Breaking News

राजनीति बदनाम,वैश्या,कुटला,कर्कशा,राक्षसी व डायन के समान है!

Advertisements

 

✍️टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री:सह-संपादक की रिपोर्ट

Advertisements

कोलकाता। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में 75 से 80 % राजनेता बदनाम वैश्या कर्कशा, कुटला डायन और राक्षसी के समान बनकर रह गई है। भागीरथ गंगा तट पर धूनी रमाए नांगा पन्थी काल्हाबाबा श्री नारायण दास महाराज ने कहा कि ये ढोंगी और पाखंडी लोग सिर्फ़ राजनीति के लिए हम सामान्य जनता-जनार्दन का उपयोग करते हैं सभी पार्टियां एक ही थाली के खाने वाले चट्टे-बट्टे हैं देश के विकास निधी में मनमाना कमीशन खोरी भ्रष्टाचार जमकर चल रहा है सबको पता हैं लेकिन किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता मैंने इसकी सूचना भी साक्ष्य सहित प्रस्तुत किया लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई और ये सब योगी राज की ही बात कर रहा हूं कुछ साक्ष्य अभी भी है मेरे पास मौजूद है?
काल्हाबाबा नारायण दास बताते हैं कि इमोशनल ब्लैकमेलिंग और वैश्यावृत्ती के लिए सत्ता के गलियारों को पूरी छूट मिली है। नेताओं ने सुन्दर व्यैटीफुल वैश्या सप्लाई के लिए व्यवसायी दलाल पाल रखे हैं? बताते हैं कि 6-6 महिनों और साल साल नेता अपने गृहस्थ से वंचित भ्रमण दौरे पर रहते हैं और उनके घरों मे उनके पी ए नौकर और हैन्डसम पहलवान उनके गृहस्थ वासनाओं का संतुलन बनाए रखने में कामयाब हैं?
उन्होने बताया कि एक सडक छाप रण्डीबाज भिकारी युुवक चुनाव जीतने के बाद देखते ही देखते करोडपती और अरबों-खरबों का मालिक कैसे बन जाते है? इतना ही नहीं इनकी संतान-और जवान मां बहन और बहू बेटियों की मनमानी को देख जनता हैरत अंगेज हैं? हैन्डसमैन गुण्डे मवालियों के साथ नशापान और रंग रंगेलियां मनाते बडे होटलों और रेस्तराओं में पकडा और देखा जा सकता है?राजनेताओं की संतान भाई- भतीजे शराब और वैश्यावृत्ती के चलते नपुंसक हो जाते हैं। और उनकी ग्रहस्थ जबान महिलाओं को गैर हिन्दूओं के हैंण्डसम गुण्डे बदनाम चलाते पकडा गया है ? इस प्रकार की अधिकांश घटनाएं कोलकाता ,दिल्ली,लखनऊ, जयपुर, मद्रास, वेंगलूर, मुंबई, हैदराबाद, मे घटते ही रहती है। उत्तरप्रदेश मे तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव तथा बिहार के तत्कालीन मुख्य मंत्री लालुप्रसाद और राबडी देवी के समयावधि मे पाया गया है? विशेष उल्लेखनीय है कि इस मामले मे महाराष्ट्र की राजधानी मायानगरी मुंबई सारी दुनियां मे सबसे अधिक बदनाम बताया गया है?
इस देश में राष्ट्रभक्ति और राष्ट्र प्रेम केवल सोशल मीडिया तक ही है साधु संत सिर्फ़ ढोंग और पाखंड के लिए ही है सिर्फ़ राजनीति और निजी लाभ के लिए ही सनातन धर्म और राष्ट्र प्रेम हैं इनमें वास्तव में इनमें न तो राष्ट्र के प्रति निष्ठा हैं और न ही प्रेम सिर्फ़ निजी स्वार्थ हैं इनमें न तो इन्हें भारत के प्राचीन संस्कृति का ज्ञान हैं न ही धर्म शास्त्रों का ज्ञान हैं सिर्फ़ पाखंड और स्वार्थ ही हैं इनमें धर्म के नाम पर राजनीति करनी हैं धन एकत्र करना हैं लोगों को मूर्ख बनाना हैं मैंने 4 -5 वर्ष लगाकर इस देश की प्राचीन भारतीय संस्कृति का अध्ययन किया गरीबी और बेरोजगारी के कारण का अवलोकन किया और समाधान का भी अवलोकन किया और समाधान बनाने के पश्चात सरकार को 3 वर्षों से लगातार सूचना दे रहा हूं मैंने कई बार अपने प्रदेश के मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी योजना प्रस्तुत करने के लिए भी आवेदन किए कई बाबाओं से प्रार्थना किया जो मुख्यमंत्री जी के करीबी हैं मुरथल के पीठाधीश से भी और कई बीजेपी के राजनेताओं से भी प्रार्थना किया व्हाट्सएप पर मैसेज भी किया कॉल पर भी बताया जिनमें कुछ प्रसिद्ध नाम इस प्रकार भी हैं:- त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री विप्लव देव, सुधांशु त्रिवेदी,प्रज्ञा ठाकुर,निर्मला सीतारमण, संबित पात्रा, जनरल वीके सिंह , भानुप्रताप वर्मा जी से , बीएसपी के एमएलए उमाशंकर सिंह, ओम प्रकाश राजभर, रक्षा मंत्री राजनाथ जी से और भी कई नेताओं से लगभग कई नेताओं से और प्रोजेक्ट भी दिखाया और बताया और हां इन सबका प्रमाण भी है मेरे पास हवा में नहीं कह रहा हूं और प्रोजेक्ट को मैंने सबसे पहले बिजनेस के महारथियों और आर्थिक सलाहकारों से भी पुष्टि करवाया है जिनमें से कुछ नाम है चोयल ग्रुप के संस्थापक राधेश्याम चॉयल (इनकी वाइस रिकॉर्डिन हैं), डॉ.विवेक बिंद्रा (बड़ा बिज़नेस के संस्थापक ,साक्ष्य :- व्हाट्सप्प चैट) , पीयूष बंसल (लेंसकार्ट, साक्ष्य :- व्हाट्सप्प चैट) ,और भी कई एंजल निवेशक और कई बड़े आर्थिक ज्ञाताओं द्वारा प्रमाणित होने के बावजूद भी कोई इसे सुनने कि तो बात दूर हैं देखा तक नहीं जबकि मैं पीएमओ और लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास के जनता दरबार में भी प्रस्तुत कर चुका हूं। लेकिन खुद सुधरने और दूसरों को भास्करन को तैयार नहीं है?

