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नागपुर के छावनी दुर्गा मंदिर में आज शक्‍त‍ि स्‍वरूपा माता रानी चंद्रघंटा देवी की पूजा-अर्चना

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नागपुर के छावनी दुर्गा मंदिर में आज शक्‍त‍ि स्‍वरूपा माता रानी चंद्रघंटा देवी की पूजा-अर्चना

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टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट

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नागपुर। छावनी दुर्गा मंदिर में आज माता रानी चंद्रघंटा की पूजा अर्चना की जाएगी। माता रानी के हर रूप की एक अलग कहानी है और नौ दिन देवियों के व‍िभ‍िन्‍न रूपों की पूजा की जाती है। ऐसे में जानें देवी के तीसरे रूप की पूजन व‍िध‍ि और कैसे करें उन्‍हें प्रशन्न किया जाता है
मंंदिर के मुख पुजारी पं शिवकुमार चौबे और पं शिवमंगल गर्ग के अनुसार नवदुर्गा के नौ स्‍वरूपों में तीसरे द‍िन मां चंद्रघंटा देवी की पूजा होती है। यह शक्ति माता का शिवदूती स्वरूप है। चंद्रघंटा देवी के मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र है। ज‍िससे इनका मुख चंद्र के सामान प्रकाशमान होता रहता है। माता चंद्रघंटा ने असुरों के साथ युद्ध में घंटे की टंकार से ही उनका नाश कर दिया था। स‍िंह पर सवार मां दुर्गा अपने इस तीसरे स्वरूप में दस हाथों से शोभायमान होती हैं। इनके हाथ खड्ग, बाण, अस्त्र-शस्‍त्र से व‍िभूष‍ित हैं।

इस द‍िन चंद्रघंटा देवी के इस मंत्र का जाप करना चाह‍िए। पिण्डजप्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकेर्युता । प्रसादं तनुते मह्यं चंद्रघण्टेति विश्रुता…। मां की व‍िध‍िव‍िधान से पूजा अर्चना किया गया। इसके बाद जल, पुष्‍प, दुर्वा, अक्षत, गुलाब, लौंग कपूर से मां की पूजा करना चा‍ह‍िए। इसके अलावा सुबह-शाम आरती करनी चाह‍ि‍ए और मां को खीर, हलवा या फ‍िर क‍िसी म‍िठाई से भोग लगाया गया।

मान्‍यता है क‍ि नवरात्र में माता रानी भक्‍तों द्वारा की जाने वाली पूजा प्रत्यक्ष रूप से स्‍वीकार करती हैं। मां की आराधना से भक्‍तों को व‍िशेष कृपा म‍िलती है। तीसरे द‍िन चंद्रघंटा देवी का आशीर्वाद प्राप्‍त होता है। देवी मां के इस स्वरूप के दर्शन मात्र से ही भक्‍तों को वीरता और निर्भयता का अहसास होने लगता है। इसके साथ ही कल्याणकारी देवी जीवन में कष्टों से मुक्ति द‍िलाती हैं। जीवन में खुशि‍यों का आगमन होता है।
*यहां 3028 अंखंड ज्योत प्रज्लन*

यहां छावनी दुर्गा मंदिर के ज्योत भवन प्रांगण में इस बार 3028 मनोकामना अखंड ज्योत प्रज्वलित किया गया है। रात्र दिवस अखंड ज्योत की देखरेख के लिए गोंदिया से सेवक बुलाए गए हैं। ज्योति को बुझने नही देते नियमित निगरानी और तेल डाला जाता है। दुर्गा मंदिर कमेटी के हुकुम घरयडे, दीपक ईंगले, आकाश मातापुरकर,व तिवारी इत्यादि सभी पदाधिकारी और ट्रस्टीगण शारदीय नवरात्र महोत्सव व्यवस्था संभाले हुए हैं। उसी तरह अखंड ज्योत पहरेदार दुर्गेश लांजेबार भोलाराम गौतम,सौरभ नारनवरे, आशिष ऊके गजेंद्र गौतम संजय ऊके वखूबी संभालें हुए हैं।

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