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जानिए भारतवर्ष में 30 साल की उम्र के बाद होने वाला विवाह से झेलने पडते है ताने-बाने उलझनें और मानसिक तनाव 

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जानिए भारतवर्ष में 30 साल की उम्र के बाद होने वाला विवाह से झेलने पडते है ताने-बाने उलझनें और मानसिक तनाव

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टेकचंद्र शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट

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नई दिल्ली।भारतवर्ष में 30 साल की उम्र के बाद शादी करने को काफी हीन भावनाओं से देखा जाता है। जिसके कारण 30 की उम्र के पार लोगों को शादी न करने के कारण समाज और लोगों से बहुत आलोचना सुननी पड़ती है और कमेंट का भी सामना करना पड़ता है। अधिक उम्र मे समाज मे ताने बाने उलझन और मानसिक तनाव जैसी समस्याओं का सामना करना पडता है? अधिक उम्र की लडकी और लडकों को देखकर पडोसी रिस्तेदार तरह-तरह के ताने बाने कसने लगते हैं? और कहते हैं कि जिन्दगी भर कुंवारे पडे रहोगे क्या? कुंवारे रहने से तुमको कौनसा फायदा मिलने वाला है। जरा हमको भी बतला दो? कहते हैं कि हम कब तक कुंवारे पडे रहेंगे?हमें बुढापे में कोई नहीं पूछेगा? फिर हम क्या कर सकते हैं?

पूरी ईमानदारी से कहा जाए तो भारत में 30 की उम्र के बाद लडकियां हो य लडके का अविवाहित होना मुश्किल और कठिन काम है। आपको न केवल आलोचना और मूल्यांकन का सामना करना पड़ता है, बल्कि 30 साल की उम्र के बाद किसी से शादी करने की संभावना भी काफी कम होती है। अकेले जीवन बिताने के विचार का भारत में स्वागत नहीं है, क्योंकि यहां एक ‘सपोर्ट सिस्टम’ की आवश्यकता जरूरी मानी जाती है, जो आपका लाइफ पार्टनर होता है। सच कहा जाए तो, जब लोग और समाज आपके विवाह नहीं करने के विचार से सहमत नहीं होते हैं, तो यह थोड़ा बहुत निराशाजनक हो सकता है। आइए, सुनते हैं उन 4 लोगों से इसके बारे में, जो 30 की उम्र के हैं और शादी न करने को लेकर हर दिन इससे संबंधित गलतफहमियों से जूझ रहे हैं और संघर्ष कर रहे

कु लक्षिता चक्रवर्ती बताती हैं कि “मैं जहां भी रिश्तेदारी या पहचान वालों के यहां जाती हूं, हर कोई मेरी लव लाइफ के बारे में गॉसिप करने लगता है। मानो, मेरा करियर उन्हें स्तब्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं है! लोग हमेशा मुझसे पूछते हैं कि मेरी शादी क्यों नहीं हो रही है? और मैं बस यही जवाब देती हूं कि इस समय जब मैं अपने करियर पर फोकस कर रही हूं, तो मैं खुद को इस वक़्त शादी के लिए तैयार नहीं पाती हूं। ज्यादातर आंटियां मुझे आतंकी की नजर से ऐसे देखती हैं, जैसे मैं कुछ अलग कह रही हूं। हमें वास्तव में अपने 30 के दशक के बाद शादी को सामान्य बनाना शुरू कर देना चाहिए।”

कु प्रेरणा सहाय ने बताया कि 30 साल के बाद “लोग कमेंट करते रहते हैं कि बुढापे में क्या भिकारी जीवन साथी बनाओगी?ओर कौन साथ देगा तुमको?इसी बात की चिंताएं सताते रहती है कि जब मेरी और भी उम्र बढ़ जाएगी, तो मैं कितना अकेली हो जाऊंगी। मेरा साथ देने के लिए मेरे पास मेरे दोस्त भी नहीं है? क्या बुढापे में मेरा परिवार और मेरे पालतू जानवर साथ देंगे? मैं किसी ऐसे व्यक्ति के साथ रहने के लिए तैयार नहीं हूं, जिसके साथ मैं नहीं रहना चाहती। शादी करना मस्त है, लेकिन रुकिए, यह तब तक ही है, जब तक जिम्मेदारियों का सारा प्रेशर आपके दिमाग पर न आ जाए। लोग इसे नहीं समझते हैं और इसके लिए मेरी आलोचना की जाती है, जो दुखद है।”

जानिए 30 साल के बाद शादी करने में पुरुष और महिलाओं को क्या-क्या समस्याएं आती हैं?

