यहां कद्दू लौकी के भाव बिक रहा कश्मीरी सेब?
महीना पहले 200 रुपए किलो था भाव
टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री:सह-संपादक की रिपोर्ट
करौली । यहां कद्दू लौकी के भाव बिक रहा कश्मीरी सेब…एक महीने पहले 200 रुपए किलो था भाव
सबसे महंगे फलों में यदि किसी फल का नाम आता हैं तो वह हैं सेब. लेकिन, यहीं महंगा फल सेब इन दिनों सब्जियों के भाव बिक रहा है. अकेले राजस्थान के करौली में सिर्फ टमाटर और पालक से भी मंदा होने के कारण रोज 5 टन बिक रहा हैं. 30 से 50 किलो मिलने के कारण आम आदमी भी इन दिनों जमकर सेब बिक रहा है
आजकल, सेब एक सस्ता फल बन गया है, जो कभी महंगा था. पिछले कुछ दिनों से, सेब के भाव में अचानक गिरावट आने के कारण, अब यह टमाटर और पालक से भी सस्ता मिल रहा है. महीने पहले, सेब बाजारों में 150 से 200 रूपए किलो तक बिकता था, लेकिन बीते कुछ दिनों में यही सेब अब मात्र 30 से ₹50 रूपए किलो के भाव में बिक रहा है. इस सस्ते मूल्य के कारण, लोग अब सेब का अधिक उपयोग कर रहे हैं और इसे सब्जियों की तरह अपने आहार का हिस्सा बना रहे हैं. राजस्थान के करौली में लोग खासतर से कश्मीरी सेब का आनंद ले रहे हैं, और इसके परिणामस्वरूप, इस फल की मांग वहां बढ़ रही है, जिससे सेब की 5 टन की खपत हो रही है.
इस नई दिशा में, सेब के दाम कम होने के कारण, अब आम आदमी भी इस महंगे फल का स्वाद ले सकता है और उसे अपने आहार में शामिल कर सकता है.
काफ़ी अच्छी इस साल सेब की पैदावार : फुटकर फल व्यापारी याशीन खान ने बताया कि सेब की इस बार काफी अच्छी पैदावार रही हैं. इसीलिए सेब की आवक भी भारी मात्रा में होने के कारण सेब फिलहाल 30 से लेकर 80 रूपए किलो तक अपनी अनेक किस्मों में बिक रहा है. फुटकर व्यापारी ने बताया कि सेब का भाव कम होने के कारण गरीब आदमी खूब सेब खा रहा हैं. फुटकर व्यापारी के मुताबिक करौली की फल मंडियों में सेब कश्मीर से आ रहा है, जों कि सब्जियों के भाव बिक रहा है. हालांकि, एक महीने पहले तक बाजारों में आने वाला हिमाचल का सेब व्यापारियों के अनुसार 180 से लेकर 200 रूपए किलो ही बिका था.
सेब सस्ता से होने का यह हैं कारण : सेब का इतना सस्ता भाव होने के पीछे थोक व्यापारी इमरान खान का कहना है कि शुरू-शुरू में जब कश्मीर में सेब पेड़ से ही गिर जाता है तो, वह माल अच्छे माल से डाउन रहता है. उनका कहना है कि नंबर वन मॉल का आज भी भाव 80 रूपए किलो चल रहा है और पेड़ से गिरे हुए फल का भाव 30 से लेकर 40 रूपए किलो हैं. हालांकि, भाव में कम रहने वाला है, यह सेब खराब नहीं होता है. मगर इसकी ऊपरी सतह पर दाग लगने के कारण यह भाव में हमेशा मंदा ही बिकता है.
करौली शहर में रोज 5 टन सेब की खपत :
महंगे फल सेब के भाव मंदे होने के कारण लोग इसका सेवन भी जमकर कर रहे हैं. थोक व्यापारीयों के अनुसार करौली में कश्मीरी सेब सबसे ज्यादा और सस्ता होने के कारण रोज 5000 किलो यानी 5 टन से भी ज्यादा बिक रहा है
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