भुसावल केंद्र के SE देशपांडे, EE पाचोरे और DYE माने को निलंबन की मांग
विशेष संवाददाता
जलगांव। भुसावल पावर प्लांट के भ्रष्टाचारी अधीक्षक अभियंता देशपांडे,ऐक्ज्यूटी इंजिनियर पाचोरे और जूनियर इंजिनियर श्री माने की चल व अचल संपत्ति की जांच -पड़ताल और उन्हे निलंबन की मांग की जा रही है. इस संबंध में महाराष्ट्र कॉन्ट्रैक्टर यूनियन के महासचिव प्रकाशराव पवार ने प्रधान सचिव ऊर्जा उधोग और कामगार मंत्रालय मुंबई को ज्ञापन देकर ध्यानाकर्षक किया है कि अधीक्षक अभियंता देशपांडे,इक्ज्यूटी इंजिनियर पाचोरे जे ई माने स्पष्ट रूप से ठेकेदारों को डराते धमकाते और कहते हैं कि 25% कमीशन देना ही पडेगा तब आपके बिल पास करेंगे? अन्यथा भुगतान रोक दिया जाएगा! उन्होंने सबंधित कंपनी नियोक्ता और वार्षिक मैंटनैंश ठेकेदारों को कमीशन के लिए दबाव डालना शुरु कर दिया है.इसलिए भुशावल पावर प्लांट के समस्त फर्मों का बिल भुगतान रोक दिया है. ज्ञापन मे स्पष्ट किया है कि पिछले 4-5 महिने से ठेकेदारों को किए कार्यों का भुगतान नहीं होने से फर्म मालिकों मे मानसिक तनाव वढ गया है.ठेकेदारों के सामने कर्जबाजारी और भुखमरी का सामना करना पड रहा है. बताते हैं कि बैंक और सोसाइटियों से कर्ज लेकर फर्म और ठेकेदारों ने अपने मजदूरों का पगार भुगतान किया है.मटेरियल सप्लायर पगार भुगतान के लिए ठेकेदारों के कार्यालय मे चक्कर काट रहे हैं.फर्म ठेकेदारों को ये भ्रष्टाचारी अधिक्षक अभियंता, कार्यकारी अभियंता और जूनियर इंजिनियर बहुत परेशान और हैरान कर रहे हैं?
महाराष्ट्र राज्य कांट्रैक्टर यूनियन पदाधिकारी ने ऊर्जा मंत्रालय से मांग की है कि इन तीनों दोषी अभियंताओं को जल्द से जल्द निलंबित किया जाए अन्यथा महानिर्मिती मुख्यालय प्रकाशगड बांद्रा के समक्ष धरना-प्रदर्शन आन्दोलन किया जाएगा? इसकी शिकायत जलगांव के पुलिस अधीक्षक अपराध शाखा को शिकायत करने का निश्चय किया है.
गोपनीय सूत्रों की माने तो कुछेक कंपनी मालिकों ने भ्रष्टाचारी अधीक्षक अभियंता देशपांडे, कार्यकारी अभियंता पाचोरे और जूनियर इंजिनियर माने को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकडाने का मन बना लिए हैं. बताते हैं कि एकांत मे रुपए कमीशन मांगते हुए ठेकेदारों ने रेकार्ड वीडियों भी तैयार कर लिया है.परंतु ठेकेदारों ने सोचा है कि ये हरामखोर इंजिनियर बाल-बच्चेदार हैं अगर जेल गए तो इनकी फैमिली सस्ते मे आ सकती है. परंतु इनकी चल व अचल संपत्ति की जांच-पड़ताल जरुरी है . बताते हैं कि इनमे से एक इंजिनियर ने अपनी बेटी की सादी मे भ्रष्टाचार की कमाई के बदौलत कीमती चार पहिया वाहन और लाखों रुपए कीमत के दहेज दिया है. बताते हैं कि इनमे से एक इंजिनियर तो रिश्वत मे रुपये के बदले कीमती सोने के जेवरात मागता है.
अन्न नागरी ग्राहक संरक्षण मंत्री छगन भुजबल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर दोषी अधिकारियों पर कठोरतम कार्यवाई की मांग की है. उसी प्रकार राष्ट्रीय मानवाधिकार पार्टी जलगांव के उपाध्यक्ष निलेश पुणेकर ने भी तत्संबध महानिर्मिति मुंबई के मैनेजिंग डायरेक्टर को सौंपे ज्ञापन मे स्पष्ट किया हैं कि अधीक्षक अभियंता श्री देशपांडे,इलेक्ट्रिक मैंटनैंश, श्री पचलोरे एक्झ्यूटी इंजिनियर विधुत सुव्यवस्था विभाग, जूनियर इंजिनियर श्री माने पर जांच-पड़ताल कराई जाए. मटीरियल सप्लायर्स और मेंटनेंस ठेकेदारों ने जलगांव के पालकमंत्री को भी शिकायत की है.बताते हैं कि बडी फर्म के साथ उक्त तीनो इंजिनियरों ने भुशावल विधुत केंद्र मे ठेकेदारों का जीना हराम कर रखा है.
बताते हैं कि 2-3 ठेकेदारों ने तो इन तीनों भ्रष्टाचारी इंजिनियरों की पिटाई करने की योजना बना रखी है. एक बियरिंग नियोक्ता के अनुसार अपना बिल भुगतान पाने के लिए कीमती जेवरात देने से इंकार करते हुए तांत्रिक के माध्यम से कुछ गडबड कराने की धमकियां दी है. हालकि ये तीनों इंजिनियरों के परिवार का परिवार बहुत परेशान रहता है. किसी का बच्चा बीमार तो किसी की बीबी बीमार हैं. बताते हैंङकि हराम का किसी को पचता नहीं है.
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