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छिंदवाड़ा के सौंसर जंगल में वन्य प्राणियों का बढ गया है आतंक

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छिंदवाड़ा के सौंसर जंगल में वन्य प्राणियों का बढ गया है आतंक

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टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट

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सौंंसर। साल 2023-24 में तेंदुए ने करीब 1000 पालतू जानवरों का शिकार किया गया है. वहीं, बाघ ने भी 355 पालतू जानवरों का शिकार किया था. सौंसर के आस-पास के इलाकों में भी तेंदुए का मूवमेंट बना रहता है. जैसे कि, चिलमटेकड़ी, रामपेठ,दामानी, कुड्डम, काजलवानी, निमनी, और कढ़ेयो में. इन इलाकों में कई ग्रामीण खेत में काम करते हैं, जिनके साथ छोटे बच्चे भी होते हैं. इस वजह से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है.

वन विभाग के मुताबिक, पिछले एक साल से वन्य प्राणियों द्वारा शिकार के मामले बढ़ते जा रहे

बाघ और तेंदुआ की नई पीढ़ी में वर्चस्व की लड़ाई इस वजह से सितम्बर-अक्टूबर में ऐेसे मानवीय-पशुओं के हमले बढ़ जाते हैं। आगे फरवरी-मार्च तक ये देखने को मिलेंगे। लगातार बढ़ रहा बाघ-तेंदुआ का कुनबा पेंच-सतपुड़ा टाइगर कारीडोर से जुड़े छिंदवाड़ा में शिकार पर रोक लगाने से व…

बाघ-तेंदुआ की दहशत, दिन में भी निकलने से लग रहा डर |

छिंदवाड़ा जिला के पेंच नेशनल पार्क और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के कॉरिडोर में स्थित छिंदवाड़ा में बाघ-तेंदुओं की आबादी क्षेत्र में दखल मानव सुरक्षा चिंता के साथ बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। पिछले साल 2023 में वन्य प्राणियों के हमले से दो लोग असमय मृत्यू हो चुकी है।

छिंदवाड़ा में तेंदुए का आतंक, दो सालों में 756 पालतू पशु हो चुके शिकार, इस बार बछड़े को उठा ले गया

शिकार इस क्षेत्र के नोनाझिर, आमाझिर, साख, गढ़खापा में भी बाघ का मूवमेंट रहता है. वन विभाग के मुताबिक पिछले एक साल के दौरान हर महीने वन प्राणियों द्वारा शिकार के मामले बढ़ते जा रहे हैं. इसी …

परासिया, पांढुर्णा के बाद अब सौसर में तेंदुए की दहशत, बछड़े का किया शिकार

सौसर क्षेत्र में वन्यप्राणियों की दहशत कम नहीं हो रही है। पिछले एक पखवाड़े से वन्यप्राणियों का मूवमेंट और इसके बाद शिकार के मामले थम नहीं रहे है। एक बार फिर सौंसर क्षेत्र में तेंदुए ने बछड़े का शिकार किया है।

अनुवादित — विद्वान अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सौंसर जिला छिंदवाड़ा द्वारा पीओआर संख्या 8891/2001 में पारित किया गया, जिसमें वाहन को सुपुर्दनामा पर छोड़ने के लिए धारा 457 , सीआरपीसी के तहत दायर आवेदन को खारिज कर दिया गया।

पानी की तलाश में आया तेंदुआ, 6 माह से मूवमेंट बना हुआ है – सौंसर वन क्षेत्र में वन्य प्राणी की सड़क दुर्घटना में मौत होना विभाग की लापरवाही को उजागर कर रहा है। गोंडीवाढोना में फिर दिखाई दिया तेंदुआ, युवक पर हमला किया था? उप वन मंडल सौंसर के अलग-अलग वन क्षेत्रों में वन्य प्राणी तेंदुए का विगत चार माह से लगातार आतंक बना हुआ है।

अब चौरई क्षेत्र में कुमपानी पुलपुलडोह,सांक ,डूंगरदेव बिछुआ परिक्षेत्र में तेंदुए का आतंक:हसनपुर में किया बकरी का शिकार कर चुके हैं

जंगलों में इनके संख्या बढाने सुरक्षा के उपाय किये जा रहे हैं, लेकिन सौंसर वन क्षेत्र में वन्य प्राणी के सड़क दुर्घटना में मौत होना विभाग की लापरवाही को उजागर कर रहा है। सौंसर उप वन मंडल के वन क्षेत्र में विगत छह माह के अधिक समय से तेंदुए का मूवमेंट बना हुआ है, अनेक गांवों में सौ से अधिक पशुओं का शिकार किया है।

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