श्रीकृष्ण परमात्मा का इस मंत्र के उच्चारण से समस्त दु:ख क्लेशों का नाश
टेकचंद्र शास्त्री: 9822550220
श्रीमद् भगवत पुराण अनुसार निम्न मंत्र श्लोक का नित्य प्रतिदिन उच्चारण करने से मनुष्य के समस्त दोषों और क्लेशों का सर्व नाश होता है. इसमे कोई संदेह नहीं है. श्लोक निम्न है:
“ऊं कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने.प्रणतं:क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नम.”
“ऊं कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने” भगवान कृष्ण को समर्पित एक शक्तिशाली और प्रसिद्ध मंत्र है, जिसका अर्थ है कि “परमात्मा, वासुदेव के पुत्र, भगवान कृष्ण को प्रणाम” है, जो सभी दुखों का नाश करते हैं। इस मंत्र का पूरा रूप है: ऊं कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने, प्रणत: क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः।
मंत्र का अर्थ
ॐ (ओम): परम वास्तविकता का प्रतिनिधित्व करने वाली पवित्र ध्वनि।
कृष्णाय वासुदेवाय: वासुदेव के पुत्र, भगवान कृष्ण।
हरये परमात्मने: हरने वाले परमात्मा या दुखों को दूर करने वाले, परम आत्मा।
प्रणत: क्लेशनाशाय: जो नमस्कार करते हैं उनके सभी क्लेशों (दुखों) का नाश करने वाले।
गोविंदाय नमो नमः: मैं गोविंद को बार-बार नमस्कार करता हूँ।
मंत्र का उपयोग
यह मंत्र भगवान कृष्ण के प्रति श्रद्धा और समर्पण व्यक्त करने के लिए है।
घर में शांति और समृद्धि लाने के लिए इस मंत्र का प्रतिदिन 108 बार जाप करना फायदेमंद माना जाता है।
यह मंत्र मुश्किल समय से बाहर निकलने और जीवन की बाधाओं से मुक्ति पाने में मदद कर सकता है।
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