धनंजय मुंडे विरुद्ध पंकजा मुंडे : उपमुख्यमंत्री पद की दिग्गज नेत्री सुनेत्रा पवार के आगे होगी ये बडी चुनौती
टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री:
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मुंबई । महाराष्ट्र के उपमुख्य मंत्री अजित पवार का प्लेन दुर्घटना में अचानक निधन के बाद न केवल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में बल्कि महाराष्ट्र में भी सत्ता का संतुलन बिगड़ गया है. इसे स्थिर होने में कुछ समय लगेगा. हालकि दिवंगत DCM अजीत दादा की धर्मपत्नि श्रीमती सुनेत्रा पवार को उपमुख्य मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी जा चुकी है. और उन्होंने CM का पदसूत्र बखूबी संभाल लिया है.
महाराष्ट्र, जिसने पिछले कुछ सालों में कई उथल-पुथल का सामना किया है. लेकिन अब राज्य एक नई दुविधा का सामना कर रहा है.
समाधान के तहत पार्टी और ‘महायुति’ गठबंधन ने अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को उप मुख्यमंत्री का पद दिया है. महाराष्ट्र के गठन के बाद उप मुख्यमंत्री का पद पाने वाली वह पहली महिला हैं.
इस फै़सले के पीछे की राजनीति को एक तरफ़ रखते हुए, सवाल यह है कि सुनेत्रा पवार को इस नई और बड़ी ज़िम्मेदारी को संभालने में किन चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा और वो इससे कैसे निपटेंगी.
महाराष्ट्र ने अभी तक सुनेत्रा पवार की राजनीति, प्रशासनिक कार्य शैली का अनुभव नहीं देखा है. सुनेत्रा कभी राजनीतिक सुर्खियों में नहीं रही हैं. हाल ही में बारामती से सुप्रिया सुले के ख़िलाफ़ लोकसभा चुनाव लड़ने और फिर राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद मुख्यधारा की राजनीति में शामिल हुईं.
लेकिन अब वह राज्य के राजनीतिक परिदृश्य और प्रशासन में हैं और वास्तविक अनुभव की कमी के बावजूद अब नंबर दो के महत्वपूर्ण पद पर आसीन हैं. तो, अब उनके सामने कौन सी चुनौती है?
इसका सबसे संवेदनशील और प्रभावशाली पहलू वह हालात हैं जिससे वह एक शख़्स के रूप में गुज़र रही हैं. यह ज़िम्मेदारी उन पर तब आन पड़ी है जब उन्हें अपने दुख से पूरी तरह उबरने का समय भी नहीं मिला है.
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