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जानिए ऐसी हस्तरेखा निशान वाले महिला-पुरुषों होते हैं भाग्यवान

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जानिए ऐसी हस्तरेखा निशान वाले महिला-पुरुषों होते हैं भाग्यवान

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टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट

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वाराणसी । हस्तरेखा सामुद्रिक विज्ञान के अनुसार, राजयोग (राजकीय योग) हथेली में विशेष रेखाओं और चिन्हों के संयोजन से बनता है। Navbharat Times के अनुसार, कुछ मुख्य रेखाएं जो राजयोग का संकेत देती हैं, वे हैं: अनामिका (छोटी उंगली) के पास से मस्तिष्क रेखा से मिलने वाली रेखा, हृदय रेखा के सिरे पर गुरु पर्वत के पास त्रिशूल का निशान, सूर्य रेखा पर त्रिशूल का निशान, और भाग्य रेखा का शनि पर्वत या गुरु पर्वत तक जाना. इसके अलावा, हथेली में मछली का चिन्ह, घोड़ा या स्तंभ का निशान, धनुष, चक्र, माला, वज्र, रथ, आसन या चतुष्कोण जैसे निशान भी राजयोग के संकेत हैं.

नियम रत्नाभूषण: यह एक प्राचीन ज्योतिष ग्रंथ है जो रत्नों के उपयोग और उनके प्रभाव के बारे में जानकारी प्रदान करता है। Navbharat Times के अनुसार, राजयोग को मजबूत करने के लिए, कुछ विशेष रत्न पहने जा सकते हैं, जैसे कि माणिक, नीलम, पुखराज, मोती, और हीरा.

हस्तरेखा और राजयोग के लिए नियम रत्नाभूषण का उपयोग: हस्तरेखा के माध्यम से राजयोग की पहचान:

सबसे पहले, अपनी हथेली में राजयोग के संकेत देने वाली रेखाओं और चिन्हों को पहचानें।

रत्नों का चयन: हस्तरेखा के अनुसार, यदि आपकी हथेली में राजयोग के संकेत हैं, तो आप नियम रत्नाभूषण के अनुसार, अपनी राशि और हस्तरेखा के अनुसार उपयुक्त रत्न चुन सकते हैं।

रत्नों का उपयोग: रत्नों को सही ढंग से पहनें और उनके प्रभाव को महसूस करें।

ध्यान: रत्न धारण करते समय, अपनी बुद्धि और विवेक का उपयोग करें और नियम रत्नाभूषण के अनुसार रत्नों के उपयोग के नियमों का पालन करें।

निष्कर्ष: हस्तरेखा शास्त्र और नियम रत्नाभूषण दोनों ही राजयोग की पहचान और उसके लाभों को बढ़ाने के लिए उपयोगी हैं। हस्तरेखा के माध्यम से, आप अपने जीवन में राजयोग के संकेतों को पहचान सकते हैं और ननियम रत्नाभूषण के अनुसार रत्नों का उपयोग करके अपने जीवन में राजयोग के लाभों को बढ़ा सकते हैं।

हस्तरेखा शास्त्र में हथेली पर बने निशानों रेखाओं की सहायता से व्यक्ति के भविष्य से जुड़ी बातों की जानकारी मिलती है. किस्मत में राजयोग होने पर व्यक्ति राजा के समान सुख-सुविधाओं से भरा जीवन व्यतीत करता है. हस्तरेखा शास्त्र (Hast Rekha Shastra) के अनुसार, राजयोग की जानकारी हथेली की रेखाओं से मिल सकती है.

हस्तरेखा के अनुसार हथेली में त्रिशुल का निशान होना बहुत भाग्यशाली माना जाता है. जिस व्यक्ति की हथेली पर हृदय रेखा के स‌िरे पर गुरु पर्वत के पास त्रिशूल का निशान हो वह समाज में गौरव एवं सम्मान प्राप्त करता है. इसके अलावा यदि सूर्य रेखा पर त्रिशूल का निशान बना हो तो व्यक्ति को सरकारी क्षेत्र में लाभ एवं उच्च पद प्राप्त होता है,.

यदि किसी व्यक्ति की हथेली पर मछली का चिन्ह हो तो शुभ माना जाता है. हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार व्यक्ति की हथेली में जीवन रेखा या भाग्य रेखा पर मछली का चिन्ह हो तो भाग्यशाली होता है. हथेली पर ये निशान लंबी आयु का भी प्रतीक माना जाता है.

जिस जातक के हाथ की हथेली के मध्य में घोड़ा बना हो या फिर स्तंभ जैसा निशान हो तो ऐसे व्यक्ति को जीवन में राज सुख मिलता है. साथ ही धनवान भी होता है.

जिस व्यक्ति की हथेली पर धनुष, चक्र, माला, वज्र, रथ, आसन या चतुष्कोण होता है, उस पर हमेशा लक्ष्मी की कृपा बरसती है. ऐसा व्यक्ति कभी भी निर्धन नहीं होता. यदि जातक के अंगूठे में मछली का चिन्ह, वीणा या सरोवर जैसा निशान होते हैं तो व्यक्ति यशस्वी होता है. निश्चित तौर पर धनवान होने के साथ करोड़पति तक की सीमा तक पहुंचता है. बता दें कि ये निशान बहुत बारीकी से देखे जाते हैं.

जिस जातक के हाथ के शनि पर्वत पर त्रिशूल का चिन्ह हो, चंद्र रेखा का भाग्य रेखा से संबंध हो या भाग्य रेखा हथेली के मध्य से प्रारंभ होकर गुरु पर्वत तक जाए तो ऐसे व्यक्ति राज अधिकारी पद प्राप्त करता है.

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