भविष्य निधि चोरी में लिप्त डेल्टा इंडस्ट्रीज के खिलाफ कार्रवाई?की मांग? PF कमिश्नर को ज्ञापन?
टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री:सह-संपादक की रिपोर्ट
नागपुर जिला के खापरखेडा और कोराडी पावर प्लांट में कार्यरत ई-निविदा धारक मेसर्स: डेल्टा इंडस्ट्रीज नियोक्ता द्धारा 3 श्रमिकों की भविष्य निधि चोरी और बेईमानी करने के आरोप में भविष्य निर्वाह निधि आयुक्त नागपुर के समक्ष लिखित शिकायत का ज्ञापन सौंपा गया है। इंंटक के पूर्व जिला महासचिव भीमराव बाजनघाटे ने ज्ञापन में बताया है कि नया बीना खापरखेडा निवासी रितेश ढोके, गुलाब कापसे, और महेश वाढरे ने मेसर्स:डेल्टा इंडस्ट्रीज के अधिनस्थ बैटरी रिपेयरिंग का कार्य करते है?
भुक्तभोगी तीनों श्रमिकों की मजदूरी से भविष्य निर्वाह निधि राशी की कटौती की गई। परंतु मेसर्स :डेल्टा इंडस्ट्रीज नियोक्ता द्धारा अपने उक्त तीनों श्रमिकों के PF खाते में वह राशि का भुगतान नहीं किया है?उक्त फर्म के श्रमिकों के हाजिरी पत्रक मे पी एफ कटौती का उल्लेख मिलता है! श्रमिक नेता श्री बाजनघाटे की माने तो यह PF चोरी और बेईमानी की शिकायत विगत नवंबर 2016 से मार्च 2018 की समयावधि के अंतराल भी की थी? प्राप्त सबूतों के अधार पर मेसर्स:डेल्टा इंडस्ट्रीज नियोक्ता द्धारा उक्त श्रमिकों के बैंक पेमेंट शीट स्टेटमेंट मे स्पष्ट रूप से उल्लेख मिलता है?
श्रमिक नेता भीमराव बाजनघाटे द्धारा श्रमिक पक्ष मे सौंपे गए ज्ञापन मे खुला आरोप दागा है कि उपरोक्त फर्म द्धारा किए कार्यों का बिल भुगतान पाने के लिए पावर प्लांट खापरखेडा को पेश किए गए बैंक पेमेंट शीट मे पी एफ भुगतान दर्शाया? परंतु श्रमिकों के खाते मे। PF राशि भुगतान नहीं किया जाना कानून अपराध है!
उन्होने बताया कि उपरोक्त श्रमिकों ने खापरखेडा पावर प्लांट के बाद कोराडी पावर प्लांट मे 2018 से कार्यरत के दौरान भी बैंक पेमेंट स्टेटमेंट मे श्रमिकों की मजदूरी से PF कटौती दर्शाया है? श्रमिक नेता ने बताया कि अन्यायग्रस्त मजदूरों को न्याय दिलाने के लिए गत 23 सितंबर 2021 को पी एफ कमिश्नर को मांगों का ज्ञापन सौंपा था। परंतु उक्त श्रमिकों को उचित न्याय और दोषी फर्म मेसर्स:डेल्टा इंडस्ट्रीज नियोक्ता पर ना जाने कार्यवाई के लिए टाल-मटोल रवैया अपनाया जा रहा है? यह भी जांच-पड़ताल और कठोर कार्रवाई का विषय है?मामला भविष्य निर्वाह निधि आयुक्त कार्यालय में विचाराधीन है। नतीजतन अन्यायग्रस्त श्रमिक न्याय की बेसब्री से इंतजार कर रहे है? बताते है कि मामले की अगर निष्पक्ष जांच पड़ताल हूई तो दोषी कंपनी नियोक्ता एवं कंपनी पर दण्डात्मक कार्यवाई के साथ ब्लैकलिस्ट की मार झेलनी पड सकती है।
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