Breaking News

RSS का इस्लाम की तरफ बढ़ता लगाव से सनातनियों में असंतोष

Advertisements

RSS का इस्लाम की तरफ बढ़ता लगाव से सनातनियों में असंतोष

Advertisements

टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री:

Advertisements

9822550220

 

नागपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के नेतृत्व द्वारा हाल के वर्षों में मुस्लिम समुदाय के साथ संवाद बढ़ाने और इस्लाम के प्रति आकर्षण और नरम रुख अपनाने की नीति ने संघ के कुछ कट्टरपंथी हिंदू समर्थकों (कट्टर सनातनियों) में चिंता और असंतोष पैदा कर दिया है।

संघ प्रमुख मोहन भागवत के अनुसार ‘हिंदू-मुस्लिम में अनुवांशिक (DNA) एक’, ‘हर भारतीय हिंदू है’ और ‘मस्जिदों में मंदिर न खोजें’ जैसे बयानों ने संघ की पारंपरिक विचारधारा और ज़मीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के बीच एक वैचारिक दूरी पैदा करके रख दिया है।

कट्टर सनातनी/दक्षिणपंथी खेमे में चिंता के मुख्य कारण यह है कि विरासत और संस्कृति पर समझौता के संबंध में बतादें कि कट्टरपंथियों का मानना है कि संघ का यह रुख सनातन धर्म की रक्षा के मूल उद्देश्य से भटक रहा है और ‘तुष्टिकरण’ की तरह लग रहा है। उदाहरणार्थ के रुप में बता दें कि काशी-मथुरा का मुद्दा जब संघ प्रमुख या नेता विवादित धार्मिक स्थलों पर संयम की बात करते हैं, तो कट्टरवादी इसे हिंदुओं के साथ नाइंसाफी मानते हैं।RSS के इंद्रेश कुमार जैसे नेताओं द्वारा विवादित स्थलों को स्वेच्छा से सौंपने की अपील को भी कड़े तेवर वाले संगठन नापसंद करते हैं।

मोहभंग की स्थिति भी कुछ दक्षिणपंथी समर्थकों को लगता है कि आरएसएस अब बीजेपी के एक राजनीतिक उपकरण के रूप में काम कर रहा है और सत्ता बनाए रखने के लिए विचारधारा से समझौता कर रहा है।

ज़मीनी हकीकत बनाम बयानों में अंतर देखा जाए तो कट्टरपंथी सनातनियों का एक तबका यह भी मानता है कि ऊपर से ‘सद्भावना’ का संदेश दिया जा रहा है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर वैचारिक संघर्ष जारी रहना चाहिए।

आरएसएस नेतृत्व का दृष्टिकोण (बदलाव क्यों?):

शताब्दी समारोह की तैयारी: 2025 में संघ के 100 वर्ष पूरे होने के संदर्भ में, नेतृत्व का उद्देश्य हिंदू राष्ट्र की परिकल्पना में मुसलमानों को शामिल करके एक समावेशी छवि बनाना जरुरी है। इससे

विवाद और नफरत का अंत होना तय है.राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत का कहना है कि पूजा पद्धतियां अलग हो सकती हैं, लेकिन सभी भारतीयों की संस्कृति एक है। वे मुस्लिम समुदाय के साथ संवाद करके अविश्वास को खत्म करना चाहते हैं।

हिंदू-मुस्लिम एकता के संबंध में संघ ने ‘मुस्लिम राष्ट्रीय मंच’ (MRM) जैसे संगठनों के माध्यम से मुसलमानों को संघ की विचारधारा से जोड़ने का प्रयास किया है, जिसमें यह संदेश दिया जाता है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मुस्लिम विरोधी बिल्कुल नहीं है, बल्कि राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के खिलाफ है।

निष्कर्ष:

आरएसएस के भीतर इस नीति को लेकर ‘आंतरिक कलह’ या मतभेद दिखाई देता नजर आ रहा है। जहाँ शीर्ष नेतृत्व ‘सर्वसमावेशी’ दृष्टिकोण अपना रहा है, वहीं ज़मीनी स्तर पर कट्टर सनातनी वर्ग को लगता है कि यह संघ की सौ साल की तपस्या का समर्पण है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और मुस्लिम समुदाय के बीच संवाद और नजदीकियों को दर्शाने वाली तस्वीरें अक्सर “मुस्लिम राष्ट्रीय मंच” (Muslim Rashtriya Manch) के कार्यक्रमों से सामने आती हैं, जिसे संघ के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार का मार्गदर्शन प्राप्त है।

नजदीकियों को दर्शाने वाले प्रमुख दृश्य और तस्वीरें:

मोहन भागवत और मुस्लिम धर्मगुरु: RSS प्रमुख मोहन भागवत की प्रमुख मुस्लिम धर्मगुरुओं और इमामों के साथ बंद कमरे में हुई बैठकें (जैसे कि 2022-23 में दिल्ली में इमाम उमेर इलियासी के साथ मुलाकात) संवाद का एक बड़ा दृश्य रहा है।

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के कार्यक्रम: मंच द्वारा आयोजित रोजा इफ्तार, ईद मिलन, और होली मिलन समारोहों की तस्वीरें, जिनमें इंद्रेश कुमार और मुस्लिम समुदाय के लोग एक साथ देखे जाते हैं, उनकी नजदीकियों को दर्शाती हैं।

राष्ट्रीय मंचों पर सहभागिता: संघ के आयोजनों में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय संयोजक मुहम्मद अफ़ज़ल और अन्य पदाधिकारियों की भागीदारी की तस्वीरें (जैसे कि 28 अप्रैल, 2025 की बैठक)।

विचारधारात्मक जुड़ाव: RSS के ‘भारत माता की जय’ और भगवा ध्वज के सम्मान जैसी शर्तों के साथ मुस्लिम समुदाय के युवाओं के संघ की विचारधारा से जुड़ने के दृश्य।

नोट: चूंकि यह एक सर्च इंजन आधारित सेवा है,

Advertisements

About विश्व भारत

Check Also

Is the Gandhi-Nehru Family Truly a Stain on the Nation?

Is the Gandhi-Nehru Family Truly a Stain on the Nation? Tekchand Shastri: 9822550220   New …

क्या सचमुच में देश के लिए कलंक है गांधी नेहरू परिवार?

क्या सचमुच में देश के लिए कलंक है गांधी नेहरू परिवार? टेकचंद्र शास्त्री: 9822550220   …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *