Breaking News

औद्योगिक विकास कार्यों के प्रति अनुबंध ठेका श्रमिकों और निविदा धारक निराश?

Advertisements

औद्योगिक विकास कार्यों के प्रति अनुबंध ठेका श्रमिकों और निविदा धारक निराश?

Advertisements

टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री:

Advertisements

9822550220

 

मुंबई।महाराष्ट्र राज्य के उर्जा औद्योगिक कंपनी प्रबंधन, ई-निविदा धारक फर्म मालिक और अनुबंध ठेका श्रमिकों मे आपसी तालमेल और समन्वय का अभाव है. परिणामत:अनुबंध ठेका मजदूरों में अंदरुणी असंतोष पनप रहा है. इसलिए नैतिक जिम्मेदारी के प्रति श्रमिकों मे कार्यों के प्रति अभिरुचि खत्म होते जा रही है. जिम्मेदार निविदा धारक फर्म और अनुबंध श्रमिकों मे असंतोष पनपने के कारण दोनों पक्षों की नियत में खोट और वैमनस्यता पनप रही है. इसलिए अनुबंध श्रमिकों में ईमानदारी से कार्य के प्रति अभिअरुचि कम हो रही है. नतीजा उत्पादकता पर बुरा असर पड़ा रहा है.इस संबंध मे कंपनी मालिक और श्रमिकों के बीच आपसी तालमेल और समन्वय जरुरी है.यह एक जटिल समस्या है जो राष्ट्रीय सामाजिक और संगठनात्मक मुद्दा है। यह कथन इस बात पर प्रकाश डालता है कि जब अनुबंध श्रमिक यह महसूस कर रहा हैं कि ऊर्जा औद्योगिक प्रबंधन इंचार्ज जो है निविदा धारक ठेकेदार के इशारों पर निर्भर है.यानी प्रबंधन और निविदा धारक ठेकेदारों मे अनुबंध ठेका श्रमिकों के प्रति कार्य प्रणालियों मे खोट है – चाहे वह अनुचित व्यवहार,आर्थिक शोषण, या वादों को पूरा न करने के रूप में हो – तो उनकी ईमानदारी से काम करने की इच्छा-शक्ति और प्रेरणा कम हो जाती है।कार्य कराने नीयत में खोट श्रमिकों और प्रबंधन के बीच भरोसे की नींव को हिला देती है। जब भरोसा टूटता है, तो श्रमिक अपनी वहुमूल्य ऊर्जा काम में लगाने के बजाय खुद को बचाने या प्रतिरोध करने में लगाते हैं। यदि श्रमिकों को लगता है कि उनके प्रयासों पर भरोसा नहीं किया जा रहा है या उन्हें उनका उचित हक नहीं मिल रहा है तो वे कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित असमर्थता महसूस करते हैं।

जब कार्यस्थल का माहौल नकारात्मक होता है और श्रमिकों को लगता है कि उनके साथ अनुचित व्यवहार हो रहा है, तो वे भी काम के प्रति अपनी नैतिक जिम्मेदारी कम कर देते हैं। और हरदम तू-तू मै-मै की स्थिती निर्माण होती रहती है.एसी स्थिति किसी भी संगठन के लिए हानिकारक हो सकती है। उत्पादकता और कार्य-कुशलता बनाए रखने के लिए, प्रबंधन के लिए यह महत्वपूर्ण मुद्दा है कि उन्हे पारदर्शिता बनाए रखना चाहिए.दरअसल निविदा ठेका कंपनी प्रबंधन द्धारा श्रमिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना चाहिए और एक निष्पक्ष कार्य करने की नियति बनाए रखना चाहिए. तब कहीं कंपनी प्रबंधन और श्रमिकों मे आपसी तालमेल और समन्वय स्थापित हो सकता है.

Advertisements

About विश्व भारत

Check Also

न्यूज प्रसार सेवा मे यूट्यूब सोशल मीडिया पोर्टल न्यूज आगे

न्यूज प्रसार सेवा मे यूट्यूब सोशल मीडिया पोर्टल न्यूज आगे टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट …

यूट्यूब-सोशल मीडिया पोर्टल बातम्या वृत्तप्रसारामध्ये आघाडीवर

यूट्यूब-सोशल मीडिया पोर्टल बातम्या वृत्तप्रसारामध्ये आघाडीवर टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक.रिपोर्ट मुंबई. यूट्यूब, सोशल मीडिया पोर्टल, …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *