मधुमेह नियंत्रण का प्राकृतिक औषधीय उपचार
टेकचंद्र शास्त्री
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नई दिल्ली। भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के औषधीय और चिकित्सक विशेषज्ञों के अनुसार
शुगर (मधुमेह) के लिए कई प्राकृतिक औषधियां उपलब्ध हैं, लेकिन यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये उपचार चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं हैं और इन्हें हमेशा डॉक्टर की सलाह के बाद ही इस्तेमाल करना चाहिए।
सबसे प्रभावी प्राकृतिक औषधियों में शामिल हैं .
मेथी के दाने: इन्हें सबसे प्रभावी प्राकृतिक उपचारों में से एक माना जाता है। रात भर मेथी के दानों को पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट खाने से रक्त शर्करा का स्तर नियंत्रित रहता है।
करेला: करेले का जूस या इसे आहार में शामिल करना शुगर के स्तर को कम करने में मदद कर सकता है।
आंवला: आंवले के औषधीय गुण मधुमेह प्रबंधन में मूल्यवान माने जाते हैं। कच्चे आंवले का सेवन या इसका रस पीना फायदेमंद होता है।
तुलसी के पत्ते: तुलसी के पत्तों में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो रक्त में शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। सुबह खाली पेट 4-5 पत्ते चबाना लाभकारी हो सकता है।
दालचीनी: यह एक सामान्य मसाला है जो रक्त शर्करा के स्तर को कम करने में मदद कर सकता है।
जीवनशैली में बदलाव:
प्राकृतिक औषधियों के अलावा, जीवनशैली में कुछ बदलाव भी शुगर को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं:
संतुलित आहार: फाइबर और प्रोटीन से भरपूर भोजन करें और रिफाइंड शुगर व कार्बोहाइड्रेट का सेवन कम करें।
नियमित व्यायाम: रोजाना कम से कम 30 मिनट का शारीरिक व्यायाम इंसुलिन संवेदनशीलता को बेहतर बनाने में मदद करता है।
तनाव प्रबंधन: योग और ध्यान तनाव के स्तर को कम करने में सहायक होते हैं।
शुगर की बीमारी को डायबिटीज और मधुमेह के नाम से भी जानते हैं। दुनियाभर में शुगर की बी्मारी से करोड़ों लोग जूझ रहे हैं। इस बीमारी में इंसुलिन का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं हो पाता है और ब्लड में मौजूद ग्लूकोस और शुगर का लेवल बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। डायबिटीज की बीमारी को हल्के में नहीं लेना चाहिए, नहीं तो यह गंभीर परिस्थितियां पैदा कर सकती है। शरीर में शुगर लेवल बढ़ने के कारण कई बार हार्ट अटैक जैसी समस्याएं भी देखने को मिल सकती है। आइए जानते हैं, शुगर कंट्रोल कैसे करे, शुगर की देशी दवा क्या है, इत्यादि।
शुगर की देशी दवा क्या है?
क्या आप जानते हैं, आयुर्वेद में शुगर की सबसे अच्छी दवा कौन सी है? आयुर्वेद की सबसे अच्छी बात यह है कि यह बीमारी से बचाव और इलाज करने के साथ बाकी जटिलताओं से भी बचाती है। देखें, आयुर्वेदिक जड़ी-बुटियों से शुगर का देसी इलाज निम्नलिखित है:-
मेथी – वैसे तो मेथी का स्वाद कड़वा होता है लेकिन यह शुगर, ओबेसिटी और कोलेस्ट्रॉल के लिए सबसे अच्छी आयुर्वेदिक उपाय है। शुगर कंट्रोल करने के लिए मेथी का सेवन करना बहुत अच्छा उपाय होता है। इसके लिए एक चम्मच मेथी पाउडर खाली पेट या सोते समय गुनगुने पानी के साथ सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा आप एक चम्मच मेथी के दाने को पानी में भीगो कर रात भर के लिए छोड़ दे और सुबह खाली पेट इसका सेवन कर सकते हैं।काली मिर्च – काली मिर्च शुगर लेवल कंट्रोल करने का बेहतरीन आयुर्वेदिक इलाज है। इसमें पिपेरिन नामक कंपोनेंट होता है। इसके लिए आप एक चम्मच काली मिर्च के पाउडर को हल्दी के साथ मिक्स करें और रात को खाने से एक घंटे पहले सेवन करें।
दालचीनी – दालचीनी भी डायबीटीज को कम करने का काम करती है। यह इंसुलिन रेजिस्टेंस कम करने के साथ कोलेस्ट्रोल और वसा को भी कम करती है। इसके लिए एक चम्मच दालचीनी, आधा चम्मच मेथी पाउडर और हल्दी मिक्स करें और खाली पेट आप इसका सेवन कर सकते है। आप इसका हर्बल टी भी पी सकते हैं, चाय में दालचीनी का टुकड़ा जरूर मिलाएं।
ब्लड शुगर में क्या खाना चाहिए?शुगर पेशेंट को अनाज, फल और सब्जी में निम्नलिखित चीजें खानी चाहिए:-
अनाज – शुगर पेशेंट सामक चावल, दलिया, जौ, सूजी, गेहूं इत्यादि का सेवन कर सकते हैं।
दाल – दाल में हरे चने, काबुली चने, अरहर दाल, कुलथी की दाल, आदि आप अपने आहार में ले सकते हैं।
फल – फल में संतरा, चेरी, नाशपाती, सेब, कीवी इत्यादि का सेवन कर सकते हैं।
सब्जियां – पालक, कच्चा केला, बीन्स, कच्चा पपीता, शिमला मिर्च, करेला इत्यादि डायबिटीज पेशेंट खा सकते हैं।
शुगर लेवल कम करने के उपाय क्या है?