वैसे तो उम्र के साथ थोड़ी परिपक्वता आती है। ऐसी जोड़ियों में शादी सफल होने की सम्भावना उनके मुक़ाबले बेहतर होती है जो बहुत छोटी उम्र में 23–25 वर्ष की आयु में शादी कर लेते हैं। इसके अतिरिक्त उम्र बीतने के साथ अपने जीवन साथी में बहुत अधिक खूबियाँ ढूँढना भी थोड़ा जायज़ हो जाता है। मुख्य समस्या एक होती है कि अधिक उम्र में बच्चा होना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। इसलिए यदि विवाह देरी से हो तो बच्चा पैदा करने में अधिक इंतज़ार करना पडता है। 30 वर्ष से अधिक उम्र होने के बाद संतानहीनता का खतरा उत्पन्न हो सकता है। जैसे तैसे बुढापे में संतान पैदा हुई तो क्या फायदा?

30 की उम्र पार करते ही शरीर के अवयव बदलने लगते हैं। लड़कपन वाली गलतियां नहीं दोहराना चाहिए।

तीस की उम्र के बाद हमारे अंदर शारीरिक और मानसिक तौर पर कई काफी बदलाव आने लगते हैं. हम मानसिक तौर पर भी काफी मैच्योर हो चुके होते हैं और अपना अच्छा-बुरा समझने लगते हैं. ऐसे में हर किसी को उम्र के इस पड़ाव तक अपनी पर्सनैलिटी में कुछ बदलाव कर लेने चाहिए. साथ ही लाइफस्टाइल और खानपान पर भी ध्यान देना भी शुरू कर देना चाहिए। अधिक उम्र होने मानसिक तनाव और डिप्रेशन अवसाद की समस्या निर्माण हो सकती है।

अगर आप भी 30 साल के हो चुके हैं या होने वाले हैं तो अब समय आ गया है कि आप खुद पर ध्यान देना शुरू कर दें. 30 की उम्र आपको बताती है कि अब आपके लापरवाही और लड़कपन के दिन बीत चुके हैं और आप अपनी और अपनों की जिम्मेदारियां उठाने के लिए पूरी तरह मैच्योर हो चुके हैं. हालांकि, उम्र का ये पड़ाव हर किसी के अंदर कई तरह के शारीरिक और मानसिक बदलाव लेकर आता है. वास्तव में ये बदलाव संकेत देते हैं कि आपको अपनी लाइफस्टाइल और पर्सनैलिटी बदलनी होगी. इस आर्टिकल में हम आपको लेट ट्वेंटीस से लेकर 30-35 साल तक लोगों के अंदर होने वाले शारीरिक और मानसिक बदलावों के बारे में बताएंगे. साथ ही आपको ये भी बताएंगे कि आपको उन बदलावों को किस तरह स्वीकार करना है और उनके साथ-साथ खुद को कैसे तब्दील करना है.

30 के बाद मेटाबॉलिज्म होने लगता है स्लो

सबसे पहले बात करते हैं हेल्थ की. अगर आप 30 साल के हो चुके हैं या होने वाले हैं तो अपनी सेहत को लेकर अलर्ट हो जाइए. इस पड़ाव पर आते-आते महिला और पुरुष दोनों के शरीर का मेटाबॉलिजम प्रॉसेस धीमा हो जाता है लेकिन लोग अपने मेटाबॉलिज्म के अनुसार अपनी डाइट में बदलाव नहीं करते. जिस तरह वो 25, 26 और 27-28 की उम्र में अनहेल्दी खाना-पीना खाते हैं, वही खानपान वो 30 के बाद भी जारी रखते हैं जिससे शरीर पर बुरा असर होता है. दरअसल इस दौर में व्यक्ति का मेटाबॉलिज्म वैसा नहीं होता जैसा, 20 से 29 की उम्र में था. मेटाबॉलिज्म स्लो होने से शरीर में फैट और कैलोरी बर्निंग की प्रक्रिया भी धीमी हो जाती है. यही वजह है कि 20 से 28 की उम्र तक जिस खानपान के साथ लोग फिट रह पाते हैं, वही खानपान 30 के बाद लोगों को मोटा और थुलथुला बना देता है. 30 और 31 की उम्र के बाद महिला और पुरुष दोनों ही 20 से 29 साल की तुलना में जल्दी मोटापे का शिकार होने लगते हैं जिसका सबसे बड़ा कारण अपनी जीवनशैली में बदलाव नहीं करना चाहिए ।

दूसरों के साथ ही खुद के लिए भी जिम्मेदार बनें

आमतौर पर 30 की उम्र के बाद इंसान पर चाहे-अनचाहे तमात तरह की जिम्मेदारियां आ आती हैं जिन्हें पूरा करते-करते अक्सर इंसान अपने आप को भूल जाता है. ध्यान रहे कि आपके आसपास के लोगों से पहले आपका शरीर आपकी जिम्मेदारी है. अगर आप स्वस्थ रहेंगे तभी आप अपने आसपास के लोगों का ख्याल रख पाएंगे. इसलिए खुद को दरकिनार ना करें और हर हाल में अपना खूब ख्याल रखें.

