बीजेपी के कार्यक्रम में पीएम मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ के विचार
टेकचंद्र शास्त्री:9822550220
नई दिल्ली। भारत ने क़रीब 25 साल बाद ताजिकिस्तान में मौजूद अपने एयरबेस को खाली कर दिया है. यह भारत का एकमात्र विदेशी सैन्य ठिकाना था.भौगोलिक स्थिति की वजह से आयनी एयरबेस का काफ़ी ज़्यादा सामरिक महत्व था. यह एयरबेस अफ़ग़ानिस्तान, पाकिस्तान और चीन, तीनों के ही नज़दीक था.
अंग्रेज़ी अख़बार ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ की एक ख़बर के मुताबिक़ भारत ने इस एयरबेस को विकसित करने में कथित तौर पर बीते क़रीब दो दशक में लगभग दस करोड़ डॉलर ख़र्च किए थे.
यह एयरबेस सोवियत संघ के दौर में बना था. भारत ने यहां लड़ाकू विमानों को उतार सकने वाले रनवे बनाने, फ्यूल डिपो और एयर ट्रैफ़िक कंट्रोल की सुविधा विकसित की थी.
आयनी एयरबेस को लेकर जानकारी सार्वजनिक होने के बाद भारत में इसपर सियासत भी तेज़ हो गई है.
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इसे भारत की रणनीतिक नाकामी बताया है. जबकि सरकार का कहना है कि समझौते की मियाद पूरी होने के बाद भारत ने इस एयरबेस से वापसी की है.दरअसल मे इस विषय को लेकर प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय सुरक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आपस मे विचार विनिमय करते हुए असमंजस मे दिखाई दे रहे हैं
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