सौभाग्यशाली या दुर्भाग्यशाली?भविष्य फल बताती हैं हस्तरेखाएं
टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री:
9822550220
हस्तसामुद्रिक विज्ञान के मुताबिक हाथों की हस्तरेखाएं भाग्य भविष्य फल बतलाती है.पुण्यकर्म और सत्कर्म के द्धारा अपने दुर्भाग्य को सौभाग्य मे बदला जा सकता है.
हस्तरेखा शास्त्र में हाथ की रेखाओं को देखकर व्यक्ति के भविष्य के बारे में बताया जाता है। हथेली में कुछ रेखाएं और निशान ऐसे पाए जाते हैं, जोकि बेहद शुभ माना जाता है। लेकिन इसके साथ ही कुछ रेखाएं और निशान अशुभ भी होते हैं। हस्तरेखा शास्त्र के मुताबिक जिन जातकों की हथेली में यह अशुभ रेखाएं पाई जाती हैं, तो उनके जीवन में बहुत सारी परेशानियां आने लगती हैं। साथ ही समय के साथ आर्थिक तंगी भी होने लगती है। काफी ज्यादा मेहनत करने के बाद भी सफलता नहीं मिल पाती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि हथेली में वह कौन सी रेखाएं और निशान होते हैं, जो दुर्भाग्य को दर्शाते हैं।
द्वीप का निशान अगर किसी जातक की हथेली में किसी पर्वत पर द्वीप का निशान पाया जाता है, तो यह बेहद अशुभ माना जाता है। मान्यता है कि द्वीप का निशान जिस पर्वत पर होता है, उस जातक पर विपरीत प्रभाव डालता है। अगर द्वीप का निशान गुरु पर्वत पर है, तो जातक के मान-सम्मान में कमी आती है। वहीं जातक को नौकरी संबंधी परेशानियों का भी सामना करना पड़ सकता है।
क्षैतिज रेखाएं हस्त रेखा शास्त्र के अनुसार, जिन जातकों की अनामिका उंगली पर क्षैतिज रेखाएं पाई जाती हैं, वह सही नहीं होता है। मान्यता है कि क्षैतिज रेखाएं दुर्भाग्य का संकेत देती हैं। ऐसी रेखाएं सामाजिक प्रतिष्ठा कम करती हैं।
भाग्य रेखा पर तिल
हस्त रेखा शास्त्र के मुताबिक भाग्य रेखा पर तिल का निशान होना अशुभ माना जाता है। मान्यता है कि जिन जातकों की हथेली में भाग्य रेखा पर तिल होता है, उन लोगों को अपने जीवन में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही जातक को आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ता है.
हस्तरेखा शास्त्र में हथेली में शुक्र पर्वत पर त्रिभुज का निशान एक शुभ संकेत माना जाता है। यह निशान जातक के जीवन में भौतिक सुख, मधुर वाणी और आकर्षण का प्रतीक होता है। हथेली में शुक्र पर्वत अंगूठे के नीचे उभार वाला क्षेत्र होता है। जोकि जीवन रेखा से घिरा होता है। शुक्र पर्वत पर त्रिभुज का निशान जातक को प्रभावशाली और आकर्षण व्यक्तित्व प्रदान करता है। ऐसे जातकों का रंग-रूप काफी ज्यादा प्रभावी होता है। प्रभावी व्यक्तित्व होने के कारण हर कोई उनकी ओर एक बार पलटकर देखता जरूर है।
इन लोगों की वाणी में इतनी मिठास होती है कि हर कोई इनसे बात करना चाहता है। यह जातक अपने शब्दों के जादू से सामने वाले का दिल जीतने की कला बखूबी जानते हैं। शुक्र पर्वत पर त्रिभुज का निशान होना यह बताता है कि जातक भौतिक सुखों का आनंद लेता है। वहीं इन लोगों का पर्स कभी खाली नहीं रहता है।
तड़क-भड़क से भरा जीवन
ऐसे लोग अपने जीवन में विलासिता का अनुभव करते हैं। फिर परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों। इनके पास हमेशा अच्छे गैजेट्स और तड़क-भड़क देखने को मिलेगी। यह लोग अच्छी जगहों पर उठना बैठना पसंद करते हैं और इनके अपने बनाए हुए कुछ स्टैंडर्ड होते हैं, जिनसे यह समझौता नहीं करते हैं.
इन जातकों को पता होता है कि इनको जीवन में आगे क्या करता है। यह अपने विचारों को लेकर काफी स्पष्ट होते हैं। शुक्र पर्वत पर बना त्रिभुज बताता है कि ऐसा व्यक्ति अपने जीवन में खूब धन-दौलत कमाते हैं। साथ ही यह अपने जीवन में भी सफलता प्राप्त करते हैं। यह लोग गाने-बजाने और गीत-संगीत के शौकीन होते हैं।
अगर निगेटिव साइड की बात करें, तो ऐसे लोग अधिक मेहनत करने वाले काम नहीं कर पाते हैं। इन लोगों के लिए कंफर्ट जोन काफी मायने रखता है। वहीं तनावपूर्ण माहौल में नहीं रह पाते हैं और न ही दूसरों को तनाव देते हैं। इन जातकों की जिंदगी का फलसफा मजे करना होता है। सबको साथ लेकर चलने की जगह कई बार यह खुद को आगे रखते हैं।
हथेली के ये निशान हैं बेहद अच्छी किस्मत वालों को राजयोग मिल सकता है.
