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हस्तसामुद्रिक शास्त्र के अनुसार जानिए जीवन रेखा मे अपना भविष्य फल

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हस्तसामुद्रिक शास्त्र के अनुसार जानिए जीवन रेखा मे अपना भविष्य फल

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टेकचंद्र शास्त्री:

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9822550220

 

भारतीय वैदिक सनातन धर्म शास्त्र और हस्त सामुद्रिक विज्ञान के अनुसार प्रत्येक स्त्रियों -पुरूषों का भाग्य भविष्य को जान सकते हैं.दरअसल मे सत्य मे देखा जाए तो वर्तमान परिवेश मे अपने अपने अच्छे और बुरे कर्मों के अनुसार स्त्रियों और पुरुषों के पीछे मृत्यू बडी तेजी से पीछा कर रही है.परंतु धर्म शास्त्रों के अनुसार पूजन अनुष्ठान और दान पुण्यकर्म तथा पापों का प्रायश्चित करके उससे सदैव के लिए छुटकारा पा सकते हैं. दरअसल मे अच्छे बुरे कर्मों से ही रेखांकित होती हैं. कर्मों के अनुसार ही

आपकी हथेलियों की बनावट भाग्य रेखा, जीवन रेखा, मस्तिष्क रेखा, ह्रदय रेखा, गुरु पर्वत, बुध, मंगल, चंद्र और सुक्र पर्वत के अलावा सभी उंगलियों के शंखचक्र निशान के अनुसार भविष्य मे संभावित शुभ और अशुभ घटनाओं की जानकारियां सरलता और सुगमता से जाना जा सकता है और बचाव पक्ष आप उपाय कर सकते है.

तर्जनी उंगली और अंगूठे के बीच से शुरू होकर यह लाइन अंगूठे के निचले हिस्से को घेरते हुए कलाई की तरफ जाती है। यह जीवन रेखा व्यक्ति की जीवन शक्ति, स्वास्थ्य, महत्वपूर्ण जीवन घटनाओं और सेहत संबंधी समस्याओं के बारे में जानकारी देती है। बता दें कि जीवन रेखा जितनी ज्यादा स्पष्ट, गहरी और बिना टूटी हुई होती है, वह उतनी ही अच्छी जीवन रेखा कहलाती है।

अगर किसी व्यक्ति के हाथ में जीवन रेखा कटी-फटी या फिर टूटी हुई या अस्पष्ट दिखती है, तो ऐसे व्यक्ति का जीवन संघर्षों से भरा रहता है। वहीं अगर जीवन रेखा पर आड़ी-तिरझी लकीरें दिखती हैं, तो इस तरह के व्यक्ति की सेहत कमजोर होती है। ऐसे में अगर आप भी हाथ देखना सीखना चाहते हैं, तो सबसे पहले आपको जीवन रेखा के संकेतों को पहचानना चाहिए।

जीवन रेखा पहचानें

पतली लाइफ लाइन – मृत्यु के समान कष्ट का संकेत मिलते हैं.

धंसी हुई गहरी लाइफ लाइन – अशिष्टता पूर्ण व्यवहार की ओर संकेत

टूटी हुई लाइफ लाइन – बीमारियों का संकेत

साफ और स्पष्ट लाइफ लाइन – न्यायपूर्ण जीवन की ओर संकेत मिलते हैं.

जीवन रेखा के प्रारम्भ स्थल पर शाखा पुंज होना – अस्थिर जीवन की ओर संकेत मिलना स्वाभाविक है

जीवन रेखा के बीच में शाखा – क्षय पूर्ण जीवन की तरफ संकेत,जीवन रेखा के आखिरी सिरे पर शाखाएं – कष्टकारी बुढ़ापे की ओर संकेत,लाइफ लाइन के आखिरी में दो भागों में बंटना – निर्धनता पूर्ण मृत्यु की ओर संकेत,जीवन रेखा के आखिरी में जाल का चिन्ह होना – धन हानि कि बाद मृत्यु की अधिक संभावना बनी रहती है.

जीवन रेखा पर काले धब्बे होना – रोग शुरू होने के संकेत

जीवन रेखा का बीच में टूटा-फूटा होना – आर्थिक हानि और संकट का संकेत

जीवन रेखा को काटती हुई अन्य रेखाएं – स्थायी बीमारी की अधिक संभावना

लाइफ लाइन पर वृत्त का निशान – हत्या

लाइफ लाइन की शुरूआत में क्रॉस – दुर्घटना होना

लाइफ लाइन की शुरूआत में द्वीप – आध्यात्मिक विद्याओं में रुचि होना

लाइफ लाइन के बीच में द्वीप का निशान – शारीरिक कमजोरी होना

लाइफ लाइन को काटकर भाग्य रेखा तक जाने वाली रेखा – व्यापार में पूर्ण असफलता

लाइफ लाइन और हार्ट लाइन को काटती हुई रेखा – प्रेम में असफलता होने का संकेत

लाइफ लाइन और भाग्य लाइन पर त्रिकोण होना – आर्थिक हानि की संभावना

इस तरह से लाइफ लाइन को देखकर हस्तरेखा एक्सपर्ट अपने अनुभव और मतानुसार जातक के भावी जीवन के प्रति संकेतों को प्रकट करते हैं।

