कमजोर सेंट्रिंग की वजह से नागपुर के कोराडी मंदिर का निर्माणाधीन मुख्य द्धार धराशाई
टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट
नागपुर जिले के कोराडी के श्रीमहालक्ष्मी जगदंबा मंदिर परिसर सिंचाई नहर समीप लाखों की लागत से निर्माणाधीन मुख्य द्धार धराशाई होने से करीबन 17- से 20 मजदूर दबकर घायल हो गए.घटना के तुरंत बाद नागरिकों और ऐंबुलेंस की मदद से घायलों को निजी तथा सरकारी अस्पताल में उपचारार्थ भर्ती कराया गया. बताते हैं कि निर्माणाधीन मुख्य द्धार के आखिरी सीमेंट कांक्रीट छत की ढलाई चल रही थी. अचानक निर्माणाधीन मुख्य द्धार की सेंट्रीन टूटने से सीमेंट कांक्रीट धराशाई हो गया.सिविल कंस्ट्रक्शन स्थापत्य विशेषज्ञों के अनुसार सिविल निर्माणाधीन मुख्य द्धार धराशाई होने का कारण गेट की जमीनी नीव( फाउन्डेशन) में दलदल होने की संभावना है. नियम के विरुद्ध नीव खुदाई के समय मजबूत हाड राक्स (पत्थर) लगे बिना दलदल मे सीमेंट कांक्रीट LC ढलाई करवा दी गई.क्योंकि जल्द गेट निर्माण के लिए कंपनी पर दबाव बना हुआ था? निर्माण कार्य में जल्दीबाजी की वजह से यह घटना घटित हुई.
सच देखा जाए तो निर्माणाधीन मुख्य द्धार स्लैब छत की अधिभार क्षमता की तुलना में सेंट्रीन बहुत ही कमजोर थी. सेंट्रीन कांक्रीट छत का अधिभार सहन नहीं कर पाया.और देखते ही देखते संयुक्त वीम- स्लैब धडाम से भरभराकर धराशाई हो गया. इस समय धीमी धीमी वारिस भी हो रही थी.
सूत्रों का मानना है कि निर्माण कार्य मे जुटे अधिकांश मजदूरों के सर पर हैलमेट, सैफ्टी बेल्ट और सेफ्टी जूते भी नहीं थे.जिसकी वजह से मजदूर घायल हुए. अगर मजदूरों को सुरक्षा संसाधन उपलब्ध कराया गया होता तो उतने जख्मी होने से बच सकते थे.उसी तरह निर्माणाधीन मुख्य द्धार की सैन्ट्रिन मजबूत रही होती तो धराशाई की घटना टल सकती थी.
घटना स्थल मे उपस्थित पुलिस अधिकारियों का मानना है कि घटना में एसा कोई हताहत नहीं हुआ है. दरअसल मे कोई भी अधिकारी और कंपनी वाले सही जानकारी देने से कतरा रहे थे.समाचार लिखे जाने तक धराशाई मलबां मे दबे मजदूरों को निकालकर एम्बुलेंस की मदद से अस्पताल पंहुचाया जा चुका है.और उनका उपचार जारी है.एन मौके पर जिलाधीश , पुलिस उपायुक्त, एसीपी,एस डी ओ, तहसीलदार और पुलिस दल वहां तैनात था. धराशाई निर्माणाधीन सीमेंट कांक्रीट का मलबां हटाने का कार्य जारी है.
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