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शुभम मगलम् दीपोत्सव की शुभकामना और हार्दिक अभिनंदन संदेश

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शुभम मगलम् दीपोत्सव की शुभकामना और हार्दिक अभिनंदन संदेश

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टेकचंद्र शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट,9822550220

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हे प्रकृतिक परमात्मशिवब्रह्म स्वरूप जगतधारणी मां राजरानी राज राजेश्वरी बाला त्रिपुर सुंदरी भवानी दक्षिणेश्वरी मां काली और श्री महालक्ष्मी नारायण भगवान की अहैतुक कृपा से जगमग जगमग दीप विपुल रत्नमणियों की झिलमिलाती स्वर्णिम आभा आपके मूल्यवान जीवनपथ पर समस्त अंधकार विसर्जित कर आध्यात्मोत्थान का मार्ग प्रशस्त करते हुए चराचर जगत ब्रम्हांड में वेद वेदांत और उपनिषदों की ध्वनियां गूंजती रहे.

 

चुंकि हे प्राकृतिक परमात्मा तू निष्काम भाव और निस्वार्थ भाव से सकल जगत ब्रम्हांड मे तू-तू-मै-मैं-मेरा-तेेरा, अपना-पराया और मानव समाज मे पटी नींच ऊंच की खाई, जाप पात की खाई, अमीरी-गरीबी के बीच की खाई, अपना-पराया,मान- अपमान, और निंदा स्तुति यानी सस्ति लोकप्रियता और भेदभाव का सर्वथा त्याग करके समस्त चराचर जगत को निशुल्क प्राणवायू ऊर्जा प्रकाश और जलवायु प्रदान कर रहा है.

 

भारतवर्ष की इस देवधरा भूमि पर निहत्थे निर्दोष और निरपराध जनमानस पर अन्याय अत्याचार उत्पीड़न शोषण और भ्रष्टाचार करने वाले तत्वों का सर्व नाश हो!!

 

धर्म की जय हो अधर्म का नाश हो, विश्व का कल्याण हो!!

 

तदहेतु वर्तमान 2025 दीपावली दीपपर्व की शुभ मगल कामना हार्दिक वन्दन और अभिनंदन के साथ। आप समस्त महाराष्ट्र भारत वासी संत महात्माओं नर नारी और जनमानस को सधन्यवाद।

अगर हमसे जाने अनजाने हूई कोई भूल-चूक के लिए हम सदैव क्षमा प्रार्थी हैं और आपसे आत्मोन्नति के संबंध मे कुशल मार्गदर्शन के अभिलाषी है.

शेष श्रीशिव

ॐ शांतिः शांतिः शांतिः

ॐ असतो मा सद्गमय ।

तमसो मा ज्योतिर्गमय ।

मृत्योर्मा अमृतं गमय ।

ॐ शांतिः शांतिः शांतिः ॥

 

ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात् पूर्णमुदच्यते।

पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते॥

ॐ शांतिः शांतिः शांतिः॥

 

ॐ सह नाववतु। सह नौ भुनक्तु।

सह वीर्यं करवावहै।

तेजस्विनावधीतमस्तु मा विदविशावहै॥

ॐ शांति, शांति, शांति:

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