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प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में जारी है अनियमितता और भ्रष्टाचार

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प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में जारी है अनियमितता और भ्रष्टाचार

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टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री:

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9822550220

 

छिन्दवाडा।छिन्वाडा जिला सहित पूरे संभाग मे प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार जारी है. जिसके चलते कुछ ही महिनों में सडकें बनते ही उखड़ने लगी हैं. छिंदवाड़ा।प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) एक ओर जहां ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सड़क कनेक्टिविटी देने के उद्देश्य से चलाई जा रही है, वहीं छिंदवाड़ा जिले में यह योजना अब भ्रष्टाचार और लापरवाही का गढ़ बनती नजर आ रही है। लगातार घटिया निर्माण और रखरखाव में लापरवाही के मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदारों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।घटिया सड़कों के फोटो-वीडियो भेजे, फिर भी कार्रवाई शून्य सतपुड़ा एक्सप्रेस की टीम द्वारा छिंदवाड़ा जिले की कई सड़कों की वास्तविक स्थिति के फोटो और वीडियो प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों को लगातार भेजे जा रहे हैं।इनमें कार्यपालन अधिकारी, मुख्य महाप्रबंधक PMGSY मुख्यालय भोपाल, सी जी एम जबलपुर, जी.एम. कविता पटवा तक शामिल हैं, लेकिन इसके बावजूद कार्रवाई ठंडे बस्ते में पड़ी हुई है।

गोप से बरुखेड़ा सड़क बदहाल, ग्रामीण परेशान हैं

मेला क्षेत्र अंतर्गत गोप से बरुखेड़ा प्रधानमंत्री सड़क मार्ग जिसमें (पैकेज नंबर MP-07-MTN-251) की स्थिति बेहद खराब है।ठेकेदार: पंकज साहू कंस्ट्रक्शन, परासिया ,लंबाई: 2.54 किलोमीटर,कार्य प्रारंभ: 01 मार्च 2024मेंटेनेंस अवधि: 28 फरवरी 2029 तक, है ठेकेदार को इस अवधि में सड़क को मेंटेन रखना है। ग्रामीण से बातचीत में सामने आया कि ठेकेदार द्वारा अनुबंध अनुसार मेंटेनेंस कार्य नहीं किया जा रहा, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर तत्काल बीटी रिन्यूवल की आवश्यकता है।

ठेकेदारों को किसके इशारे पर बचाया जा रहा?सबसे बड़ा सवाल यह है कि काम में रुचि नहीं लेने वाले ठेकेदारों को आखिर किसके संरक्षण में बचाया जा रहा है?क्यों कुछ ठेकेदारों पर कार्रवाई होती है और कुछ को खुली छूट दी जाती है?

टर्मिनेट ठेकेदारों का आरोपनाम न छापने की शर्त पर टर्मिनेट किए गए ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि—“हम सड़क पर कार्य कर रहे थे, लेकिन जी.एम. कविता पटवा ने जानबूझकर दबाव बनाने के लिए हमें टर्मिनेट कर दिया।”

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण “जी.एम. कविता पटवा का ध्यान सड़कों की गुणवत्ता पर नहीं, बल्कि केवल न्यायालयों में कैविएट दायर करने पर है, ताकि पांढुर्णा ट्रांसफर हुए कर्मचारी कोर्ट से आदेश न ला सकें।”सूत्रों के मुताबिक कई कर्मचारी स्टे ऑर्डर लेकर लौट भी चुके हैं, जिससे विभाग के भीतर असंतोष की स्थिति बनी हुई है।

कार्यालय में असंतोष और शोषण के आरोप गुप्त सूत्रों के अनुसार, जी.एम. कविता पटवा के कार्यालय में अधिकारी-कर्मचारी भी खुश नहीं हैं।कहीं न कहीं मानसिक शोषण और दबाव की बात भी सामने आ रही है।पहले भी जारी हो चुका है शो-कॉज नोटिस गंभीर तथ्य यह है कि इससे पहले कलेक्टर पी.एस.,सी.ई.ओ., सी.जी.एम. PMGSY मुख्यालय भोपाल/जबलपुर द्वारा जी.एम. कविता पटवा को शो-कॉज नोटिस भी जारी किया जा चुका है।इसके बावजूद सवाल उठता है कि उन्हें किसका संरक्षण प्राप्त है?

अब निगाहें वरिष्ठ अधिकारियों पर सतपुड़ा एक्सप्रेस की टीम द्वारा पूरे मामले से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है।अब देखना यह है कि क्या प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की साख बचाने के लिए ठोस कार्रवाई होती है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा.दरअसल मे स्थानीय जनप्रितिनिधियों की कमीशन खोरी के चलते सडकें कमजोर हुई हैं.

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