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अजित दादा गुट को झटका : चुनाव में 23 सीटें तय,16 मुश्किल,10 लगभग असंभव

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अजित दादा गुट को झटका : चुनाव में 23 सीटें तय,16 मुश्किल,10 लगभग असंभव

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टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट

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मुंबई । NCP-DCM अजितदादा पवार की अगुवाई वाली एनसीपी ने विधानसभा चुनाव से पहले इंटरनल सर्वे कराया है। पार्टी का सर्वे कहता है कि विधानसभा चुनाव में एनसीपी 23 सीटें जीतेगी, 16 सीटें जीतने के लिए पार्टी को कड़ी मेहनत करनी होगी। इसके अलावा 31 अन्य सीटों पर पार्टी के लिए स्थिति प्रतिकूल है।

लोकसभा चुनाव में हार के बाद महायुति विधानसभा चुनाव जीतने की तैयार में जुटी

अजित पवार के गुट को विधानसभा चुनाव में 23 सीटें मिलने का अनुमान है

हालिया सर्वे में करीब 39.3 फीसदी लोगों ने महायुति को वोट देने की इच्छा जताई

मुंबई: लोकसभा चुनाव में हार के बाद अब बीजेपी, शिवसेना और अजित पवार की अगुवाई वाली महायुति गठबंधन विधानसभा चुनाव जीतने के लिए कमर कस रहा है। लोकसभा में महायुति में अजित पवार की पार्टी एनसीपी का प्रदर्शन सबसे खराब रहा था। इसके बाद पार्टी ने विधानसभा चुनाव से पहले आंतरिक सर्वे कराया है। इसके मुताबिक महाराष्ट्र में एनसीपी और महायुति का प्रदर्शन बेहतर हो रहा है। हालांकि सर्वे के मुताबिक अजित पवार के गुट को फिलहाल 23 सीटें मिलने का अनुमान है।

दरअसल जून 2023 में अजित पवार ने शरद पवार का साथ छोड़ दिया। जिससे एनसीपी में फूट पड़ गई। अजित पवार के साथ 40 विधायक सत्ता में आए लेकिन इन सभी विधायकों के विधानसभा चुनाव जीतने की संभावना कम है। पार्टी के आंतरिक सर्वे के मुताबिक 23 सीटें जीतने का अनुमान है। ऐसे में पार्टी को 16 सीटें जीतने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी।

इसके अलावा 31 अन्य सीटों पर पार्टी के लिए स्थिति प्रतिकूल है। इन 31 सीटों में से 21 सीटें जीतने के लिए उन्हें सहयोगियों की जरूरत होगी। अजित पवार गुट के उम्मीदवार 21 सीटों पर तभी जीत सकते हैं जब शिंदेसेना, बीजेपी के वोट एनसीपी में चले जाएं।

वहीं अन्य 10 सीटों पर एनसीपी अपने प्रतिद्वंद्वियों से काफी पीछे है। एनसीपी महायुति में 70 सीटें चाहती है। पार्टी ने इन 70 सीटों पर सर्वे कराया। एनसीपी के आंतरिक सर्वेक्षण के माध्यम से राज्य में महायुति की स्थिति की भी समीक्षा की गई।

सर्वे में क्या?

सितंबर में हुए ताजा सर्वे में करीब 39.3 फीसदी लोगों ने कहा कि वे महायुति को वोट देंगे। अगस्त में यही आंकड़ा 37.01 फीसदी था। जबकि महाविकास अघाड़ी के पक्ष में रहने वालों की संख्या 42.43 फीसदी थी। जुलाई में हुए सर्वे में 34.68 फीसदी जनता की राय महायुति के पक्ष में थी। जबकि महाविकास अघाड़ी का समर्थन 43.2 फीसदी था।

16 सीटों पर फेरबदल की उम्मीदएनसीपी के एक वरिष्ठ नेता ने सर्वे के आंकड़ों का विश्लेषण किया। हमें केवल 6 लोकसभा क्षेत्रों में बढ़त मिली थी। वर्तमान में यह संख्या 23 तक पहुंच गई है। हम ये 23 सीटें आसानी से जीत सकते हैं। 16 सीटों पर फेरबदल की उम्मीद है। एनसीपी नेता ने भरोसा जताया कि शिवसेना और बीजेपी के समर्थन से हम अन्य सीटें जीत सकते हैं।

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