2024 में NDA से मुकाबले के लिए विपक्ष ‘INDIA’ का नया प्लान
टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री:सह-संपादक की रिपोर्ट
बेंगलुरु की बैठक में विपरीत विचारधाराओं से जुडे़ कई दल दिखे, जो राज्य में एक-दूसरे के कट्टर सियासी दुश्मन हैं. अब तक सब अलग-अलग चुनाव लड़ रहे थे, लेकिन अब वे एक साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं।
विपक्ष की महाबैठक से निकला संदेश
भारतीय राजनीति में विपक्षी एकता के लिए 18 जुलाई का दिन हमेशा याद किया जाएगा. मंगलवार 26 विपक्षी दलों के गठबंधन का नामकरण हो गया इसके साथ ही 2004 में बने UPA का सियासी अस्तित्व खत्म हो गया. अब यूपीए अतीत की बात हो गई और भारतीय राजनीति में एक नए गठबंधन ने आकार ले लिया है. तो क्या चुनावी इतिहास में जैसा कमाल 1977 और 1989 में एकजुट विपक्ष ने किया था, वैसा नया गठबंधन कर पाएगा. आइए आपको टीम इंडिया और टीम एनडीए की शक्ति के बारे में बताते हैं.
मंच तो एक है लेकिन दल अनेक हैं. यहां देश के वो तमाम क्षेत्रीय क्षत्रप मौजूद हैं, जिन्होंने अपने दम पर मोदी मैजिक को अपने गढ़ में रोका है. इनमें अरविंद केजरीवाल, हेमंत सोरेन, ममता बनर्जी, सिद्दारमैया जैसे नेता शामिल हैं. यहां विपरीत विचारधाराओं से जुडे़ कई दल दिखे, जो राज्य में एक-दूसरे के कट्टर सियासी दुश्मन हैं. अब तक सब अलग-अलग चुनाव लड़ते थे, लेकिन अब एक साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे, एक नई पहचान और एक नए नाम के साथ.
विपक्षी गठबंधन का नया नाम I.N.D.I.A.
मंगलवार को 26 दलों के गठबंधन का नामकरण हो गया. नाम है इंडियन नेशनल डेवेलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस. शॉट फॉर्म में समझे तो 26 दलों के गठजोड़ का नाम हैं इंडिया. गठबंधन का नाम तय हो गया लेकिन इन तस्वीरों का सियासी मतलब क्या है? विपक्षी एकता को लेकर दो दिवसीय मंथन से 24 के लिए क्या प्लान निकला? विपक्षी एकता सम्मेलन में नेताओं के हाथ मिले लेकिन क्या दिल मिले? इन सवालों का जवाब विपक्षी एकता की इन तस्वीरों में छिपा हुआ हैं, क्योंकि 2024 के लिए विपक्षी दलों ने मोदी को बड़ा संदेश दे दिया है.
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