुर्विज्ञान, प्रसूति विज्ञान और विशेषज्ञों के विचारों से संकलन किया गया है.कृपया उक्त रोग पीडित महिलाओं के उपचार के लिए
महिला चिकित्सा विज्ञान विशेषज्ञों की सलाह जरुरी है.
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