जब भरी सभा में शख्स पर भड़क गए उपमुख्यमंत्री अजित पवार
टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट
मुंबई । महाराष्ट्र के उप मुख्य मंत्री अजितदादा पवार ने कहा कि आपने मुझे वोट दिया है. इसका मतलब ये नहीं कि आप मेरे बॉस यानी मालिक बन गए. क्या आपने मुझे अब खेतिहर मजदूर बना दिया है?
महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री अजित पवार उस वक्त अपना आपा खो बैठे, जब एक वोटर ने समस्या से उन्हें अवगत कराया. दरअसल, अजित पवार रविवार को बारामती में थे. इस दौरान एक सार्वजनिक कार्यक्रम में डिप्टी सीएम अजित पवार एक वोटर पर भड़क गए. उनके कुछ समर्थकों-वोटरों ने उन्हें विभिन्न मुद्दों पर पत्र सौंपे थे.
अपने समर्थकों के इस रुख से नराज अजित पवार ने कहा, “आपने मुझे वोट दिया है, इसका मतलब ये नहीं कि आप मेरे बॉस यानी मालिक बन गए. क्या आपने मुझे अब खेतिहर मजदूर बना दिया है?”
‘हमारा एजेंडा स्पष्ट है’
महाराष्ट्र एनसीपी अजीत गुट के प्रमुख सुनील तटकरे ने एक सवाल के जवाब में 3 जनवरी को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने शरद पवार गुट के साथ फिर से जुड़ने की संभावना से इनकार किया था. वह केंद्र में एनडीए और महाराष्ट्र में महायुति के साथ गठबंधन करने के अपने रुख पर कायम हैं.
उन्होंने ये भी कहा था, “महाराष्ट्र में महायुति के साथ एनसीपीएपी ने शानदार जीत दर्ज की है. जुलाई 2023 से हमारा एजेंडा और रुख बिल्कुल स्पष्ट है. हम एनडीए और महायुति के साथ बने रहेंगे. हमारे अपने रुख पर कोई पुनर्विचार नहीं करेंगे.”
तटकरे का यह बयान अजीत पवार की मां आशाताई पवार द्वारा मंदिर शहर पंढरपुर का दौरा करने और पवार परिवार के फिर से एक होने की इच्छा व्यक्त करने के एक दिन बाद आया है. आशाताई पवार ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, “मैं चाहती हूं कि पवार परिवार के भीतर मतभेद जल्द से जल्द खत्म हो जाएं. मुझे उम्मीद है कि पांडुरंग मेरी प्रार्थनाओं का जवाब देंगे.”
बता दें कि एनसीपी अजित पवार गुट और एनसीपी शरद पवार गुट का फिर से एक होने को लेकर चर्चा सुर्खियों में है. हालांकि, इसको लेकर दोनों पक्षों की ओर से किसी ने आधिकारिक बयान नहीं दिया है.
कार्यक्रम सभा समाप्त होने के बाद DCM अजीत दादा पवार के संबंध में जनता-जनार्दन में आप में कानाफूसी और तर्क-वितर्क चल रहा था कि अजीत पवार अपना पिछला राजनैतिक जीवन काल को टटोल कर देखेंगे तो अजीतदादा ने अनियमितता और भ्रष्टाचार के मामले मे सरकारी तिजोरी में डांका डालने के शिवाय और क्या किया है? चाहे वह सिंचाई घोटाला हो य ऊर्जा मंत्री पद में बास कोयला घोटाला के अलावा और क्या किया है?दरअसल मे अजीत दादा ने बडी समझदारी सें भाजपा के कर्मठ तत्कालीन DCM देवेन्द्र फडणवीस को समर्थन दे दिया अन्यथा चक्की पिसींग चक्की पिसींग के तहत सचमुच में इस समय वे जेल की सलाखों के पीछे रहने से उन्हे कोई नहीं रोक सकता था?
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