Breaking News

बांके बिहारी मंदिर का 160 साल पुराना ‘खजाना’ खुला

Advertisements

बांके बिहारी मंदिर का 160 साल पुराना ‘खजाना’ खुला

Advertisements

 

टेकचंद्र शास्त्री: 9822550220

Advertisements

 

मथुरा। भगवान श्री कृष्ण जी की नगरी मथुरा के बांके बिहारी मंदिर के गर्भगृह के नजदीक बने विशेष दरवाजों को धनतेरस के त्योहार के दिन खोला गया. 54 साल बाद इन दरवाजों को खोला गया है, जहां सोने-चांदी से भरे कलश होने की बात है.

बांके बिहारी मंदिर का 160 साल पुराना ‘खजाना’ खुला, धनतेरस पर 54 साल बाद खोले गए विशेष कपा

बांके बिहारी मंदिर का 160 साल पुराना खजाना 54 साल बाद धनतेरस के दिन बाद निकाला गया है खजाना मंदिर के गर्भगृह के नीचे बने तहखाने में सोने-चांदी के कलश और सिक्कों से भरा पाया गया है.सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति के आदेश के बाद 18 सितंबर को खजाना खोलने की तैयारी शुरू हुई थी

क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?

हमें बताएं।

बांके बिहारी मंदिर का 160 साल पुराना खजाना खोला गया है. शनिवार को 54 साल बाद कपाट खोले गए हैं. इसमें सोने-चांदी के सिक्कों से भरे कलश मिले हैं. धनतेरस के दिन 54 साल बाद बांके बिहारी का खजाना खोला गया है. सुप्रीम कोर्ट गठित हाई पावर्ड कमेटी ने खजाना खोलने के लिए 18 सितंबर को समिति बनाई थी. प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा नामित चार गोस्वामी की मौजूदगी में उस विशेष कपाट को खोला गया. मंदिर के गर्भ गृह के नीचे खजाना मौजूद होने की बात कही गई है. खजाने के आसपास दो छोटे सांप मिले हैं.

इससे पहले 1971 में भगवान बांके बिहारी का खजाना खुला था. बांके बिहारी मंदिर कमेटी के सदस्य दिनेश गोस्वामी ने कहा कि अभी गर्भ गृह के नीचे दरवाजा खोला गया है.अभी अंदर बहुत सारा मलबा मिला है. उसके अंदर से एक भी कण अभी तक बाहर नहीं आया है.

मंदिर में सोने-चांदी के आभूषण, सोने के कलश और चांदी के सिक्के रखे होने का दावा है. गर्भगृह के करीब इस दरवाजे को खोलने की लंबे समय से मांग हो रही थी. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट से अधिकार प्राप्त समिति को जिम्मेदारी दी गई. खजाने की खोज के लिए टीम भीतर मास्क लगाकर और सुरक्षा उपकरणों के साथ गई है.

सोने-चांदी और हीरे जेवरात होने का दावा

कमरे में सोने-चांदी और हीरे जेवरात समेत तमाम मूल्यवान वस्तुएं हो सकती हैं. इसे बांके बिहारी उच्च अधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति के आदेश के बाद खोला जा रहा है. इसके लिए एक समिति में मंदिर प्रबंधन के अलावा सिविल जज, ऑडिटर और पुलिस अधिकारी शामिल हैं. बांके बिहारी का खजाना खोलने का फैसला 29 सितंबर को किया गया था. मथुरा के डीएम चंद्र प्रकाश सिंह और ने समिति के सचिव ने 17 अक्टूबर को खजाना खोलने का आदेश जारी किया था.

बांके बिहारी मंदिर का खजाना तोशखाना में

दावा किया गया है कि बांके बिहारी मंदिर का खजाना तोशखाना में रखा गया है. ये तोशखाना बांके बिहारी मंदिर के सिंहासन के नीचे है. इतिहासकारों का कहना है कि 1864 में वैष्णव परंपरा के मुताबिक इस मंदिर का निर्माण भी बनवाया गया था. गर्भगृह बांके बिहारी के सिंहासन के ठीक नीचे तहखाने में तोशखाना का निर्माण कराया गया था. दावा किया जाता है कि जब पिछली बार खजाना खोला गया था, तब कई मुखों वाले चांदी के शेषनाग दिखे थे. सोने के कलश मिले थे

Advertisements

About विश्व भारत

Check Also

सत्ता के भूखे चरित्रहीन राजा से नैसर्गिक न्याय की अपेक्षा रखना उचित नहीं?

सत्ता के भूखे चरित्रहीन राजा से नैसर्गिक न्याय की अपेक्षा रखना उचित नहीं? टेकचंद्र सनोडिया …

चारित्र्यहीन राजाकडून नैसर्गिक न्यायाची अपेक्षा योग्य नाही का?

चारित्र्यहीन राजाकडून नैसर्गिक न्यायाची अपेक्षा योग्य नाही का? टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: ९८२२५५०२२०   राज्याच्या कारभारात …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *