जामसावली हनुमान मंदिर मे धर्म की जय अधर्म का नाश की गूंज का घोष
टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री:
संयुक्त संपादक रिपोर्ट
सौंसर। मध्य प्रदेश के पांडुरना जिले के सौंसर तहसील में स्थित प्रसिद्ध जामसावली हनुमान मंदिर देवस्थान में ‘धर्म की जय, अधर्म का नाश’ और जय श्री राम के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा है। हाल ही हनुमान जी महाराज के जन्मोत्सव में यहाँ आयोजित धार्मिक आयोजनों और कथाओं के दौरान भक्तों में भारी उत्साह देखने को मिला, जहाँ हनुमान जी के रौद्र रूप और सनातन धर्म की रक्षा का संकल्प लिया गया।
जामसावली हनुमान मंदिर की मुख्य विशेषताएं के संबंध मे बतादें कि यह मंदिर पांडुरना से लगभग और नागपुर से
की दूरी पर स्थित है. यह मंदिर लगभग 100 वर्ष से अधिक पुराना है और यहां भगवान हनुमान की चकाचक आनंदमयी प्रतिमा है। यहां पर सदैव धार्मिक वातावरण बना रहता है. हाल ही में जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी के मार्गदर्शन में यहाँ हनुमंत कथा का आयोजन किया गया था, जिससे यहाँ का माहौल भक्तिमय हो गया। यह मंदिर
आस्था का केंद्र बना हुआ है. यहाँ महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के हजारों भक्त रोजाना अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं, विशेषकर चमेली के तेल के अभिषेक के लिए।
यह पावन धाम न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए अन्याय के अंत और धर्म की स्थापना का प्रतीक भी माना गया है.भक्तो की आन-बान शान हनुमान जी महाराज की अहैतुक कृपा से अनेकानेक सामाजिक राष्ट्रीय और मानवीय विकास मे बाधक अन्यायी अत्याचारी और भ्रष्टाचारी राजनेताओं और मिलावटखोर व्यापारियों की उल्टी गिनती शुरु हो रही है.इतना ही नहीं पराई स्त्रियो को लालच प्रलोभन देकर उनकी इज्जत से खिलवाड करने वाले कथित राजनेताओं और छुटभैये दुराचारियों की उल्टी गिनती शुरु हो चुकी है.
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