भाजपा के राष्ट्राध्यक्ष नड्ढा के मुखार्विंद से राहुल गांधी को महाराज रावण से जोडकर बढाया सम्मान?
टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री:सह-संपादक की रिपोर्ट
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्राध्यक्ष जे पी नड्ढा ने अपने मुखार्विंद से कांग्रेस नेता राहुल गांंधी को महाराज रावण के नाम से जोडकर सम्मान बढाया है। राहुल गांधी को रावण की उपाधि विभूषित अलंकृत करके राहुल गांधी का और भी मान सम्मान बढाना कांग्रेस के लिए गौरव की बात है? राजनैतिक विशेषज्ञों की माने तो जबकि कांग्रेस नेता पप्पू राहुल गांधी तो दशकंधर महाराज रावण के पैर के नाखून का मैल के बराबर भी नहीं है? जबकि लंकेश रावण तीनो लोकों में महाप्रतापी, महातेजस्वी और महा तपस्वी थे। जबकि भाजपा अध्यक्ष नड्ढा ने देश की जनता की नजरों से गिरे हुए हलकट और छिछोरा पप्पू को रावण के नाम से जोडकर अभि से कलयुगी प्रधानमंत्री बना दिया है। हालकि वर्तमान परिवेश में अधिकांश राजनेताओं के घर-घर में रावण पैदा हो रहे हैं? देश में निशाचर स्वाभाव और आसुरी आचरण के नेताओं की कमी नहीं है?
राजनीतिज्ञों की माने तो देश में अधिकांश राजनेताओं और कार्यकरता मांसाहार, मदिरापान और पर स्त्री गमन करने वाले व्यभिचारियों की कमीं नहीं है? जो कि अपने बुरे आचरणों से भगवान के भक्तों जैसे निहत्थे, निर्दोष और निरपराध लोगों पर अन्याय ,अत्याचार, उत्पीड़न और आर्थिक शोषण करने में अमादा है। देश भर मे ऐसे अनेक उदाहरण देखने को मिलेंगे। अपने पथ और धर्म से भटके हुए राजनेतागण अपने व्यक्तिगत स्वार्थ में धक्का लगते ही निर्दोष लोगों को झूठे और मनगढंत मामलों मे पुलिस में गिरफ्तार करवाने के मामले प्रकाश में आ रहे हैं? पुलिस अधिकारियों पर राजनैतिक दबाव डालकर गैर कानूनी कार्य करवाना आम हो गई है। देश में सक्रिय पथ भ्रष्ट नेताओं ने अपनी गैर जिम्मेदाराना कार्यप्रणालियों के चलते मानो रावण को भी पीछे छोड दिया है। करोडों-अरबों रुपए की लागत की विकास निधि के कार्यों में मनमाना कमीशन उगाही और देन वसूली के चलते सरकार का दिवाला निकल रहा है? इसी विषय को लेकर कांग्रेस और भाजपा मे प्रतियोगितात्मक झगडा और वाद-विवाद शुरु है।
वैसे भी देश में गंदी और अभद्र राजनीति के चलते मानव अब दानव बन बैठा है। उधर भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा बिना सोचे समझे कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तुलना रावण से करके राहुल को हीरो बना दिया है? वैसे आचरण से तो वहुतांश नेता आचरणों से रावण से कम नहीं है। यदि उसे रावण ना कहते हुए “कांग्रेस का छुटभैया नेता” से संबोधित किया होता तो राहुल गांधी और उनके कांग्रेसी नेताओं की बखिया उधड गई होती? हालकि राजनीति में सबकुछ जायज है नाजायज कुछ भी नहीं है? कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तुलना रावण से करने से नड्ढाजी की देश भर में थूथू हो रही है। वर्तमान परिवेश में जनता-जनार्दन सब जानती और समझती है? ज्यादा बताने बंहकाने और समझाने की जरुरत नहीं है? जमाना जागरूक हो गया है?
राहुल गांधी की तुलना दशानन महाराज रावण से नहीं की जा सकती है? क्योंकि लंकेश रावण स्पेशल और विशुद्ध तपस्वी ब्राह्मण,विप्र, वैष्णव जाति और घराने से है। जबकि राहुल गांधी के पूर्वज मलेच्क्ष और यमन खानदान से संबंध रखता है।
भाजपा के राष्ट्राध्यक्ष नड्ढा साहब ने तो राहुल गांधी को विश्व विख्यात महा प्रतापी, महा तेजस्वी और महा तपस्वी रावण से जोडकर उसे बिना चुनाव लड़े ही मानो उसे रावण से तुलना करके भावी प्रधानमंत्री का आशीर्वाद दे दिया है?
हालकि भविष्य पुराण के कथन के मुताबिक भारत वर्ष में आगामी दशक में यमन का शासनकाल आने की संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता है। यह सबकुछ भारतीय हिन्दू समाज के राजनेताओं की मतलब परस्त और खुन्नस की राजनीतियों के चलते हजारों-लाखों गरीब अन्यायग्रस्त हिन्दू वर्ग समाज धर्म परिवर्तन के लिए प्रतीक्षारत है? हालकि भाजपा नेताओं के बयान के अनुसार कांग्रेस पार्टी के खिलाफ इस कदर नफरत और घ्रणा फैलाई जा रही है?मानों भाजपा नेताओं के ऊपर महा संकट आने वाला है? विशेष उल्लेखनीय है कि वर्तमान परिवेश में 45 से 50 % प्रतिशत कांग्रेसी नेताओं और कार्यकरताओं का भाजपा में शामिल होने का शिलशिला शुरु है। शामिल कार्यकरता कांग्रेसी आचरण और कांग्रेसी संस्कृति भी अपने जहन मे लेकर अवश्य आये होंगे? जो देश और समाज के लिए घातक साबित हो सकता है?य नहीं?
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