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2024 लोकसभा चुनाव के मद्देनजर अचानक बदल गई राजनेताओं की जुबान!

टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री:सह-संपादक की रिपोर्ट

भोपाल। 2024 के लोक सभा चुनाव के मद्देनजर राजनीति की दिशा अचानक बदल गई सी दिख रही है । जिसमे ज्योतिरादित्य सिंधिया से लेकर नितिन गडकरी तक सभी की जुबान पर मौसम का हाल परिवर्तित नजर आने लगा है।

मध्य प्रदेश में विधान सभा चुनावी साल में पक्ष और विपक्ष दोनों पर की निगाहें किसानों के वोट बैंक पर टिकी हुई हैं. मध्य प्रदेश में किसान जिसे आशीर्वाद देता है, उसे ही सत्ता की चाबी नसीब होती है.

इन दोनों जन आशीर्वाद यात्रा में नेताओं की जुबान पर विपक्ष पर हमले से ज्यादा इंद्र देवता की कृपा की दास्तान सुनने को मिल रही है. खंडवा में परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने शिवराज सरकार पर वरुण देवता का आशीर्वाद होने की बात कही, जबकि शिवपुरी में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर से इंद्र देवता का आशीर्वाद श्योपुर तक बरसने भेजने का बयान दिया.

मध्य प्रदेश में चुनावी साल में पक्ष और विपक्ष दोनों पर की निगाहें किसानों के वोट बैंक पर टिकी हुई हैं. मध्य प्रदेश में किसान जिसे आशीर्वाद देता है, उसे ही सत्ता की चाबी नसीब होती है. यही वजह है कि मध्य प्रदेश में जन आशीर्वाद यात्रा और कांग्रेस के बयानों में केवल बारिश ही सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है. बुधवार को खंडवा में जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा “शिवराज सरकार को केवल खंडवा, बुरहानपुर और निमाड़ के लोगों का आशीर्वाद नहीं है बल्कि वरुण देवता का भी आशीर्वाद मिल रहा है. उनकी सभा समाप्त होने के बाद खंडवा में धुआंधार बारिश होगी.”

ऐसा ही बयान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने श्योपुर में दिया. उन्होंने कहा कि श्योपुर में काफी समय से नहीं आने का उन्हें दुख था, लेकिन उन्होंने ग्वालियर से इंद्र देवता को आशीर्वाद देने के लिए शिवपुरी भिजवा दिया था केंद्रीय मंत्री ने ये भी कहा कि जब अन्य डाटा परेशान थे तो अच्छी बारिश के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान महाकाल के दरबार में प्रार्थना और पूजा की, जिसके बाद ग्वालियर, शिवपुरी सहित मध्य प्रदेश कई इलाकों में बारिश का दौर शुरू हो गया. वहीं पूर्व मंत्री और विधायक सज्जन सिंह वर्मा ने बीजेपी नेताओं द्वारा बारिश को लेकर दिए जा रहे बयान पर तीखा हमला बोला है.

उन्होंने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी के नेता बारिश को लेकर भी श्रेय लेने में पीछे नहीं है. यह तो राजनीति की हद हो गई. उन्होंने कहा कि इंटरनेट के युग में एक बटन दबाने पर यह पता चल जाता है कि बारिश कब होगी, मगर बीजेपी के नेताओं को कौन समझाए ? उन्होंने कहा कि बारिश की खुशी मनाने से ज्यादा किसानों का दर्द बांटने का वक्त है. किसानों को मुआवजा देने का समय आ गया है. सरकार को राजनीति से ऊपर उठकर किसनों की मदद करना चाहिए.

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