बांया हाथ अर पग रै मांय संभावित पक्षाघात रा लक्षण जाणौ
टेकचन्द्र शास्त्री: सह-संपादक, रिपोर्ट, 9822550220
नई दिल्ली। भारतीय चिकित्सा विज्ञान संस्थान रै चिकित्सा विशेषज्ञां रै मुजब,
बांया हाथ अर पग रै मांय संभावित पक्षाघात रा लक्षण अक्सर चिकित्सा आपातकाल रा संकेत हो सकै है, जियां कै स्ट्रोक, जिणनै तत्काल चिकित्सा देखभाल री जरूरत हुया करै है। लकवा रा मुख्य लक्षण है:
बांह अर पगां मांय अचाणचक कमजोरी या सुन्नता। बांया हाथ अर पग री अचाणचक कमजोरी या सुन्नता एक मोटो चेतावनी संकेत है। आ कमजोरी इतणी गंभीर हो सकै है कै थै हाथ या पग नै हिला नीं सको। तो, ओ समझ ल्यो कै आगला 16-20 दिनां रै मांय लकवा पड़ सकै है। इण मांय अचाणचक धुंधला या धुंधला भाषण, या बोलता बगत उचित सबदां री कमी, चालता बगत अस्थिरता री भावना, या संतुलन बणाये राखण मांय दिक्कत शामिल है। एक या दोनूं आंख्यां रै मांय अचाणचक दृष्टि री समस्या, जियां कै धुंधली दृष्टि या दोहरी दृष्टि।
चेहरे री झुकाव: चेहरे रै एक कानी री मांसपेशियां री कमजोरी, जिणसूं मुंह झुक सकै है। इण हालत मांय, मुस्कान एक कानी तिरछी हुय सकै है। बिना किणी कारण रै अचाणचक अर गंभीर सिरदर्द।
झुनझुनी या जलन: प्रभावित अंगां रै मांय सुन्नता, साथै झुनझुनी या जलन री अनुभूति।
कांई करणो है?
जे थनै या थारै आसै-पासै रै कोई भी मिनख नै ऐ लक्षण लागै है तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा मदद लेवो। समय माथै इलाज लकवा रा असर नै कम कर सकै है अर आगै री जिंदगी नै बचा सकै है।
लकवा रा कारण, लक्षण अर रोकथाम रा तरीका निम्नलिखित है।
लोगां रै मांय लकवा री समस्या भी बढती जा री है। लकवा, जिणनै लकवा भी कैवै है, एक मिनख री एक सूं बेसी मांसपेशियां नै हिलाबा में असमर्थता है, जिणसूं उणरी तकलीफ और भी बढ़ जावै है।
तो, आज रै लेख मांय, आपां लकवा रा कारण, लक्षण अर रोकथाम माथै चर्चा करस्यां, साथै ई लकवा रो शिकार मिनख नै कांई ध्यान राखणो चाइजै। आपां केई खास बातां माथै चर्चा करस्यां:
लकवा कांई है?
लकवा नै लकवा अर लकवा भी कैवै है। इणरो मतलब है कै मांसपेशियां रो कामकाज प्रभावित हुवै है। इण हालत मांय, शरीर रै किणी हिस्सै री मांसपेशियां काम करणो बंद कर देवै है। आ हालत तद होवै है जद मस्तिष्क अर मांसपेशियां रै बिचाळै रा संदेश ठीक सूं नीं पूगै।
यो शरीर रै एक या दोनूं कानी नै प्रभावित कर सकै है। ओ फगत एक ई जगां या आखै शरीर मांय हो सकै है। यो शरीर रै निचले हिस्से नै प्रभावित कर सकै है, जिण मांय दोनूं पगां, बांह अर पगां शामिल है। जे किणी मिनख नै लकवा पड़ै है तो बो शरीर रै उण हिस्सै री गति नै रोक देवै है, जिणसूं बां रै वास्तै चालणो या उण हिस्सै नै हिलाणो असंभव हो जावै है।
लकवा रा कारण कांई है?
पीठ या सिर री गंभीर चोट।
किणी भी भांत रो हमलो।
कानां मांय घणो दर्द।
शरीर रै एक हिस्सै मांय, बांह मांय, या दोनूं बांह अर पगां मांय कमजोरी महसूस करणो।
पोलियो रो संक्रमण।
गर्दन री चोट।
जन्मजात मायोपैथी, यानी जन्म सूं ही मांसपेशियां री कमजोरी।
स्टेटिन अर स्टेरॉयड जैड़ी दवावां रै कारण मांसपेशियां री कमजोरी।
मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, मांसपेशियां सूं जुड़ी एक बीमारी है जिण मांय प्रोटीन रै उत्पादन री कमी रै कारण मांसपेशियां कमजोर पड़ जावै है।
लकवा सूं बचाव रा कांई तरीका है?
व्यायाम करणो मत भूलजो।
कोई भी काम करतां बगत दूजा लोगां सूं मदद लेवो।
मरीज नै प्रोत्साहित अर प्रेरित करो।
व्यायाम करणो मत भूलजो।
लकवा रा लक्षण कांई है?
शरीर नै हिलाबा में असमर्थ महसूस करणो।
कदे-कदे मांसपेशियां री ऐंठन।
शरीर रै एक हिस्सै मांय सुन्न पड़णो।
चेहरे रै एक कानी कमजोरी।
जे लक्षण लकवा सूं भी ज्यादा गंभीर है तो लुधियाना रै सबसूं चोखा न्यूरोलॉजिस्ट नै चुणो।
लकवा रो इलाज कांई है?
लकवा रो इलाज करण रै वास्तै डाक्टर कुछ दवावां अर व्हीलचेयर रो उपयोग करै है।
इण इलाज रै वास्तै विद्युत उत्तेजना भी दी जावै है।
मरीजां माथै फिजियोथेरेपी रो प्रयोग करणो।
लकवा रै कारण जिण लोगां री गतिशीलता कठिन है, बां रै वास्तै उपकरण या इलेक्ट्रिक व्हीलचेयर रो उपयोग करणो।
जे थैं भी लकवा सूं पीड़ित हो तो इणरै इलाज रै वास्तै न्यूरोलाइफ ब्रेन एंड स्पाइन सेंटर रो चयन करो।
अंतिम हल:
लकवा एक मिनख रै वास्तै घणो दर्दनाक अनुभव होवै है, इण वास्तै इण समस्या सूं राहत पाबा रै वास्तै ऊपरली बातां माथै खास ध्यान देवो। लकवा सूं जुड़ी बीमारी री कोई भी दवाई लेबा सूं पैली डॉक्टर सूं सलाह लेणी जरूरी है।
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