अजित पवार पर CM शिंदे नाराज, बैठक में आंदोलन पर जताया ऐतराज
टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री:सह-संपादक रिपोर्ट9822550220
मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अजित पवार गुट के आंदोलन पर नाराजगी जताई है. सीएम आवास पर हुई बैठक में सीएम शिंदे ने कहा कि सत्ता में रहते हुए इस तरह के आंदोलन करना बिलकुल ही उचित नहीं है. सत्तारूढ़ पार्टी के विरोध करने से जनता में गलत संदेश जा रहा है . इसके साथ ही बैठक में लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर अहम निर्देश दिए गए.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के सरकारी आवास ‘वर्षा’ पर शुक्रवार को एक बेहद अहम बैठक हुई. इस बैठक में सत्तारूढ़ बीजेपी, शिवसेना और एनसीपी के सभी विधायक और सांसद मौजूद रहे. सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में आगामी लोकसभा चुनाव की पृष्ठभूमि पर चर्चा हुई. साथ ही इस बैठक में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सार्वजनिक तौर पर उप मुख्यमंत्री अजित पवार के गुट के आंदोलन पर नाराजगी जताई है कि सत्ता धारी पक्ष ने सत्ता के खिलाफ आंदोलन करना देश की जनता में गलत संदेश जा रहा है। महाराष्ट्र राज्य में सरकार के खिलाफ असंतोष पनप रहा है।
हालांकि इस पर अजित पवार गुट ने विरोध जताया. सूत्रों ने जानकारी दी है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आज बैठक में सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी व्यक्त की है.
उन्होंने कहा कि सत्ता में रहते हुए इस तरह के आंदोलन करना उचित नहीं है. सत्ताधारियों के ही विरोध करने से जनता में गलत संदेश जायेगा. सूत्रों ने जानकारी दी है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि विरोध से यह संदेश जा सकता है कि महागठबंधन में कोई तालमेल नहीं है.
इस बीच, सूत्रों ने जानकारी दी है कि इस बैठक में बेहद अहम मुद्दों पर विधायकों को अहम निर्देश दिए गए. इस बैठक में वरिष्ठ नेताओं ने विधायकों और नेताओं को आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटने के निर्देश दिए हैं. आगामी लोकसभा चुनाव अप्रैल महीने में संभावित हैं. इसलिए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने इन चुनावों के लिए काम शुरू करने का आदेश दिया है.
इस बैठक में कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमें दोबारा जीत की राह पर लाना चाहते हैं. साथ ही शिंदे-फडणवीस ने विधानसभा क्षेत्र में जोर-शोर से मोर्चेबंदी शुरू करने का आदेश दिया.
विधायक-नेताओं और क्या दिए गए निर्देश ?
इस बैठक में मराठा आरक्षण पर भी विधायकों और नेताओं का मार्गदर्शन किया गया. कहा गया कि मराठा आरक्षण पर सभी पार्टियों का रुख एक जैसा होना चाहिए.
इस बैठक में देवेन्द्र फडणवीस ने तीनों दलों को एकजुट रहने, समन्वय बनाए रखने, एक-दूसरे की आलोचना करने से बचने के निर्देश दिए.
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और देवेन्द्र फडणवीस ने सत्ता में रहते हुए सरकार के खिलाफ कोई रुख नहीं अपनाने की बात कही है.
आरक्षण के साथ-साथ शिंदे-फडणवीस की ओर से आगामी चुनाव के लिए काम करने का आदेश दिया गया है.
विधायकों-नेताओं को निर्देश दिया गया कि वे जनता को सरकार का रुख बताएं कि मराठा आरक्षण देते समय ओबीसी का आरक्षण प्रभावित नहीं होगा.
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