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पशुओं की हिरासत पर सुप्रीम कोर्ट सख्त:केंद्र से मांगा जवाब

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पशुओं की हिरासत पर सुप्रीम कोर्ट सख्त:केंद्र से मांगा जवाब

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टेकचन्द सनोडिया शास्त्री:9822550220

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति जताते हुए केंद्र और अन्य पक्षों को नोटिस जारी किया है।

सुप्रीम कोर्ट ने पशुओं की हिरासत संबंधी याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा है.

अनुच्छेद 14 और 300A का उल्लंघन, पशु जब्ती नियमों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है.

जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ करेगी मामले की सुनवाई

पीटीआई, नई दिल्ली के अनुसार

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पशुओं की हिरासत से संबंधित एक नियम की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र और अन्य पक्षों से जवाब मांगा है।

जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति जताते हुए केंद्र और अन्य पक्षों को नोटिस जारी किया।

याचिका में पशु क्रूरता निवारण नियम, 2017 के नियम 3 को पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960, विशेष रूप से धारा 29 के विरुद्ध घोषित करने और परिणामस्वरूप इसे असंवैधानिक करार देने की मांग की गई है।

1960 के अधिनियम की धारा 29 दोषी पाए गए व्यक्ति को पशुओं के स्वामित्व से वंचित करने के न्यायालय के अधिकार से संबंधित है।

याचिका में यह भी मांग की गई है कि नियम तीन के तहत अधिकृत पशुधन की दोषसिद्धि पूर्व जब्ती, हस्तांतरण या स्वामित्व से स्थायी रूप से वंचित करना असंवैधानिक घोषित किया जाए, क्योंकि यह संविधान के अनुच्छेद 14 और 300ए सहित अन्य अनुच्छेदों का उल्लंघन है। अनुच्छेद 300ए विधि के अधिकार के बिना किसी व्यक्ति को संपत्ति से वंचित न किए जाने से संबंधित है

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