हस्तरेखा शास्त्र, ज्योतिष शास्त्र का ही एक भाग है, जिसकी सहायता से जातक की हाथ की रेखाओं का अध्ययन कर भविष्य के बारे में बताया जा सकता है। हस्तरेखा शास्त्र में हथेली पर ऐसे कई निशान बताए गए हैं। जोकि दुर्लभ होने के अलावा काफी शुभ भी माने गए हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको हाथ में बनने वाले कुछ शुभ निशानों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके होने से व्यक्ति को भाग्य का साथ मिलता है।
मिलते हैं ये शुभ संकेत
त्रिशूल महादेव का अस्त्र है, जिसको हस्त रेखा में एक शुभ संकेत के रूप में देखा जाता है। अगर किसी जातक की हथेली पर मस्तिष्क रेखा या फिर मंगल पर्वत के ऊपरी हिस्से में त्रिशूल का चिह्न बनता है, तो ऐसे जातक को काफी भाग्यशाली माना जाता है। इन लोगों पर भगवान शिव की कृपा बनी रहती है और इनको अपने जरूरी कार्यों में सफलता मिलती है।
ऐशो-आराम की जिंदगी
हस्तरेखा शास्त्र के मुताबिक अगर किसी जातक की हथेली में मस्तिष्क रेखा दो भागों में बंटकर त्रिकोण का चिन्ह बनता है। तो ऐसा व्यक्ति भाग्यशाली माना जाता है। ऐसे व्यक्ति के जीवन में कभी पैसे की किल्लत नहीं रहती है। इसी के साथ अगर व्यक्ति की दोनों हथेलियों को मिलाने पर अर्धचंद्र का निशान बनता है, तो माना जाता है कि इन लोगों की ऐशो-आराम में कमी नहीं होती।
खुल जाता है भाग्य
अगर किसी जातक की हथेली पर मछली का चिह्न दिखाई देता है, तो अचानक से धन लाभ का संकेत देता है। अगर किसी जातक की हथेली पर कमल की आकृति बनी है, तो माना जाता है कि धन-समृद्धि के योग बन रहे हैं। वहीं हस्तरेखा शास्त्र के मुताबिक जातक की हथेली में स्वास्तिक का चिन्ह बनना भी शुभ माना जाता है।
चिह्न भी हैं शुभ वहीं हथेली के कुछ निशान जैसे मछली, त्रिशूल, चक्र, स्वास्तिक और कमल आदि का निशान भी भाग्यशाली माने जाते हैं। हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, यह निशान मान-सम्मान, धन और सफलता का प्रतीक माने जाते हैं। वहीं अगर किसी जातक की हथेली में वर्ग की आकृति पाई जाती है, तो इसका मतलब है कि उसको अपने जीवन में शुभ परिणाम मिल सकते हैं।
हथेली पर बना किसी भी व्यक्ति के भविष्य को जानने के लिए ज्यातिष शास्त्र को सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। वहीं सामुद्रिक शास्त्र में हाथ की रेखाओं का अहम स्थान रहा है। हस्तरेखा शास्त्र एक ऐसा विज्ञान है, जोकि हथेली में रेखाओं की अच्छी-बुरी स्थिति और जातक के भाग्य और स्वभाव की ओर इशारा करती है। हस्तरेखा शास्त्र का सही से अध्ययन करने पर जातक के भविष्य के बारे में सटीक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
हथेली पर रेखाओं के अलावा कई तरह के चिह्न भी बने होते हैं। यह चिह्न शुभ और अशुभ दोनों प्रकार के प्रभावों वाले होते हैं। बता दें कि अशुभ प्रभाव वाले चिह्नों में से एक क्रॉस का निशान होता है। हथेली पर बना क्रॉस का चिह्न अधिकतर विपरीत फल ही देता है।
अगर किसी जातक की हथेली पर शनि क्षेत्र यानी की बीच वाली उंगली के नीचे क्रॉस का निशान है और यह भाग्य रेखा को टच कर रहा है। तो ऐसे जातक को दुर्घटना से हानि होने की प्रबल संभावना रहती है। अगर सिर्फ शनि क्षेत्र पर ही क्रॉस का चिह्न है, तो यह जातक को उत्साहहीन, निराशावादी और आलसी होता है।
सूर्य क्षेत्र यानी की अनामिका उंगली के नीचे अगर क्रॉस का चिह्न होता है, तो जातक अपने जीवन में बड़ी मुश्किल से सफल होता है। अधिकतर कार्यों में जातक को असफलता प्राप्त होती है।
वहीं हाथ की सबसे छोटी उंगली के नीचे के क्षेत्र को बुध का क्षेत्र कहा जाता है। यहां पर क्रॉस का चिह्न होता है, तो व्यक्ति के स्वभाव में ईमानदारी की कमी होती है। जिसकी वजह से व्यक्ति को सफलता नहीं मिल पाती है।
वहीं हथेली के मध्य में मंगल क्षेत्र होता है। इस पर क्रॉस होने पर जातक का स्वभाव लड़ाई-झगड़े वाला होता है। ऐसे जातकों के शत्रुओं की संख्या काफी ज्यादा होती है।
अंगूठे के नीचे शुक्र पर्वत पर क्रॉस का चिह्न होने से जातक प्रेम में बहुत ज्यादा दुख पाता है।
चंद्र क्षेत्र जोकि शुक्र पर्वत होता है, यह अंगूठे के दूसरी ओर स्थित होता है। यहां पर क्रॉस का चिह्न होने से जातक की कल्पना शक्ति कमजोर होती है।
अगर गुरु पर्वत यानी की तर्जनी उंगली के नीचे क्रॉस का चिह्न होता है, तो यह बुरा प्रभाव नहीं देता है। बता दें कि जितने भी बड़े भविष्यवक्ता हुए हैं, इनमें से अधिकांश के हाथों में गुरु यानी की बृहस्पति पर्वत पर क्रॉस का चिह्न देखा गया है
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