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(भाग:338) भोजन प्रसाद ग्रहण करने का सही नैसर्गिक नियम

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(भाग:338) भोजन प्रसाद ग्रहण करने का सही नैसर्गिक नियम

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टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट

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हिंदू मान्यता के अनुसार, भोजन हमेशा जमीन पर किसी आसन पर बैठकर ही करना चाहिए. खाना उतना ही लेना चाहिए जितना आप खा सकें. कभी भी थाली में अन्न नहीं छोड़ना चाहिए. कभी भी न तो बिस्तर पर बैठकर भोजन खाना चाहिए और न ही खाने की थाली में हाथ धोना चाहिए.

भोजन करने से पहले जान लें ये 5 नियम, घर में कभी नहीं होगी अन्न और धन की कमी!

अगर आप अन्न और आर्थिक तंगी की समस्या से परेशान रहते हैं तो क्या आपने कभी सोचा है कि भोजन बनाने और खाने को लेकर भी कुछ धार्मिक नियम होते हैं. जिसका पालन न करने से लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है.

सनातन धर्म में अन्न को देवता के समान पूजनीय माना गया है. यही कारण है कि भोजन न सिर्फ खाते समय बल्कि बनाते समय भी कुछ जरूरी नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है. ऐसी मान्यता है कि जो कोई अन्न का आदर करते हुए उसे अपने यहां पकाता और नियमों के तहत खाता है, उसके यहां दिन दोगुनी-रात चौगुनी बरकत होती है. घर में मां अन्नपूर्णा देवी की कृपा हमेशा बनी रहती है और घर में अन्न का भंडार कभी खाली नहीं रहती है.

हिंदू मान्यता के अनुसार, खाना पकाते समय जरूरी नियमों का पालन करना बहुत आवश्यक होता है. भोजन बनाने से पहले लोगों को तन और मन से पवित्र होना बहुत जरूरी है. फिर उसके बाद प्रसन्न मन से भोजन पकाएं. भोजन को हमेशा शुद्ध जगह पर ही बनाना और रखना चाहिए. इससे लोगों पर मां अन्नपूर्णा का आशीर्वाद बना रहता है. शास्त्रों के अनुसार, हिंदू धर्म में खाना खाने से पहले भोजन मंत्र का पाठ करना बहुत ही शुभ माना गया है.

भोजन करने से पहले बोले ये मंत्र

ॐ सह नाववतु, सह नौ भुनक्तु, सह वीर्यं करवावहै। तेजस्वि नावधीतमस्तु मा विद्विषावहै ॥ ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥

भोजन का न करें अपमान

भोजन करते समय कभी भी अन्न का अपमान नहीं करें और खाना हमेशा दाएं हाथ से ही खाना शुभ माना जाता है. बाएं हाथ से भोजन करने को बड़ा दोष माना गया है. इससे लोगों को जीवन में कई कष्ट सहने पड़ सकते हैं.

हिन्दू परंपरा में किसी भी कार्य को करने के लिए शुभ समय और शुभ दिशा का विशेष महत्व है. भोजन को हमेशा सही समय पर सही दिशा में ही करना अति उत्तम माना गया है. हिंदू मान्यता के अनुसार, पूर्व दिशा को देवताओं की दिशा माना गया है, ऐसे में इसी दिशा में मुख करके भोजन करना शुभ होता है.

अन्न का करें दान

यदि आप चाहते हैं कि आपके घर में अन्न और धन का भंडार भरा रहे तो आपको हमेशा दान भी करना चाहिए. इस अन्न का दान महादान के बराबर माना गया है. ऐसे में इसे आम आदमी से लेकर पशु-पक्षियों के लिए प्रतिदिन जरूर निकालें. इससे आपके घर में कभी अन्न और धन की कमी नहीं रहेगी.

भोजन करने का सही नियम

हिंदू मान्यता के अनुसार, भोजन हमेशा जमीन पर किसी आसन पर बैठकर ही करना चाहिए. खाना उतना ही लेना चाहिए जितना आप खा सकें. कभी भी थाली में अन्न नहीं छोड़ना चाहिए. कभी भी न तो बिस्तर पर बैठकर भोजन खाना चाहिए और न ही खाने की थाली में हाथ धोना चाहिए. ऐसा करने वालों के घर में धन और अन्न की कमी होने लगती है. लोगों को हमेशा तन और मन से पवित्र होकर शांति के साथ भोजन करना चाहिए. भोजन करते झगड़ा करने पर मां अन्नपूर्णा का अपमान होता है

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