Advertisements

सहर्ष सूचनार्थ नोट्स:-
उपरोक्त लेख हिन्दू आध्यात्म संस्कृति धर्म की सुरक्षा की दृष्टिकोण से राष्ट्रीय संत महात्माओं के अभिभाषण और प्रवचनों से संकलन किया गया है,सामान्य ज्ञान प्रचार प्रसार के लिए प्रस्तुत है। लेख अच्छा लगा तो धन्यवाद जरुर देना और उपरोक्त अच्छा ना लगे तो इस स्वतंत्र भारत मे स्वयं इच्छुक वासनाओं की आजादी के लिए हमें कोई आपत्ति नहीं है?

Advertisements

About विश्व भारत

Check Also

मोदी का बयान : महाराष्ट्र के नगर निगमो मे महायुति की विजय!

महाराष्ट्र के नगर निगमो मे महायुति की विजय!PMमोदी ने कहा थैंक्यू   टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: …

मुंबईत उद्धव ठाकरे आघाडीवर, तर नागपूर, पुण्यात कोण बाजी मारणार?

मुंबई,नागपूर, संभाजीनगर, पुण्यासह महाराष्ट्रातील 29 महानगरपालिका निवडणुकांसाठी गुरुवारी (ता. 15 जानेवारी) मतदान पार पडले. त्यानंतर …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *