पेंच टाइगर रिजर्व जोन में जंगल के राजा बाघ के हमले से युवक की मौत
टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री:
9822550220
छिंदवाड़ा। आये दिन धडल्ले से वन्य प्राणी विचरण क्षेत्र के जंगलों की अंधाधुंध तरीके से कटाई करने और शिकारियों द्धारा वन्य प्राणियों का शिकार की वजह से जंगल का राजा शेर टाईगर बाघ क्रोधित होकर दुश्मनों को ढूंढ ढूंढकर बदला ले रहे हैं? हालही पेंच टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र से एक बार फिर बाघ के हमले की दुखद घटना सामने आई है। गुमतरा निवासी राजकुमार कहार (36 वर्ष) पिता सीताराम कहार की बाघ के हमले में मौत हो गई। यह हादसा रात के समय हुआ, जिससे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल बन गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजकुमार कहार किसी आवश्यक कार्य से रात में घर से बाहर निकले थे। इसी दौरान पेंच पार्क के बफर क्षेत्र में उनकी बाघ से आमना सामना हो गया। बाघ ने अचानक हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई।घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्यवाही की गई।
घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों के आधार पर बाघ के हमले से मौत की आशंका की है।घटना के बाद गुमतरा सहित आसपास के गांवों में दहशत फैल गई है। ग्रामीणों ने रात के समय आवाजाही पर रोक लगाने और क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की है। वन विभाग द्वारा प्रभावित परिवार को शासन की नियमानुसार आर्थिक सहायता दिए जाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे रात के समय जंगल या बफर क्षेत्र की ओर न जाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें। यह घटना एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीरता को दर्शाती है, जिससे निपटने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने की आवश्यकता है.जैसे कि वन्य प्राणी विचरण परिसर के जंगल को बचाने और जंगली जानवरों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करना जरुरी हो गया है.क्या जंगली जानवर का शिकार करना यदि उचित है तो जंगल के राजा ने आदमी को खा गया तो क्या गलत है.
विश्वभारत News Website