मेडिकल कॉलेज में MBBC की छात्रा की मौत से खलबली
टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री:
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भोपाल। जीएमसी की एमबीबीएस छात्रा का शव हॉस्टल के बाथरूम में मिला
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में संचालित गांधी मेडिकल कॉलेज की एमबीबीएस छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत मौत हो गई। एमबीबीएस फर्स्ट ईयर की छात्रा रोशनी का शव उसके हॉस्टल के बाथरूम में मिला। घटनास्थल के पास से एसिड की एक बोतल भी बरामद की गई है, जिससे मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।गोपनीय सूत्रों से पता चला है कि छात्रा कालेज के छात्रों द्धारा आये दिन रैगिंग की बारदातों से बहुत हैरान और परेशान रहती थी .नतीजा रैगिंग के लिए तैयार नहीं होने पर उसे मौत से जूझना पड़ा है
रोशनी आलीराजपुर जिले की रहने वाली थी। वह पिछले हफ्ते घर से लौटकर भोपाल आई थी।
रोशनी के शव के पास एसिड की वाटल पड़ी थी. उसने चार महीने पहले कालेज मे प्रवेश लिया था,छात्रा कोहेफिजा थाना क्षेत्र स्थित एक निजी हॉस्टल में रह रही थी
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में संचालित गांधी मेडिकल कॉलेज की एमबीबीएस छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत मौत हो गई। एमबीबीएस फर्स्ट ईयर की छात्रा रोशनी का शव उसके हॉस्टल के बाथरूम में मिला। घटनास्थल के पास से एसिड की एक बोतल भी बरामद की गई है, जिससे मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जाता है कि रोशनी ने पिछले साल अक्टूबर में ही एमबीबीएस फर्स्ट ईयर में प्रवेश लिया था। वह डे-स्कॉलर थी और कोहेफिजा थाना क्षेत्र स्थित एक निजी हॉस्टल में रह रही थी।
जीएमसी में मचा हड़कंप
इधर, मामला उजागर होने के बाद जीएमसी प्रबंधन में हड़कंप मच गया है। आनन-फानन में पुलिस का सूचना दी गई। पुलिस ने छात्रा का शव बरामद कर पीएम के लिए भेजा दिया है। साथ ही हॉस्टल प्रबंधन और अन्य सहपाठी छात्राओं से पूछताछ शुरू कर दी है।
जवाब नहीं मिला तो तोड़ा दरवाजा
छात्राओं के मुताबिक, रोशनी को कई बार आवाज दी। उसे फोन कॉल किया, लेकिन रोशनी ने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद पीजी के गार्ड को सूचना दी। गार्ड पहुंचा तो पहले कमरे और फिर बाथरूम का दरवाजा तोड़ा गया, जहां रोशनी पड़ी मिली। छात्राओं ने बताया कि रोशनी के पास एक खाली एसिड की बोतल भी पड़ी हुई थी। फौरन कॉलेज प्रबंधन को सूचना दी गई। रोशनी को सुबह करीब 8:30 बजे हमीदिया अस्पताल के इमरजेंसी मेडिसिन विभाग ले जाया गया। ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर्स ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। मेडीकल कालेज के अधिष्ठाता
डीन टाल-मटोल जबाव देते हुए बताया कि उसे पढाई का टेंशन रहा होगा. दरअसल मे डीन मामले को दफनाना चाहते हैं.
रोशनी आलीराजपुर जिले की रहने वाली थी। साथी छात्रों ने बताया कि वह पिछले हफ्ते ही घर से लौटकर भोपाल आई थी। वह पढ़ाई को लेकर गंभीर और शांत स्वभाव की थी। गांधी मेडिकल कॉलेज की डीन कविता एन. सिंह ने बताया कि रोशनी के मोबाइल में परिजन को भेजे गए मैसेज से पता चला है कि वह पढ़ाई को लेकर तनाव में थी। मेहनत करने के बावजूद ठीक से समझ नहीं पा रही थी।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार
रोशनी के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भोपाल के मसूरी क्षेत्र स्थित मॉचुर्री भेज दिया गया है। पुलिस ने मामले की सूचना परिजनों को दे दी है। घटना को लेकर कोहेफिजा पुलिस जांच कर रही है। मौत के कारणों का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा.
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