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सिवनी जिला के आदिवासी वाहुल्य इलाकों में जमकर फल-फूल रहा है अवैध मौहा शराब का कारोबार

 

✍️टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री:

 

सिवनी। मध्यप्रदेश की आध्यात्म नगरी सिवनी जिले के ग्रामीण भागों के आदिवासी वाहुल्य ग्रामों आबकारी विभाग की निष्क्रियता के चलते अवैध मौहा शराब का कारोबार जमकर फल-फूल रहा है.

प्राप्त सबूतों के आधार पर बालाघाट रोड से लगकर स्थित अधिकांश आदिवासी समुदाय वाहुल गांव के जंगलो मे खुलेआम शराब भट्टियां चल रही है? उसी प्रकार सिवनी नागपुर रोड पर स्थित अनेक आदिवासी समुदाय के गावों मे मौहा शराब का कारोबार जमकर चल रहा है.बताते हैं कि इस अवैध शराब कारोबार से न कि आदिवासियों का भरण-पोषण हो रहा है बल्कि संबंधित पुलिस थानों मे कार्यरत पुलिस पी एस आई और पुलिस कंस्ट्रेवलों द्धारा देन वसूली जा रही है? हालकि अवैध शराब के कारोबार पर प्रतिबंध लगाना आबकारी विभाग का है? आबकारी विभाग चुप्पी साधे हुए मौन तमाशा देख रहा है. हालकि संबंधित पुलिस थाना औपचारिकता बतौर खाना पूर्ती करके दो चार लोगों पर अपराध दर्ज कर दिया जा रहा है?

 

हालकि समस्त गांवों को नशा मुक्त बनाने की पहल पर ग्रामीणों महिलाओं ने बताया है कि शराब बेचने वालों पर कठोर से कठोरतम कार्रवाई की जानी चाहिए विगत दिनों नागरिकों ने माननीय पुलिस अधीक्षक महोदय को ज्ञापन भी सौंपा है.

सिवनी जिले से 70 किलोमीटर दूर आदिवासी बाहुल्य विकासखंड धनौरा क्षेत्र में आने वाले गांव पिपरिया नाई के जागरूक लोगों ने गांव को नशा मुक्त बनाने का फैसला लिया है। उन्होंने थाना प्रभारी को जिला पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपा है।

 

ग्राम के तत्कालीन सरपंच श्रीमती सीमा ठाकुर, सचिव सहित पंचों ने ग्राम सभा मे प्रस्ताव पारित किया कि गांव में कोई भी व्यक्ति शराब नहीं पिएगा और न ही शराब बेचेगा। गांव के लोगों ने समिति का गठन किया था। जिसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और सदस्यों ने कहा कि शराब न पीने और शराब न बेचने के नियम का जो उल्लघंन करेगा, उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

ज्ञापन सौंपते समय ये रहे मौजूद ज्ञापन देते समय भाजपा नेता लकी राय और कांग्रेस नेता यशवंत बघेल (राहुल) के सहित कई लोगों ने थाना प्रभारी धनोरा ईश्वरी पटले से कहा कि गांव में कोई भी शराब, गांजे का काम करता है तो उसके ऊपर सख्ती से कार्रवाई करें।

ज्ञापन में उल्लेख है कि ग्राम सभा मे प्रस्ताव पारित ज्ञापन में उल्लेख है कि शासन प्रशासन के निर्देश अनुसार ग्राम सभा में ग्राम पंचायत के परिणाम को नशा मुक्त बनाने का सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया है। ग्राम पंचायत पिपरिया में ना तो कोई व्यक्ति शराब का सेवन करेगा और ना ही कोई व्यक्ति शराब बेचेगा। अगर प्रस्ताव का उल्लंघन करते हुए कोई व्यक्ति पाया जाता है तो प्रस्ताव के अनुसार उस पर उचित कार्रवाई की जाएगी, इसके लिए उपस्थित ग्रामवासियों और ग्राम पंचायत के सदस्य जनप्रतिनिधि ने नशा मुक्त के लिए एक समिति का गठन किया है।

समिति के सदस्य ग्राम को नशामुक्त बनाने वाली समिति में तत्कालीन अध्यक्ष- सीमा ठाकुर(सरपंच), सचिव- सोनू लाल रजक, उपाध्यक्ष-कमलेश यादव, सहसचिव- संतोष पटेल, समिति के सदस्य में मीना बाई (पंच), कृष्णा बाई (पंच), कपूरा बाई अहिरवार(पंच), दुर्गा बाई शाक्यवार(पंच), लक्ष्मी बाई सेन, खिलयान सेन, अनुसुइया बाई सिंघारे, कमलेश सेन, ममता रजक, कैलाश चौहान (पंच) और कोटवार ब्रम्हा प्रसाद शाक्यवार शामिल हैं,

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