मुंबई का महापौर के लिए खींचतान : मेयर सेना या बीजेपी का?
टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री:
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मुंबई। शिवसेना महाराष्ट्र का महान गौ भक्त DCM एकनाथ शिंदे गुट ने अपने नव निर्वाचित पार्षदों को एक पांच सितारा होटल में रखा है.
कुछ विश्लेषकों का मानना है कि ये घटनाक्रम शिवसेना की राजनीतिक अहमियत दिखाने और मेयर पद पर समझौता न करने के संकेत हैं. एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र को गौ माता राज्य की घोषणा का आशीर्वाद जगद्गुरु शंकराचार्य ने आशीर्वाद दिया था. नतीजतन शिंदे गुट को सफलता मिलना संभव है.एकनाथ शिंदे के प्रयास से नवनिर्वाचित पार्षदों को होटल में ले जाने के पीछे शायद यह एक कारण है.
हालांकि शिवसेना के एक नवनिर्वाचित पार्षद अमोल घोले ने कहा, “किसी को भी ज़बरदस्ती वहां नहीं रखा गया है. हमें आगे की रणनीति पर चर्चा करने के लिए बुलाया गया है. शिवसेना प्रमुख शिंदे साहब सभी पार्षदों को मार्गदर्शन देंगे. इनमें से कई पहली बार पार्षद बने हैं और उनके लिए दो दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया है…यहां 29 पार्षद मौजूद हैं.”
उन्होंने कहा कि मेयर का पद बीजेपी के साथ मिलकर तय किया जाएगा और उनकी पार्टी ने ‘मेयर पद के लिए कोई मांग नहीं रखी’ है.
महाराष्ट्र के वरिष्ठ पत्रकार विजय चोरमारे ने बीबीसी हिंदी से कहा, “मुंबई मे शिंदे की पार्टी का परफॉर्मेंस निराशाजनक रहा है. इसलिए बार्गेनिंग के माध्यम से शिंदे सत्ता मे कुछ सम्मानजनक हिस्सा चाहते हैं.”
हालांकि अभी मेयर के चुनाव की प्रक्रिया में वक्त लगेगा इसलिए इस बीच कई उतार चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं. मेयर का पद रोटेशन के आधार पर सामान्य वर्ग, अनुसूचित जाति, ओबीसी और महिलाओं के लिए आरक्षित होता है.
राज्य का शहरी विकास विभाग श्रेणी तय करने के लिए लॉटरी की प्रक्रिया कराता है. औपचारिक प्रक्रिया अगले हफ्ते शुरू होने की संभावना है.
चोरमारे कहते हैं, “मेयर पद के लिए आरक्षण चुनाव के पहले निकाले जाने चाहिए थे, मगर वो नहीं निकाले. इसी कारण किस महापालिका मे कौन सी जाति या वर्ग का मेयर होगा ये अभी तक तय नहीं हुआ है. पुरुष, महिला, ओबीसी, अनुसूचित जाति के आधार पर रोटेशन अभी तय होना है. शिंदे का अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट वो आरक्षण निकालता है. 22 जनवरी को आरक्षण तय होने की संभावना है. उसके बाद नाम पर चर्चा हो सकती है
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