जम्मू-कस्मीर : भगवान बर्फानी अमरनाथ के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालू लिए 1 जुलाई से यात्रा शुरू है। अमरनाथ श्राईन बोर्ड के निदेशक अनिल कुमार चंदेल की उदासीनता और लालफीताशाही की वजह से लाखों श्रद्धालुओं मे असंतोष निर्माण हो चुका है?श्रद्धालुओं की माने तो श्राईन बोर्ड के डाइरेक्टर अनिल कुमार फाइवस्टार कैबिन मे बैठकर मस्त चाय की चुस्कियां लेते है। उन्हे यात्रियों की सुविधा व्यवस्था पर ध्यान नहीं है। हालकि बर्फीले पहाडों से उठने वाली शीत लहर से निजात पाने के लिए जम्मू-कश्मीर वासियों के लिए चाय की चुस्की लेना अनिवार्य समझा जा रहा है? परंतु श्राईन बोर्ड के निदेशक जैसे जिम्मेदार अधिकारी को क्या अपनी जिम्मेदारी से नकारात्मक रवैया अपनाना यह कहां तक जायज है? परंतू ड्यूटी के दौरान यह अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाना ठीक नहीं है? जम्मू-कश्मीर राज्य के शिव सेना इकाई ने श्राईन बोर्ड लापरवाह प्रबंधन पर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञातव्य है कि अमरनाथ यात्रियों की घुड़सवारी पर कोई रोक टोक नहीं है?जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने घुड़सवारी वालों को खुली छूट दे रखी है। परिणामत: मनमानी लूट शुरु है? इतना ही नहीं यहां वीवीआईपी वालों के जान पहचान वालों के लिए श्राईन बोर्ड बुला बुलाकर हेलीकाप्टर मे पंहुचाने की व्यवस्था की जाती है? यहां अमरनाथ श्राईन बोर्ड के डाइरेक्टर अनिल कुमार चंदेल की मनमानी और स्वार्थ पूर्ण रवैए से भगवान शिव के भक्तों को काफी परेशानियों का सामना करना पड रहा है?
उधर जम्मू-कश्मीर राज्य सरकार की उदासीनता के चलते भगवान भोलेनाथ के राहगीर भक्तों पर पथराव की घटना से अनेक श्रद्धालु जख्मी होने की खबर है? यह हरकतें जम्मू-कश्मीर राज्य सरकार के समक्ष एक तरह का बदनुमा दाग समझा जाएगा?उधर जम्मू-कश्मीर ईकाई के शिव सैनिकों का मानना है कि अमरनाथ श्राईन बोर्ड के डाइरेक्टर अनिल कुमार चंदेल हेलीकाप्टरों मे तकनीक गडबडी का बहाना बताकर श्रद्धालुओं की भक्ती भावनाओं के साथ खिलवाड किया जा रहा है?
अमरनाथ श्राईन बोर्ड के करतूतों से लाखों श्रद्धालुओं में असंतोष:भारत हिन्दू महासभा ने की कार्रवाई की मांग
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