बाबासाहब की मूर्ति खंडित करने वाले युवक के खिलाफ दब गई जुबान
टेकचंद्र शास्त्री:
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डीडवाना। राजस्थान के डीडवाना शहर में बाबा साहेब डा अम्बेडकर की मूर्ति का सर तोड़ने वाले अपराधी मुस्लिम युवक के खिलाफ आंदोलन के लिए कोई आबाज उठाने को तैयार नहीं है. बाबासाहब के कथित ढोंगी चहेतों की जुबान दब गई है.शर्म के मारे चैहरा मार गया है? जबकि बाबासाहब के समस्त अनुयायियों ने इस घोर अपराध के खिलाफ कार्रवाई के लिए आंदोलन करना चाहिए था.परंतु बाबासाहब के बारे मे किसी ने बहस कर लिया तो सबने मिलकर आवाज़ उठाई थी कि ये कृत्य करने वालों को जल्द से जल्द गिरफ़्तार कर जेल भेजा जाना चाहिए….!!लेकिन कुछ नीले कबूतर ऐसे उछल रहे थे जैसे गर्म तवे पर पानी की बूँदे उछलती है…लेकिन जैसे ही पता चला कि आरोपी मुस्लिम है…सारे कबूतर ऐसे पिघल गए जैसे गर्म तवे पर मक्खन पिघलता है…!!! दरअसल मे बाबासाहेब डां आंबेडकर की मूर्ती का सिर कलम करने वाले मुस्लिम युवक ने अपना गुनाह कबूल करते हुए सरेआम चुनौती दे रहा है कि मैने इनके बाबासाहेब का सर कलम कर दिया जिससे जो बने वो कर लो.दरअसल में ये कथित ढोंगी लोगों को संविधान निर्माता बाबासाहब से कोई लेनदेन हीं है? ये सिर्फ बाबासाहेब के नाम पर हिन्दुओं के खिलाफ जनता-जनार्दन को भटकाना चाहते हैं? बताते हैं कि कांग्रेस ने ही बाबासाहब को चुनाव मे हराया था.और कांग्रेस ने डा बाबासाहब को भारत रत्न सम्मान से भी वंचित रखा था?
हालकि इस घटना की खबर मिलते ही मुस्लिम अपराधी युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.बताते हैं कि कुछ कांग्रेसी मुस्लिम और मुस्लिम मित्र दलित लोग अपराधी को रिहा करने के लिए उछलकूद और सिफारिश कर रहे है.
ये घटना एक ऐसी सच्चाई है जो कथित जय भीम जय मीम करने वाले बाबासाहेब के दिखावटी प्रेमियों की सच्चाई को उजागर करती है। ये संविधान या बाबासाहेब के प्रेमी नहीं अपितु षड्यंत्रकारी है जो केवल तन बोलते है जब हिंदुओं को आपस में लड़ाना हो, बाकी इनके भाईजान जो मर्जी करें अब उचित है
बाबासाहेब की मूर्ति का सिर तोड़ा गया, अपराधी मुस्लिम इसलिए सब बाबासाहेब के चहेते खामोश दिखाई पड रहे है.बताते हैं कि एक दलित की शादी में खलल अपराधी मुसलमान के खिलाफ भी दलित हित चिंतक खामोश क्यों दिखाई दे रहे हैं. प्राप्त जानकारी के अनुसारडीडवाना राजस्थान राज्य में स्थित है, और यह अब डीडवाना -कुचामन जिले का मुख्यालय है, जो पहले नागौर जिले का हिस्सा था और मारवाड़ क्षेत्र में आता है, जिसे शेखावाटी का सिंहद्वार भी कहते हैं.
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