क्या कांग्रेस पार्टी मुसलमानों की पार्टी है? कांग्रेस नेता राहुल गांधी का सनसनीखेज बयान
टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट
नई दिल्ली। बीते दिनों कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी के मुस्लिम बुद्धिजीवियों से मिलने के बाद उर्दू अख़बार इंक़लाब ने राहुल गांधी का हवाला देते हुए ‘कहां है कि कांग्रेस मुसलमानों की पार्टी है’ शीर्षक से ख़बर छापी. इसके बाद से प्रधानमंत्री समेत भाजपा नेताओं ने कांग्रेस के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल कर रख दी है।
संसद के विगत मानसून सत्र के शुरू होने के पहले देश की राजनीति में हिंदू-मुस्लिम का तड़का लग चुका है. दरअसल गत 11 जुलाई को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने देश के कुछ प्रमुख मुस्लिम बुद्धिजीवियों के साथ बैठक में मुसलमानों से जुड़े मुद्दों और देश की वर्तमान राजनीतिक व सामाजिक स्थिति पर चर्चा हुई है।
इसके अगले दिन इस कार्यक्रम को लेकर उर्दू अखबार इंकलाब में ‘हां, कांग्रेस मुसलमानों की पार्टी है’ शीर्षक से रिपोर्ट लिखी गई.
इंक़लाब अख़बार में प्रकाशित रिपोर्ट: इंकलाब के मुताबिक राहुल गांधी ने कहा, ‘अगर भाजपा यह कहती है कि कांग्रेस मुसलमानों की पार्टी है तो हां मैं कहता हूं कि कांग्रेस मुसलमानों की पार्टी है, क्योंकि मुल्क का मुसलमान अब दूसरा दलित हो गया है, जबकि कांग्रेस हमेशा से कमजोरों के साथ रही है.’
अखबार की इस रिपोर्ट के सामने आते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत भाजपा के तमाम नेता इंकलाब की इस रिपोर्ट का हवाला देते हुए कांग्रेस पर अल्पसंख्यकों के तुष्टीकरण का आरोप लगाने लगे.
सबसे पहले इस खबर पर उर्दू के एक वरिष्ठ पत्रकार शाहिद सिद्दीकी ने सवाल उठाते हुए लिखा, ‘उर्दू अखबार इंकलाब ने राहुल गांधी का बयान छापा है, ‘हां कांग्रेस मुसलमानों की पार्टी है.’ क्या यह बयान सही है या फिर पार्टी इसका विरोध करेगी।
राहुलजी के इस प्रकार की भाषण और बयान के बावजूद भी कांग्रेस पार्टी के किसी भी नेता और कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध प्रदर्शन नहीं किया? इसका मतलब साफ है कि कांग्रेस पार्टी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं का राहुल गांधी के विचारों का मौन समर्थन बरकरार है।
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