हस्तरेखा शास्त्र में हथेली में शुक्र पर्वत पर त्रिभुज का निशान एक शुभ संकेत माना जाता है। यह निशान जातक के जीवन में भौतिक सुख, मधुर वाणी और आकर्षण का प्रतीक होता है। हथेली में शुक्र पर्वत अंगूठे के नीचे उभार वाला क्षेत्र होता है। जोकि जीवन रेखा से घिरा होता है। शुक्र पर्वत पर त्रिभुज का निशान जातक को प्रभावशाली और आकर्षण व्यक्तित्व प्रदान करता है। ऐसे जातकों का रंग-रूप काफी ज्यादा प्रभावी होता है। प्रभावी व्यक्तित्व होने के कारण हर कोई उनकी ओर एक बार पलटकर देखता जरूर है।

इन लोगों की वाणी में इतनी मिठास होती है कि हर कोई इनसे बात करना चाहता है। यह जातक अपने शब्दों के जादू से सामने वाले का दिल जीतने की कला बखूबी जानते हैं। शुक्र पर्वत पर त्रिभुज का निशान होना यह बताता है कि जातक भौतिक सुखों का आनंद लेता है। वहीं इन लोगों का पर्स कभी खाली नहीं रहता है।

तड़क-भड़क से भरा जीवन

ऐसे लोग अपने जीवन में विलासिता का अनुभव करते हैं। फिर परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों। इनके पास हमेशा अच्छे गैजेट्स और तड़क-भड़क देखने को मिलेगी। यह लोग अच्छी जगहों पर उठना बैठना पसंद करते हैं और इनके अपने बनाए हुए कुछ स्टैंडर्ड होते हैं, जिनसे यह समझौता नहीं करते हैं।

इन जातकों को पता होता है कि इनको जीवन में आगे क्या करता है। यह अपने विचारों को लेकर काफी स्पष्ट होते हैं। शुक्र पर्वत पर बना त्रिभुज बताता है कि ऐसा व्यक्ति अपने जीवन में खूब धन-दौलत कमाते हैं। साथ ही यह अपने जीवन में भी सफलता प्राप्त करते हैं। यह लोग गाने-बजाने और गीत-संगीत के शौकीन होते हैं।

अगर निगेटिव साइड की बात करें, तो ऐसे लोग अधिक मेहनत करने वाले काम नहीं कर पाते हैं। इन लोगों के लिए कंफर्ट जोन काफी मायने रखता है। वहीं तनावपूर्ण माहौल में नहीं रह पाते हैं और न ही दूसरों को तनाव देते हैं। इन जातकों की जिंदगी का फलसफा मजे करना होता है। सबको साथ लेकर चलने की जगह कई बार यह खुद को आगे रखते हैं। हथेली के ये निशान हैं बेहद Rare, किस्मत वालों को मिलता है राजयोग

हस्तरेखा शास्त्र, ज्योतिष शास्त्र का ही एक भाग है, जिसकी सहायता से जातक की हाथ की रेखाओं का अध्ययन कर भविष्य के बारे में बताया जा सकता है। हस्तरेखा शास्त्र में हथेली पर ऐसे कई निशान बताए गए हैं। जोकि दुर्लभ होने के अलावा काफी शुभ भी माने गए हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको हाथ में बनने वाले कुछ शुभ निशानों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके होने से व्यक्ति को भाग्य का साथ मिलता है।

मिलते हैं ये शुभ संकेत

त्रिशूल महादेव का अस्त्र है, जिसको हस्त रेखा में एक शुभ संकेत के रूप में देखा जाता है। अगर किसी जातक की हथेली पर मस्तिष्क रेखा या फिर मंगल पर्वत के ऊपरी हिस्से में त्रिशूल का चिह्न बनता है, तो ऐसे जातक को काफी भाग्यशाली माना जाता है। इन लोगों पर भगवान शिव की कृपा बनी रहती है और इनको अपने जरूरी कार्यों में सफलता मिलती है।

एशो-आराम की जिंदगी

हस्तरेखा शास्त्र के मुताबिक अगर किसी जातक की हथेली में मस्तिष्क रेखा दो भागों में बंटकर त्रिकोण का चिन्ह बनता है। तो ऐसा व्यक्ति भाग्यशाली माना जाता है। ऐसे व्यक्ति के जीवन में कभी पैसे की किल्लत नहीं रहती है। इसी के साथ अगर व्यक्ति की दोनों हथेलियों को मिलाने पर अर्धचंद्र का निशान बनता है, तो माना जाता है कि इन लोगों की ऐशो-आराम में कमी नहीं होती।

