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सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने पेश किए दवाइयों की नीतियों में सुधार के सुझाव 

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सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने पेश किए दवाइयों की नीतियों में सुधार के सुझाव

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टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री:

9822550220

 

नई दिल्ली। लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने नई दिल्ली में रसायन एवं उर्वरक संबंधी संसदीय स्थायी समिति की बैठक में भाग लेते हुए देश की औषध व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जनहितकारी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। सांसद अग्रवाल ने समिति के समक्ष प्रस्ताव रखा कि पूरे देश में दवाइयों की एक ही कीमत निर्धारित की जाए। वर्तमान में अलग-अलग राज्यों में दवाइयों के दाम भिन्न-भिन्न हैं, जिससे मरीजों और स्वास्थ्य संस्थाओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि यदि

केंद्र स्तर पर एकीकृत मूल्य प्रणाली लागू हो, तो राज्यों को बार-बार टेंडर प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी और मरीजों को दवाइयां आसानी से और बिना किसी बाधा के उपलब्ध होंगी। इसके अलावा उन्होंने एक्सपायरी दवाओं के निस्तारण के लिए राष्ट्रीय नीति लागू करने की भी सिफारिश की। सांसद अग्रवाल ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में बड़ी संख्या में पड़ी एक्सपायरी दवाइयाँ पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य दोनों के लिए गंभीर खतरा हैं।

 

उन्होंने सुझाव दिया कि एक्सपायरी दवाइयों को वापस लेना और उनका सुरक्षित निस्तारण उसी कंपनी की जिम्मेदारी होना चाहिए जिसने दवा उपलब्ध कराई थी। इसके अलावा, खुले में दवा फेंकने पर कानूनी प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। सांसद ने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति को एक्सपायरी दवा के कारण नुकसान हुआ, तो जिम्मेदार कंपनी की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उनका कहना था कि देश की स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत बनाना और हर मरीज को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाइयाँ उपलब्ध कराना सरकार और संसद का

उन्होंने यह भी जोर दिया कि जनस्वास्थ्य का संरक्षण ही सर्वोच्च सेवा है और इस दिशा में आवश्यक सुधारों के लिए निरंतर प्रयास जारी रहना चाहिए। सांसद अग्रवाल ने समिति से अनुरोध किया कि वे इस विषय को गंभीरता से लें और शीघ्र राष्ट्रीय नीति और एकीकृत मूल्य निर्धारण लागू करने पर ध्यान दें। इस बैठक में सांसद ने स्पष्ट किया कि उनके प्रयास का उद्देश्य केवल औषध व्यवस्था में पारदर्शिता और सुरक्षा लाना नहीं है, बल्कि मरीजों के लिए सुलभ और किफायती दवाइयाँ सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी संबंधित विभागों और कंपनियों को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होगी। सांसद के सुझावों को समिति में गंभीरता से लिया गया और कहा गया कि इन्हें आगे चलकर संसद और स्वास्थ्य मंत्रालय के स्तर पर विचार किया जाएगा। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बैठक में यह भी आश्वासन दिया कि वे आवश्यक सुधारों को लागू कराने के लिए निरंतर सक्रिय प्रयास करेंगे और देश की स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत बनाने में अपना योगदान देंगे

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