मक्का-काबा में BJPऔर RSS के खिलाफ मांगी गई दुआएं? हज कमेटी के पूर्व चेयरमैन मोहसिन रजा के बयान
टकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक की रिपोर्ट, 9822550220
लखनऊ। उत्तरप्रदेश हज कमेटी के पूर्व चेयरमैन मोहसिन रजा ने कहा कि हज जैसी पवित्र यात्रा और काबा जैसे मुकददस जगह भी देश विरोधी विदेशी ताकतों के हाथों का खिलौना बन कर चंद लोगों ने अपनी नकारात्मकता वाली सोच का प्रदर्शन किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश राज्य हज कमेटी के चेयरमैन एवं पूर्व राज्य मंत्री मोहसिन रजा ने वीडिया ट्वीट कर दावा किया है कि भारत से सऊदी अरब हज करने गये यात्रियों ने भाजपा और आरएसएस की बर्बादी की दुआ मांगी जा रही है। उन्होंने गृह मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियों से वीडियो की सच्चाई का पता कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मोहसिन रजा ने कहा कि हज जैसी पवित्र यात्रा और काबा जैसे मुकददस जगह भी देश विरोधी विदेशी ताकतों के हाथों का खिलौना बन कर चंद लोगों ने अपनी नकारात्मकता वाली सोच का प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि हज पर जाने वाले यात्री एक दूसरे मिलकर अपने लिये मांफी मांग कर जाते है ताकि उनका हज कुबूल हो सके। जो लोग वीडियो में भाजपा और आरएसएस के बर्बाद होने की दुआ कर रहे हैं, उनका नजरिया हज का नही है। क्योंकि हज के नजरिये से जाने वाले यात्री नफरत फैलाने वाली बातें नही करते हैं। उन्होंने बताया कि वीडियो में दक्षिण भारतीय भाषा में बोलते हुये हज यात्री दिख रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि हज यात्रियों का समूल उसी प्रकार तमिल भाषा में भाजपा और आरएसएस के लिये बददुआ करते नजर आ रहे हैं। उन्होंने इसे देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला बताते हुये उच्च स्तरीय जांच करने की मांग की है।सोशल मीडिया पर वरिष्ठ पत्रकार तारिक फतह ने एक वीडियो शेयर किया है जिसमें मुसलमानों को भाजपा और आरएसएस के खिलाफ मक्का में प्रार्थना करते दिखाया जा रहा है. ये वीडियो अब बहस का विषय बन गया है.
भगवान के घर जाकर क्या मांगा जाता है? किसी की भलाई, अपनी भलाई, सुख-समृद्धि की या किसी दुश्मन के हार जाने की? हाल ही में ट्विटर पर एक ऐसा वीडियो वायरल हुआ है जिसने भगवान की प्रार्थना का एक अलग ही रूप ले लिया है. जर्नलिस्ट तारिक फतह ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर किया है जिसमें ये दावा किया जा रहा है कि तमिल मुस्लिम मक्का में भाजपा के खिलाफ दुआ मांग रहे हैं और साथ ही साथ, इस दुआ में आरएसएस का नाम भी शामिल है. इस दुआ में मोदी के दोबारा सत्ता में वापस न आने की बात कही जा रही थी और क्योंकि लोकसभा चुनाव 2024 अपने चरम पर हैं इसलिए इस समय ये वीडियो वायरल होना कई मायनों में राजनीतिक संकेत दे रहा है.
ये वीडियो जैसे ही ट्विटर पर आया वायरल हो गया और यकीनन मोदी और आरएसएस समर्थकों ने मुसलमानों को ट्रोल करना शुरू कर दिया.
इस वीडियो को ध्यान से देखकर समझा जा सकता है कि दरअसल, प्रार्थना करवाने वाला कोई एक इंसान है जिसकी बातों को सब दोहरा रहे हैं. इस वीडियो के आने के बाद ट्विटर पर जिस तरह की प्रतिक्रिया की उम्मीद की जा सकती थी वैसी ही मिल रही है.
