✍️टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री:सह-संपादक की रिपोर्ट
लखनऊ : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशीय नेतृत्व के आह्वान पर शिक्षा शनिवार को शिक्षकों ने धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान तदर्थ शिक्षकों को समस्याओं के साथ पुरानी पेंशन बहाली, शिक्षकों के अविलम्ब चयन वेतनमान की कार्यवाही, रसोइयों के रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए निर्देश, शिक्षकों के एक दिन के वेतन कटौती की बहाली समेत अन्य मांगों को पूरा करने की मांग की गई। संघ ने कहा कि अब याचना का नहीं रण का समय है। कहा कि इसका परिणाम 2024 में दोनों सरकारों को भुगतना पड़ेगा। जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार आर्य को ज्ञापन दिया।
सरकार का शिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार
माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष राकेश पांडेय ने कहा की सरकार शिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। शिक्षकों को प्रताड़ित किया जा रहा है। जिसको माध्यमिक शिक्षक संघ बर्दाश्त नहीं करेगा। तदर्थ शिक्षकों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि एक वर्ष से भी अधिक समय से तदर्थ शिक्षक साथी वेतन नहीं पा रहे हैं। कोई भी अधिकारी और सरकार उनका पुरसाहाल लेने वाला नहीं है। माध्यमिक शिक्षक संघ के मंडल अध्यक्ष राम अनुज तिवारी ने पुरानी पेंशन का मुद्दा उठाते हुए कहा एक दिन भी विधायक और सांसद बनने पर पेंशन मिलती है पर 60 या 62 वर्ष नौकरी करने पर शिक्षक और कर्मचारियों को पेंशन नहीं दी जा रही है। शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन करते हुए कहा कि सरकार ने शिक्षकों आर्थिक शोषण और मानसिक उत्पीड़न किया है
मुख्यमंत्री कर्मचारियों की पीड़ा को नहीं सुन रहे हैं। जिसका खामियाजा उन्हें 2024 के लोकसभा चुनाव में उठाना पड़ेगा। धरने का संचालन करते जिला मंत्री आलोक तिवारी ने कहा जिस भी सरकार ने शिक्षकों का उत्पीड़न किया है उस सरकार का पतन हुआ है।
वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष मीडिया प्रभारी संजीव चतुर्वेदी ने निशुल्क चिकित्सा लाभ का का मुद्दा उठाया है। शिक्षक संघ के कोषाध्यक्ष कृष्ण कुमार तिवारी, अशोक तिवारी, महानगर अध्यक्ष अनूप पांडे ,महानगर मंत्री डॉ पंकज शुक्ला, राम नारायण पांडेय, सुजीत त्रिपाठी, संदीप ओझा, विनोद मिश्रा, हरिनारायण ओझा, हसन अब्बास, विनीत मिश्रा, रंजीत वर्मा, डॉ मनोज दुबे राधेश्याम वर्मा समेत तमाम शिक्षक उपस्थित थे।
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