खुल जाता है भाग्य

अगर किसी जातक की हथेली पर मछली का चिह्न दिखाई देता है, तो अचानक से धन लाभ का संकेत देता है। अगर किसी जातक की हथेली पर कमल की आकृति बनी है, तो माना जाता है कि धन-समृद्धि के योग बन रहे हैं। वहीं हस्तरेखा शास्त्र के मुताबिक जातक की हथेली में स्वास्तिक का चिन्ह बनना भी शुभ माना जाता है।

वहीं हथेली के कुछ निशान जैसे मछली, त्रिशूल, चक्र, स्वास्तिक और कमल आदि का निशान भी भाग्यशाली माने जाते हैं। हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, यह निशान मान-सम्मान, धन और सफलता का प्रतीक माने जाते हैं। वहीं अगर किसी जातक की हथेली में वर्ग की आकृति पाई जाती है, तो इसका मतलब है कि उसको अपने जीवन में शुभ परिणाम मिल सकते हैं।

आपके प्रत्येक कामों में रुकावट, वजह हो सकता है हथेली पर बना ये

किसी भी व्यक्ति के भविष्य को जानने के लिए ज्यातिष शास्त्र को सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। वहीं सामुद्रिक शास्त्र में हाथ की रेखाओं का अहम स्थान रहा है। हस्तरेखा शास्त्र एक ऐसा विज्ञान है, जोकि हथेली में रेखाओं की अच्छी-बुरी स्थिति और जातक के भाग्य और स्वभाव की ओर इशारा करती है। हस्तरेखा शास्त्र का सही से अध्ययन करने पर जातक के भविष्य के बारे में सटीक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

हथेली पर रेखाओं के अलावा कई तरह के चिह्न भी बने होते हैं। यह चिह्न शुभ और अशुभ दोनों प्रकार के प्रभावों वाले होते हैं। बता दें कि अशुभ प्रभाव वाले चिह्नों में से एक क्रॉस का निशान होता है। हथेली पर बना क्रॉस का चिह्न अधिकतर विपरीत फल ही देता है।

अगर किसी जातक की हथेली पर शनि क्षेत्र यानी की बीच वाली उंगली के नीचे क्रॉस का निशान है और यह भाग्य रेखा को टच कर रहा है। तो ऐसे जातक को दुर्घटना से हानि होने की प्रबल संभावना रहती है। अगर सिर्फ शनि क्षेत्र पर ही क्रॉस का चिह्न है, तो यह जातक को उत्साहहीन, निराशावादी और आलसी होता है।

सूर्य क्षेत्र यानी की अनामिका उंगली के नीचे अगर क्रॉस का चिह्न होता है, तो जातक अपने जीवन में बड़ी मुश्किल से सफल होता है। अधिकतर कार्यों में जातक को असफलता प्राप्त होती है।

वहीं हाथ की सबसे छोटी उंगली के नीचे के क्षेत्र को बुध का क्षेत्र कहा जाता है। यहां पर क्रॉस का चिह्न होता है, तो व्यक्ति के स्वभाव में ईमानदारी की कमी होती है। जिसकी वजह से व्यक्ति को सफलता नहीं मिल पाती है।

वहीं हथेली के मध्य में मंगल क्षेत्र होता है। इस पर क्रॉस होने पर जातक का स्वभाव लड़ाई-झगड़े वाला होता है। ऐसे जातकों के शत्रुओं की संख्या काफी ज्यादा होती है।

अंगूठे के नीचे शुक्र पर्वत पर क्रॉस का चिह्न होने से जातक प्रेम में बहुत ज्यादा दुख पाता है।

चंद्र क्षेत्र जोकि शुक्र पर्वत होता है, यह अंगूठे के दूसरी ओर स्थित होता है। यहां पर क्रॉस का चिह्न होने से जातक की कल्पना शक्ति कमजोर होती है।

अगर गुरु पर्वत यानी की तर्जनी उंगली के नीचे क्रॉस का चिह्न होता है, तो यह बुरा प्रभाव नहीं देता है। बता दें कि जितने भी बड़े भविष्यवक्ता हुए हैं, इनमें से अधिकांश के हाथों में गुरु यानी की बृहस्पति पर्वत पर क्रॉस का चिह्न देखा गया है।

 

सहर्ष सूचनार्थ नोट्स:-

उपरोक्त समाचार सामान्य ज्ञान पर अधारित है. सनातन धर्म अंतर्गत ज्योतिष शास्त्र और ज्योतिष विज्ञान विशेषज्ञों के कुशल मार्गदर्शन और परामर्श से संकलित कर प्रस्तुत है। अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञों से सलाह अवश्य प्राप्त कर सकते हैं.

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