वैसे तो इस वीडियो के आने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं और सबसे बड़ा ये सवाल है कि आखिर क्यों इस तरह की प्रार्थना करने की जरूरत पड़ी लोगों को? वो मक्का जैसी जगह पर जो इस्लाम के लिए सबसे ज्यादा पवित्र मानी जाती है. पर इस वीडियो में क्या कहा जा रहा है उसपर थोड़ी रौशनी डालने की कोशिश करते हैं.
1. क्या भाजपा के खात्मे की बात हो रही है?
तारिक़ फ़तह की ट्वीट में लिखा हुआ है कि ये मुसलमान मक्का में ये प्रार्थना कर रहे हैं कि आरएसएस और भाजपा का भारत में विनाश हो जाए. शब्द का इस्तेमाल किया गया है जब्कि ये पूरी तरह से गलत है. प्रार्थना में उनके सत्ता में वापस न आने की बात की जा रही है खात्मे की नहीं. कुछ लोग इस ट्वीट का जवाब खात्मे/विनाश शब्द के आधार पर भी दे रहे हैं.
2. क्या ये तमिल मुस्लिम हैं? कम से कम वीडियो में दावा तो यही किया जा रहा है. साथ ही साथ, प्रार्थना आखिर में तमिल भाषा में कही जा रही है. जो इंसान प्रार्थना करवा रहा है वो तमिल भाषा में बात कर रहा है और दुआ करने को कह रहा है. पर वीडियो ये नहीं दिखाता कि क्या वाकई बाकी लोग भी इसे दोहरा रहे हैं या नहीं. और इसके अलावा, कोई जानकारी नहीं है.
3. क्या कहा जा रहा है प्रार्थना में?
शुरुआत में अरबी भाषा में प्रार्थना की जा रही है और उसके बाद आखिरी लाइन में तमिल में कहा जा रहा है कि , ‘दुआ करो आरएसएस और भाजपा दोबारा सत्ता में न आएं’. ये कहने वाला भी वो इंसान है जो पहले अरबी में प्रार्थना करवा रहा था.
4. कब का है ये वीडियो? सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न ये है कि ये वीडियो आखिर है कब का? न तो तारक फतेह की ट्वीट में इसकी कोई जानकारी है. ये वीडियो पुराना भी हो सकता है, लेकिन क्योंकि लोकसभा चुनाव 2019 अभी चल रहे हैं इसलिए इसे नया ही माना जा रहा है. अभी इसके अलावा, इस वीडियो से जुड़ी कोई और जानकारी उपलब्ध नहीं है
अपने पवित्र जगह पर भी ये लोग दूसरों की बर्बादी की ही प्रार्थना करते हैं इनका भगवान भी इन पर तरस खाता है
इतना ही नहीं बल्कि सवाल हज सब्सिडी पर भी उठने लगा है. इस वीडियो के वायरल होते ही लोग ये सवाल करने लगे हैं कि आखिर मुसलमानों को भारत में हज सब्सिडी क्यों दी जाती है.
हज़ का कोटा बढ़वाती हैं, और ये लोग उसके विनाश के लिए दुआ मांग रहे हैं , बहुत खतरनाक संकेत हैं।
एक बार फिर से वही सवाल सबसे अहम बन जाता है कि आखिर क्यों मुसलमानों को मक्का में ये प्रार्थना करने की जरूरत पड़ी? ये बेहद संगीन बात है क्योंकि इस तरह की प्रार्थना किसी सरकार के प्रति क्रोध या कट्टरता को भी दर्शाती है. सवाल संगीन है और शायद इसका जवाब कभी मिल भी न पाए. मुसलमान नरेंद्र मोदी के खिलाफ रहते हैं ये तो आम धारणा है. लेकिन इस हद तक खिलाफत है कि मक्का में भी ये प्रार्थना की जाए ये बात बहुत अजीब है.यह शिल शिला पिछले सन 2018- 2019 से चला आ रहा है?
इस संबंध में अनेक मुस्लिम विद्वानों का मानना है कि इसमे ऊपर वाले के सामने किसी की भी नहीं चलती है। जो भी हो रहा है उसी की मर्जी से संभव है। हो सकता है RSS,BJP और मोदी को ऊपर वाले ने ही भेजा हो? क्योंकि ऊपर वाले के आगे किसी की नहीं चलती है,
विश्वभारत News Website