कामगार नेता स्वर्गीय बाबूराव भालाधरे ग्रुप की जीत पर मजदूरों में जश्न
टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री:सह-संपादक
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नागपुर। कोराडी थर्मल पावर प्लांट में कार्यरत तत्कालीन श्रमिक कल्याण अधिकारी अरुण विराजदार की विगत 11 जनवरी 2007 को तत्कालीन कामगार नेता बाबू भालाधरे के कार्यकर्ताओं ने मुंह में कालिक पोतकर और जूते का हार पहनाकर अर्धनग्न पिटाई की गई थी.बताते हैं कि श्रमिक कल्याण अधिकारी ने अनुबंध महिला ठेका श्रमिकों के साथ बदसलूकी की थी. जिसमें उपरोक्त अधिकारी को रंगे हाथ पकड़कर लातों और जूतों से पीट पीट-पीटकर पुलिस थाना ले जाया गया था.नतीजतन बाद में कल्याण अधिकारी अरुण जपना बिराजदार ने कोराडी पुलिस स्टेशन में लिखित रिपोर्ट दी कि उन्हें काले हाथ और डंडे से चेहरे, छाती, पीठ और सिर पर मारा गया और पुलिस स्टेशन ले जाया गया था। इसके आधार पर, कोराडी पुलिस ने तत्कालीन कामगार नेता भाई बाबू भालाधरे और अन्य श्रमिकों के खिलाफ IPC की धारा 143, 147, 149, 452, 323, 504, 324, 34 के तहत केस नंबर 07/2007 दर्ज किया गया था.जिसमें श्रमिक नेता बाबूराव भालधरे, बिंदु वासनिक, ओमकार वासनिक, दिलीप कोठारे, सुभाष रामटेके, भोजराज चंबेले, शंकर यादव, गौरव डोंगरे, अन्नपूर्णा यादव, रत्नमाला वाघमारे, विमल जामगाड़े, मुन्नीबाई देशपांडे और प्रकाश फुलवारे को गिरफ्तार किया। इसके अनुसार, कोराडी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मौजूदा कोर्ट में चार्जशीट फाइल की। लेकिन तमाम गवाहों के सबूत के बाद, मौजूदा प्रथम श्रेणी न्यायाधीश नागपुर कोर्ट क्रंमाक 6 ने सभी आरोपियों को बाइज्जत बरी करने का आदेश सुनाया है। कामगार नेता भालाधरे की तरफ से कुशल अधिवक्ता माननीय श्री कृष्ण भीशनुरकर ने पैरवी की. न्यायालय द्धारा केश मामले मे अध्ययन और अवलोकन के पश्चात प्राकृतिक न्याय दिलाने के इस एतिहासिक निर्णय पर अनुबंध ठेका श्रमिकों ने माननीय न्यायालय का ससम्मान और आभार प्रकट करते हुए जीत का जश्न मनाया.और प्राकृतिक परमात्मा का धन्यवाद आभार माना.इसे कहते हैं प्राकृतिक नयाय दूध का दूध और पानी का पानी. कहते है कि सत्य की विजय होती है वशर्तें केश की पैरवी न्याय संगत होना चाहिए.
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