मध्यप्रदेश के पांढुर्णा और मैहर जिला बनाने CM शिवराज सिंह की घोषणा
टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री:सह-संपादक की रिपोर्ट
भोपाल । चुनाव से पहले CM शिवराज सिंह सरकार ने मध्यप्रदेश के छिन्दवाडा जिला में स्थित विख्यात संतरा नगरी पांडुरना और सतना जिला के मां शारदा नगरी मैहर को जिला बनाने की बड़ी घोषणा की है। इससे मैहर-पांढुर्णा तहसील वासियों में हर्षोल्लास का वातावरण बना हुआ है। सतना और छिन्दवाडा जिले मे शिवराज सिंह आगे बढो हम तुम्हारे साथ हैं के नारे गूंजने लगा है।
ज्ञातव्य है कि देेश की असली संतरा नगरी पांडुरना को माना जाता है और पांडुरना का संतरा महाराष्ट्र के नागपुर के संतरा मार्केट में आपूर्ती किया जाता है। नतीजा सरकार ने पांडुरना के वजाय नागपुर को संतरा नगरी कहा जारहा है।
शिवराज सरकार ने प्रदेश में दो नए जिले मैहर और पांढुर्णा का गठन करने के आदेश जारी किया है.
आचार संहिता लगने के पहले लगातार सरकार की ओर से सौगातों की बरसात हो रही है. इसी कड़ी में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दो अलग-अलग ज़िलों को बनाने की जो घोषणा की थी, उन पर अमल हुआ. मैहर और पांढुर्ना को जिला बनाने के आदेश राजस्व विभाग की तरफ़ से जारी कर दिए गए हैं. बुधवार देर रात कैबिनेट की बैठक में दोनों को जिला बनाने का प्रस्ताव पास हुआ था, जिसके बाद आज सुबह ही आदेश जारी कर दिए गए.
मध्य प्रदेश में अब कुल मिलाकर 55 ज़िले हो चुके हैं. इसके पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 4 मार्च को रीवा जिले से अलग करके मऊगंज को नया जिला बनाने की घोषणा की थी.
मुख्य तौर पर सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि नई चीज़ें बनाने की घोषणा इसलिए की जा रही है, जिससे लोगों को सुविधाजनक काम आसानी से उपलब्ध हो सके. कई बार लोगों की शिकायत रहती है कि एक तहसील में रहते हुए उन्हें जिला मुख्यालय काफ़ी दूर पढ़ते हैं. इसलिए कई तहसीलों को मिलाकर इन ज़िलों का निर्माण किया गया है, हालांकि कांग्रेस इसे चुनावी टोटका बता रही है, तो वहीं BJP इसके विकास का नाम दे रही है.
पांढुर्ना में ज्यादातर लोग खेती किसानी का काम करते हैं और यह क्षेत्र कृषि के लिए जाना जाता है. जानकारी के अनुसार यहां की जमीन में दलहन-तिलहन के साथ हरी सब्जियों का भरपूर उत्पादन किया जाता है. संतरा उत्पादन क्षेत्र में पांढुर्ना का प्रमुख स्थान है.
राजनीतिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि नवनिर्मित जिला पहले छिन्दवाड़ा के अंतर्गत आता था. ऐसे में कमलनाथ के गढ़ में एक तरह से सेंध लगाई गई है।
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