30 के बाद पैसों को करें मैनेज अगर आप 30 साल से ऊपर के हो चुके हैं लेकिन आपने अभी तक अपने पैसों को सेव करना नहीं शुरू किया है तो आपको इस दिशा में सजग हो जाने की जरूरत है. उम्र की इस दहलीज पर आपको सेविंग स्टार्ट कर देनी चाहिए. आपकी तनख्वाह कम हो या ज्यादा या आप बिजनेस करते हों. आपको अपनी महीने की कमाई का कम से कम 25 फीसदी हिस्सा सेव करना है. अगर आप इससे ज्यादा सेव करते हैं तो सोने पर सुहागा है. लेकिन आज से आपको हर हाल में बचत करनी है. आप अपने पैसों को कई तरह की स्कीमों में इनवेस्ट कर सकते हैं जहां आपको बढ़िया इंटरेस्ट मिलेगा. इस तरह आपकी सेविंग बढ़ती जाएगी.

 

30 के बाद हड्डियां कमजोर तथा पाचनतंत्र जट्ठर होने से शरीर मे तरह-तरह की बीमारियां घर करने लगती और बेहद तकलीफ का सामना करना पडता हैं।

गलत खानपान और खराब जीवनशैली की वजह से आजकल 25 से 30 साल के युवा भी हड्डियों में दर्द की शिकायत करने लगे हैं. हालांकि 30 के बाद हर व्यक्ति की बोन डेंसिटी कम होने लगती है. बोन डेंसिटी हड्डियों में मौजूद मिनरल्स की मात्रा को कहा जाता है. अगर आपकी बोन डेंसिटी कम होने लगती है तो इसका मतलब है कि आपकी हड्डियों तक जितने मिनरल्स पहुंच रहे हैं, उससे ज्यादा उससे बाहर जा रहे हैं. बोन डेंसिटी उम्र बढ़ने के साथ कम होती जाती है इसलिए अपनी हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए आपको 30 के बाद कैल्शियम, विटामिन डी और मिनरल्स से भरपूर आहार को डाइट में शामिल कर लेना चाहिए. इसके साथ ही नियमित कसरत करनी चाहिए और कैफीन, शराब और तंबाकू का सेवन कम से कम कर देना चाहिए.

अगर आप 30 क्रॉस कर चुके हैं और लोगों के तानों और बार-बार पूछताछ से तंग आकर शादी करने की सोच रहे हैं तो ऐसा ना करें. शादी पूरे जीवनभर का कमिटमेंट है जो आपको किसी दूसरे व्यक्ति के साथ निभाना है. ऐसे में लोगों और दुनिया के डर से कोई ऐसा फैसला ना करें जिससे आपको आगे चलकर पछताना पड़े. अब जमाना बदल चुका है. लोगों की सोच और जिम्मेदारियां भी बदल चुकी हैं. जल्दी शादी का कॉन्सेप्ट बीत चुका है. अगर आप 30 के पार हो चुके हैं तो इसका मतलब ये नहीं है आप आपकी जिंदगी का मकसद सिर्फ शादी करना है आपको जब लगे कि आप इस बंधन के लिए तैयार हैं तब ही शादी करें.

30 की उम्र के बाद के रिलेशनशिप होते हैं खास

कई रिसर्च में ये सामने आया है कि अर्ली ट्वंटीस की तुलना में 30 के आसपास बनने वाले रिश्ते ज्यादा मजबूत होते हैं. वास्तव में इस उम्र तक लोग खुद को पहचानना और समझना शुरू कर देते हैं और वो अपने पार्टनर को भी समझते हैं. वो खुद को स्वीकार करने लगते हैं और दूसरों को भी वैसे ही स्वीकार करते हैं जो वो हैं. वो दूसरों को जबरन बदलने की कोशिश नहीं करते. इस उम्र तक लोगों को अपने ऊपर भरोसा हो जाता है और उनकी दूसरों पर भरोसा करने की क्षमता भी बढ़ती है. उम्र के इस पड़ाव तक आते-आते लोग अपने पार्टनर को ज्यादा प्यार, तवज्जो और इज्जत देने लगते हैं.

इस खबर में हमने आपको 30 के बाद की जिंदगी के कुछ पहलुओं के बारे में बताया. अगर आप इस पड़ाव से गुजर रहे हैं तो इसे खुलकर स्वीकार करें और ऐसे काम कीजिए जिससे आपकी बाकी जिंदगी हर तरह से खुशगवार गुजरे।सधन्यवाद और यही शुभाशीर्वाद

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