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संसद भवन के भीतर ऐसे ही नहीं घुसे थे आरोपी, लखनऊ में बने खास जूते पहनकर आए थे?

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संसद भवन के भीतर ऐसे ही नहीं घुसे थे आरोपी लखनऊ में बने खास जूते पहनकर आए थे?

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टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट

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नई दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के लिए नए संसद भवन पर बढ़ते खतरों के चलते सुरक्षा में और बेहतरी लाने के लिए एक संस्था को शामिल करने का योजना बनाई गई है। दिल्ली पुलिस चार आरोपियों को गिरफ्तार कर रही है। आरोपियों को लेकर बड़ी जानकारी आई है कि ये लोग लखनऊ में बने एक खास जूतों को पहनकर अंदर दाखिल हुए थे।

दिल्ली पुलिस ने नए संसद भवन की सुरक्षा में सेंध लगाने के जुर्म में गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों को सात दिन की रिमांड पर लिया है। आरोपियों को अदालत के सामने पेश करते हुए पुलिस ने कहा कि आरोपियों ने हमले के लिए लखनऊ से खास तरह के जूते लिए थे।पुलिस ने आरोपियों- मनोरंजन डी, सागर शर्मा, अमोल शिंदे और नीलम देवी को पटियाला हाउस कोर्ट स्थित एनआईए मामलों के स्पेशल जज हरदीप कौर के सामने पेश किया। उनसे हिरासत में पूछताछ के लिए 15 दिनों की रिमांड मांगी। उन पर आईपीसी धाराओं के अलावा आतंकवाद विरोधी कानून यूएपीए के तहत आतंकवाद और उसकी साजिश से जुड़े आरोप लगाए गए हैं।

बहस के दौरान अभियोजन पक्ष ने चारों पर आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया। कहा कि आरोपियों ने डर पैदा करने की कोशिश की। यह संसद पर सुनियोजित हमला था। आरोपियों को सिर्फ गैलरी तक ही जाने का अधिकार था। वे विजिटर्स गैलरी की वॉल से कूद गए, जो सीमा का उल्लंघन था। उन्होंने धुएं का कैन अपने जूतों में छिपा रखा था। अभियोजन पक्ष ने कहा कि घटना के पीछे असल मकसद को मालूम करने और यह पता लगाने के लिए कि क्या कुछ अन्य लोग भी शामिल थे, उनसे हिरासत में पूछताछ की जरूरत है।

आरोपियों ने अदालत को बताया गया कि खास तरीके के जूते लखनऊ में बनाए गए थे, जिनकी जांच की जानी है। पुलिस उन्हें जांच के लिए मुंबई, मैसूर और लखनऊ ले जाना चाहती है। अदालत की ओर से आरोपियों को कानूनी मदद के लिए वकील मुहैया कराया गया, क्योंकि उनका कहना था कि उनके पास प्रतिनिधित्व के लिए कोई वकील नहीं है। कानूनी मदद के लिए मिले वकील ने 15 दिन की रिमांड की मांग का विरोध किया।
हम यह नहीं कह रहे हैं कि इसकी प्लानिंग विपक्षी INDIA गठबंधन दल के खासम खास नेताओं ने शाजिश रची थी?परंतु कयास लगाए जा रहे हैं? और यह भी सत्य है कि कांग्रेस आलाकमान को इस संदर्भ मे सब कुछ मालुम है।जिसकी सीबीआई जांच पड़ताल कर रही है?

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