शुगर खत्म करने का उपाय आप घर पर आसानी से कर सकते हैं। यहां पर कुछ घरेलू उपाय दिए गए हैं, जिसके द्वारा आप अपने शुगर को कंट्रोल कर सकते हैं?
नीम:शुगर पेशेंट के लिए नीम की पत्तियां बहुत फायदेमंद होती है। यह ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करती है। आप नीम की पत्तियों को सुखा लें, उसके बाद पीस कर चिकना कर लें, दिन में दो बार आप इसके चूर्ण को ले सकते हैं।
करेला:करेला आपके शुगर लेवल को कंट्रोल रखता है। यदि आप नियमित रूप से करेला का जूस पीते हैं या सब्जी खाते हैं, तो आप डायबिटीज जैसी खतरनाक बीमारी से बच सकते हैं।
जामुन:डायबिटीज पेशेंट के लिए जामुन के कई फायदे हैं। आप जामुन का सेवन काला नमक के साथ कर सकते हैंं। इसके अलावा आप जामुन की गुठली को सुखा कर, पीसने के बाद, उसके चूर्ण का सेवन कर सकते हैं। आप दो चम्मच इसके चूर्ण को गुनगुने पानी में डाल कर, सुबह और शाम के समय पी सकते हैं।
अदरक:नियमित रूप से अदरक का सेवन डायबिटीज को नियंत्रित करने का काम करता है। आप अदरक का काढ़ा बना कर, दिन में दो बार पी सकते हैं
मेथी शरीर में ग्लूकोज की मात्रा को सही करने के साथ ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने का काम करती है। आप दो चम्मच मेथी के दाने को रात भर पानी में भीगो दें और खाली पेट पानी और मेथी के दाने का सेवन कर सकते हैं।
डायबिटीज मरीजों में किडनी की बीमारी के लक्षण और उपचार.डायबिटीज में शरीर के ब्लड में शुगर का लेवल बढ़ जाता है। इसके कारण कई गंभीर बीमारियां उत्पन्न हो सकती है और हार्ट अटैक तक की नौबत आ सकती है। इसलिए आप कुछ देसी और घरेलू उपाय कर के अपने शुगर लेवल को कंट्रोल कर सकते हैं। आप मेथी, काली मिर्च, दालचीनी, नीम, करेला, जामुन इत्यादि का सेवन कर के शुगर को कंट्रोल कर सकते हैं। डायबिटीज में उपरोक्त बताए अनुसार अनाज, दाल, फल इत्यादि का सेवन कर सकते हैं, जो बीमारी में फायदेमंद होते हैं।
खराब जीवनशैली और खान-पान की आदते डायबिटीज का मुख्य कारण है। इसके अलावा आप डायबिटीज के लिए स्वास्थ्य बीमा (medical insurance) भी करा सकते हैं। जहां डायबिटीज बीमारी में होने वाले अस्पताल के खर्चों को इंश्योरेंस कंपनी देती है। आप केयर हेल्थ के डायबिटीज इंश्योरेंस प्लान (Diabetes Health Insurance) के अलावा सीनियर सिटीजन हेल्थ इंश्योरेंस प्लान (senior citizen mediclaim policy) को खरीद सकते हैं, जहां आपको वार्षिक हेल्थ चेकअप, प्री और पोस्ट होस्पटलाइजेशन, डे-केयर ट्रीटमेंट इत्यादि जैसी और भी कई सुविधाओं प्रदान की जाती है।
सहर्ष सूचनार्थ नोट्स:-
उपरोक्त समाचार लेख आपको सामन्य जानकारी के लिए है, किसी भी तरह के नुस्खें को अपनाने से पहले किसी परिचित अनुभव कुशल डॉक्टर से परामर्श करें। हेल्थ कवरेज के दावों की पूर्ति पॉलिसी के नियमों और शर्तों के अधीन है। कृपया ब्रोशर, सेल्स प्रोस्पेक्टस, नियम और शर्तों को अच्छे से पढ़ें।
क्लेम किया हो या न किया हो, बीमित व्यक्ति को असीमित अवधि के लिए संचयी आधार पर मूल बीमा राशि का 100% हर साल प्राप्त होगा। पॉलिसी रिन्यू के समय यदि पॉलिसीधारक इस वैकल्पिक लाभ को रिन्यू नहीं करना चाहता है, तो समाप्त हो रही पॉलिसी के तहत इन्फिनिटी बोनस बंद कर दिया जाएगा।
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