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महाराष्ट्र के नए सर्वे में काँग्रेस की सरकार : मिलने जा रहीं 154 सीटें

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महाराष्ट्र के नए सर्वे में काँग्रेस की सरकार : मिलने जा रहीं 154 सीटें

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टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट

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मुंबई। महाराष्ट्र विधान समा चुनाव के संबंध में नए सर्वे ने भूचाल ला दिया है। जिसमे इस गठबंधन को मिलने जा रहीं 154 सीटें

लोकपोल के सर्वे में महाविकास अघाड़ी को 41 से 44 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है. जबकि महायुति को 38 से 41 प्रतिशत वोट मिलता दिख रहा है.

महाराष्ट्र में इस साल के आखिर तक विधानसभा चुनाव होने हैं. अभी चुनाव तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है. हालांकि, तारीखों के ऐलान से पहले ही राजनीतिक रस्साकसी तेज हो गई है. महायुति और महाविकास अघाड़ी में सीट बंटवारे को लेकर बैठकों का दौर जारी है. इन सबके बीच एक और सर्वे आया है. इसमें जो दावा किया गया है, वह चौंकाने वाला है.

इस सर्वे में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार को बड़ा झटका लगता दिख रहा है. वहीं, शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी (शरद पवार) के गठबंधन वाले महाविकास अघाड़ी की बल्ले बल्ले होती दिख रही है.

लोकपोल के सर्वे के मुताबिक, महाराष्ट्र में अभी चुनाव हुए तो महाविकास अघाड़ी को 141 से 154 सीटें मिलती दिख रही हैं. वहीं एनडीए को 115-128 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है. जबकि अन्य के खाते में 05-18 सीटें जाने का अनुमान है.

किसे कितना वोट शेयर?

वहीं, वोट शेयर की बात करें तो लोकपोल के सर्वे में महाविकास अघाड़ी को 41 से 44 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है. जबकि महायुति को 38 से 41 प्रतिशत वोट मिलता दिख रहा है. वहीं, सर्वे में अन्य के खाते में 15-18 प्रतिशत वोट जाने की उम्मीद दिख रही है.

महाराष्ट्र में बहुमत के लिए 145 सीटें जरूरी

महाराष्ट्र में 288 सीटें हैं. बहुमत के लिए 145 सीटें जरूरी हैं. राज्य में अभी एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली महायुति सरकार है. महाराष्ट्र में 2019 में पिछले विधानसभा चुनाव हुए थे. हालांकि, तब से राज्य में सियासी तस्वीर पूरी तरह से बदल गई है.

उस चुनाव में बीजेपी और शिवसेना ने साथ चुनाव लड़ा था. जबकि कांग्रेस और एनसीपी गठबंधन में चुनाव मैदान में उतरे थे. हालांकि, सीएम पद को लेकर शिवसेना और बीजेपी में तकरार आ गई थी. इसके बाद शिवसेना ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाई थी. उद्धव ठाकरे सीएम बने थे.

उद्धव ठाकरे 5 साल सरकार नहीं चला पाए. एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में करीब 40 विधायकों ने बगावत कर दी थी. इसके बाद ठाकरे सरकार गिर गई. शिंदे ने बीजेपी के समर्थन से सरकार बनाई. कुछ दिन बाद अजीत पवार के नेतृत्व में कुछ एनसीपी विधायक भी इस सरकार में शामिल हो गए.

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