जीभ पर मां सरस्वती बैठती हैं? समय पर जरूर करने चाहिए ये 3 काम
टेकचंद्र शास्त्री: 9822550220
नई दिल्ली। भारतीय वैदिक सनातन धर्मशास्त्रों की माने तो मां सरस्वती ब्रह्म मुहूर्त में हमारी जीभ पर आकर बैठती हैं, जो सुबह 3 से 5 बजे के बीच का समय होता है
इस शुभ समय पर जरूर करने ये 3 काम जरुरत करना चाहिए.आपने कई लोगों को ये कहते सुना होगा कि हमेशा अच्छी बातें ही बोला करो। किसी के लिए कभी कुछ बुरा नहीं बोलो। दरअसल ऐसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि दिन में एक बार मां सरस्वती हमारी जीभ पर आती हैं। ऐसे में उस दौरान कही गई बात के सच होने की संभावना ज्यादा होती है।
हिंदू धर्म मान्यता के अनुसार दिन में एक बार हमारी जीभ पर मां सरस्वती बैठती हैं। आपने कई दफा लोगों को ये कहते हुए सुना होगा कि हमेशा अच्छा ही बोलो क्योंकि क्या पता कब जीभ पर सरस्वती मां बैठी हो। यहां तक की ऐसी हिदायत भी लोग देते हैं कि सेल्फ टॉक हमेशा पॉजिटिव ही करनी चाहिए। ऐसा इसलिए ही बोलते हैं क्योंकि कोई नहीं जानता है कि कब, कहां और कैसे हम कुछ बोल दें और वो बात सच निकल जाए। अगर ऐसा होता है तो लोग सीधा यही कहते हैं कि उस वक्त तुम्हारी जीभ पर मां सरस्वती आ बैठती है
मान्यता के हिसाब से जिस वक्त हमारी जीभ पर मां सरस्वती बैठती हैं, उस वक्त कही गई बात शत प्रतिशत सही हो जाती है। अब सवाल ये है कि हमारी जीभ पर मां सरस्वती किस समय बैठती हैं? इसकी जानकारी बहुत कम लोगों को ही होती है। बता दें कि शास्त्र के मुताबिक मां सरस्वती हमारी जीभ पर ब्रह्म मुहूर्त के समय बैठती हैं। ब्रह्म मुहूर्त हमेशा सुर्योदय से डेढ़ घंटे पहले शुरू होता है। ये समय 3.30 बजे से 5.30 बजे के बीच ही होता है। इसी दौरान योग साधना और मेडिटेशन करने से काफी लाभ होता है। यही वो समय है जब हमारी जीभ पर मां सरस्वती होती हैं। इस बीच हमें कुछ भी बोलने से पहले सोच-समझ लेना चाहिए। इस दौरान निकली मुंह से हर बात बहुत मायने रखती है।
सिर्फ कहें पॉजिटिव बातें
ब्रह्म मुहूर्त में हमेशा पॉजिटिव बातें ही की जानी चाहिए। ऐसा करने से हमारी जिंदगी में सारी चीजों के परिणाम फिर पॉजिटिव ही आते हैं। इस दौरान किसी दूसरे शख्स के बारे में भूलकर भी गलत चीजें नहीं कहनी चाहिए। इसका असर हमारी जिंदगी पर भी पड़ सकता है।
ब्रह्म मुहूर्त में उठकर अपने ईष्ट देवता को मन से याद करना चाहिए। इस दौरान ध्यान लगाना है तो वो भी कर सकते हैं। वहीं अगर आप मंत्रों का जाप करते हैं तो इसके लिए ब्रह्म मुहूर्त से अच्छा कोई समय नहीं होता है। अगर आप रूटीन में ये करने लगे तो आपके मन को जो शांति मिलेगी, वो दुनिया के किसी कोने में नहीं मिलने वाली है। ब्रह्म मुहूर्त में ये 3 काम जरूर करने चाहिए। इस वजह से ब्रह्म मुहूर्त में किया गया हर काम सोच-समझकर ही करना चाहिए।
सहर्ष सूचनार्थ नोट्स:-
उपरोक्त समाचार सामान्य ज्ञान आध्यात्म विज्ञान पर अधारित प्राकृतिक नियमों की छेडछाड करने से रोकने के लिए है.अत्याधिक जानकारी जानने के लिए आध्यात्म विज्ञान विशेषज्ञ प्रवचनकारों से परामर्श दजरुरी है.
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