Breaking News

नवग्रहों शांति के लिए ब्रम्ह मुहूर्त मे इन मंत्रों का करें ध्यान और जप

Advertisements

नवग्रहों शांति के लिए ब्रम्ह मुहूर्त मे इन मंत्रों का करें ध्यान और जप

Advertisements

टेकचंद्र शास्त्री:

Advertisements

9822550220

 

भारतीय वैदिक सनातन धर्म के अनुसार ब्रम्हमुहूर्त में शौच कुल्ला दातुन और स्नान से निवृत्त होने के पश्चात पूर्व य उत्तर दिशा में मुंह करके आशन में बैठकर निम्न नवग्रह गायत्री मंत्रों का एकाग्र चित से जप और ध्यान करने से एक वर्ष में आपकी समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होगी और सभी ग्रहों से शांति प्राप्त मिलेगी इसमे कोई संशय नहीं हैं.नवग्रह मंत्र इस प्रकार है:-

 

सूर्य गायत्री मंत्र

(आदित्याय च विद्महे सहस्रकिरणाय धीमहि, तन्नो सूर्यः प्रचोदयात्),

 

चंद्रमा गायत्री मंत्र

(पद्म-ध्वजाय विद्महे हेम-रूपाय धीमहि, तन्नो सोमः प्रचोदयात्),

 

मंगल गायत्री मंत्र

(अंगारकाय विद्महे शक्ति-हस्ताय धीमहि, तन्नो भौमः प्रचोदयात्),

 

बुध गायत्री मंत्र

(गज-ध्वजाय विद्महे शुक-हस्ताय धीमहि, तन्नो बुधः प्रचोदयात्),

 

गुरु गायत्री मंत्र

(वृषभ-ध्वजाय विद्महे घृणि-हस्ताय धीमहि, तन्नो गुरुः प्रचोदयात्),

 

शुक्र गायत्री मंत्र

(अश्व-ध्वजाय विद्महे धनुर्-हस्ताय धीमहि, तन्नो शुक्रः प्रचोदयात्),

 

शनि गायत्री मंत्र

(काग-ध्वजाय विद्महे खड्ग-हस्ताय धीमहि, तन्नो मन्दः प्रचोदयात्),

 

राहु गायत्री मंत्र

(नाग-ध्वजाय विद्महे पद्म-हस्ताय धीमहि, तन्नो राहुः प्रचोदयात्), और

 

केतु गायत्री मंत्र

(अश्व-ध्वजाय विद्महे शूल-हस्ताय धीमहि, तन्नो केतुः प्रचोदयात्)।

 

पश्चात उपरोक्त नवग्रह मंत्रों द्धारा 108 हवन आहुतियां अर्पित अवश्य करेंगे

Advertisements

About विश्व भारत

Check Also

दुुर्भावनाओं के आवेश में गंधी राजनीति की वजह से हिंदू धर्म बदनाम

दुुर्भावनाओं के आवेश में गंधी राजनीति की वजह से हिंदू धर्म बदनाम टेकचंद्र शास्त्री: 9822550220 …

जितना दुष्प्रचार घृणा और नफरत फैलाएंगे : हिंदू धर्म उतना ही मजबूत होगा

जितना दुष्प्रचार घृणा और नफरत फैलाएंगे : हिंदू धर्म उतना ही मजबूत होगा टेकचंद्र शास्त्री: …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *