‘कमल नाथ पर भी है ED और CBI का भारी दबाव’? वयोवृद्ध पूर्व CM दिग्विजय सिंह के बयान
टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट
भोपाल। कांग्रेस नेता और वयोवृद्ध राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि भाजपा हाईकमान कमलनाथ को भाजपा मे शामिल होने के लिए नए नए हथकंडे अपना रहे हैं। कमलनाथ की भाजपा में शामिल होने की इच्छा शक्ति नहीं है? उन्होने कहा कि मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ कांग्रेस नहीं छोड़ेंगे। कमलनाथ के ऊपर ईडी आइटी और सीबीआई का जो दबाव सब पर है वह उन पर भी है लेकिन कमल नाथ का चरित्र दबाव में आने वालों का नहीं है। मेरी कमल नाथ से चर्चा हुई है और कांग्रेस नेतृत्व की भी उनसे चर्चा हो रही है।
कांग्रेस नेता और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने फिर कहा कि मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ कांग्रेस नहीं छोड़ेंगे। ईडी, आईटी और सीबीआई का जो दबाव सब पर है, वह उन पर भी है, लेकिन कमल नाथ का चरित्र दबाव में आने वालों का नहीं है। मेरी कमल नाथ से चर्चा हुई है और कांग्रेस नेतृत्व की भी उनसे चर्चा हो रही है।
मीडिया से बातचीत में दिग्विजय सिंह ने ये कहा
भोपाल में रविवार को मीडिया से चर्चा में दिग्विजय ने कहा कि कमल नाथ ने कांग्रेस से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। हम सभी उन्हें इंदिरा गांधी का तीसरा सुपुत्र मानते हैं और उन्होंने हमेशा कांग्रेस का साथ दिया है और वह कांग्रेस के स्तंभ रहे हैं। कांग्रेस में उन्हें हर पद मिला है।
केंद्रीय मंत्री रहे, एआईसीसी में महामंत्री रहे, मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और यहां के मुख्यमंत्री भी रहे। मुझे नहीं लगता कि वह पार्टी छोड़ेंगे। बता दें कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी कमल नाथ के भाजपा में जाने की अटकलों को खारिज कर चुके हैं। इससे पहले दिग्विजय ने शनिवार को जबलपुर में बयान दिया था, कमल नाथ पार्टी नहीं छोड़ रहे हैं।
विधायक और पार्टी पदाधिकारियों के संपर्क में पटवारी, सिंघार व कटारे
उधर, कमल नाथ व उनके बेटे नकुल नाथ के समर्थकों समेत भाजपा में जाने की अटकलों के बीच प्रदेश कांग्रेस अपने विधायक और पार्टी पदाधिकारियों से संपर्क साध रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और उप नेता हेमंत कटारे ने विधायकों से चर्चा की। राम सिया भारती ने प्रदेशाध्यक्ष से मुलाकात की तो कुछ विधायकों ने फोन पर पटवारी को बताया कि वे कांग्रेस के ही साथ हैं।
विधायक असमंजस में
इस बीच, कमल नाथ के नजदीकी लोग भी विधायकों से संपर्क कर रहे हैं। कुछ विधायकों को दिल्ली पहुंचने के लिए भी कहा गया है, पर वे असमंजस में हैं।
दरअसल, अब तक कमल नाथ ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। यही कारण है कि विधायक भी खुलकर कुछ नहीं कर रहे हैं। अभिजीत शाह सहित कई विधायकों ने तो साफ कर दिया है कि वे कांग्रेस के साथ हैं।
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